लालू यादव के करीबी आरजेडी विधायक रीतलाल यादव ने गुरुवार सुबह साढ़े 7 बजे दानापुर कोर्ट में सरेंडर कर दिया। ACJM 5 प्रियंका कुमारी के कोर्ट में विधायक के साथ चिक्कू यादव, पिंकू यादव, श्रवण यादव समेत 4 लोगों ने सरेंडर किया।
उन पर बिल्डर ने रंगदारी मांगने, जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया था। सरेंडर के बाद कोर्ट ने उन्हें बेऊर जेल भेज दिया है। विधायक की ओर से फिलहाल बेल की अपील नहीं की गई है।
11 अप्रैल को उनके 11 ठिकानों पर STF और बिहार पुलिस ने रेड की थी। जिसके बाद से वो फरार चल रहे थे।
छापेमारी में लगभग 10.5 लाख कैश, 77 लाख का ब्लैंक चेक, 6 संदिग्ध ब्लैंक चेक, 14 डीड और एग्रीमेंट, 17 चेक बुक, स्टांप पेपर, 6 पेन ड्राइव और एक वॉकी-टॉकी बरामद किए गए थे।
रेड के बाद सिटी एसपी सरथ आरएस ने बताया था कि ‘6 से 7 लोगों ने शिकायत की थी। इसके बाद पटना पुलिस ने रीतलाल यादव, उसके भाई पिंकू यादव, भतीजे धीरज, सुनील महाजन समेत अन्य के खिलाफ FIR दर्ज की थी। कोर्ट के आदेश पर छापेमारी की गई।’
500 से अधिक जवानों के साथ हुई थी रेड
11 अप्रैल को STF और पटना पुलिस ने एक साथ छापेमारी की थी। विधायक के घर-ऑफिस को 500 से अधिक पुलिसकर्मियों ने घेर लिया था।
पुलिस की टीम एक साथ रीतलाल के कोथवा स्थित आवास, कार्यालय, नौबतपुर, गोला रोड अभियंता नगर स्थित महाजन मेंशन, बिहटा, पटना समेत अन्य ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान आर्म्स डिटेक्टर से घर की तलाशी की गई।
छापेमारी में लगभग 10.5 लाख कैश, 77 लाख का ब्लैक चेक, 6 संदिग्ध ब्लैक चेक, 14 डीड और एग्रीमेंट, 17 चेक बुक, स्टांप पेपर, 6 पेन ड्राइव और एक वॉकी-टॉकी बरामद किया गया। अब रीतलाल के केस में EOU की एंट्री हो सकती है।
बीजेपी ने वांटेड के पोस्टर किए थे सोशल मीडिया पर पोस्ट
बिहार पुलिस रीतलाल यादव की तलाश में थी। वहीं 15 अप्रैल को बीजेपी ने अपने एक्स हैंडल पर विधायक के फरार होने के पोस्टर लगाए थे। पोस्ट में लिखा गया – ‘भ्रष्टाचारियों को सत्ता में लाना है या बिहार को सुरक्षित बनाना है? फैसला आपका है, सोचिएगा ज़रूर।’
भाजपा नेता की हत्या के बाद चर्चा में आए थे रीतलाल
रीतलाल का जन्म पटना के कोथवा गांव में हुआ। कहा जाता है कि दानापुर डिवीजन से जितने भी रेलवे टेंडर निकलते थे, वो रीतलाल के पास ही जाते थे।
भाजपा नेता सत्यनारायण की हत्या के बाद रीतलाल एक बार फिर तब चर्चा में आए, जब बख्तियारपुर में चलती ट्रेन में दो रेलवे ठेकेदारों की हत्या कर दी गई। इसका आरोप भी रीतलाल पर ही लगा। रीतलाल का एक विरोधी था चुन्नू सिंह। इसकी हत्या छठ के दिन घाट पर ही कर दी गई थी। इस हत्याकांड के बाद एक बार फिर रितलाल सुर्खियों में आए।







