बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर गुरुवार को बड़ी बैठक होने वाली है. यह बैठक महागठबंधन की होने वाली है, जिसमें राष्ट्रीय जनता दल, कांग्रेस, विकासशील इंसान पार्टी और कम्युनिस्ट पार्टियां शामिल होंगी. बैठक में तेजस्वी यादव, मुकेश सहनी, बिहार कांग्रेस प्रभारी सहित कई नेता मौजूद रहेंगे. बैठक में सीट बंटवारे को लेकर चर्चा हो सकती है और साथ ही चुनावी रणनीति पर भी चर्चा हो सकती है.
बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर अलग-अलग राजनीतिक पार्टियों ने तैयारी तेज कर दी है. विधानसभा चुनाव को लेकर अलग-अलग बैठकों का दौर भी शुरू हो गया है. इसी क्रम में आज पटना में महागठबंधन की अहम बैठक होने वाली है. इस बैठक में महागठबंधन की सहयोगी पार्टियां आरजेडी, कांग्रेस, वीआईपी और लेफ्ट के सभी दल शिरकत करेंगे और विधानसभा चुनाव को लेकर रणनीति पर चर्चा करेंगे. दरअसल 2 दिन पहले दिल्ली में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर हुई आरजेडी और कांग्रेस की बैठक के बाद अब पटना में होने वाली महागठबंधन की इस बैठक को काफी अहम माना जा रहा है.
बताया जा रहा है कि महागठबंधन की इस बैठक में विधानसभा चुनाव के लिए सीट बंटवारे, सीएम फेस, कॉमन एजेंडा प्रोग्राम समेत अन्य मुद्दों को लेकर चर्चा होगी. सूत्रों के अनुसार महागठबंधन की इस बैठक में विधानसभा चुनाव को लेकर सामूहिक रणनीति बनाने और समन्वय समिति के गठन पर विशेष बातचीत होगी. समन्वय समिति के जरिये ही चुनाव के लिए रणनीति बनाने के एजेंडे पर फोकस किया जाएगा. वहीं बीते कुछ दिनों से कांग्रेस और वीआईपी के इशारों ही इशारों में सीट की मांग पर सियासी गलियारे में छिड़ी बहस को लेकर भी इस बैठक में चर्चा होगी.
सीएम फेस और सीट शेयरिंग पर सहमति बनाने की होगी कोशिश
इस बैठक के दौरान सीएम फेस पर सहमति बनाने की कोशिश की जाएगी. दरअसल आरजेडी की ओर से तेजस्वी यादव को बार-बार महागठबंधन का सीएम फेस बताया जा रहा है. लेकिन, कांग्रेस इसको लेकर पूरी तरह से तैयार नहीं दिख रही है. ऐसे में बैठक के दौरान सीएम फेस को लेकर भी कुछ तय किया जा सकता है. वहीं बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र महागठबंधन में 50-70 सीटों का पेंच और मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर घमासान मचा हुआ है. कांग्रेस को आरजेडी 50 सीट से ज्यादा देने के मूड में नहीं है और तो कांग्रेस ने भी यह शर्त रख दी है कि 70 सीट में ही समझौता हो सकता है. साथ ही उपमुख्यमंत्री कांग्रेस से होगा यह पहले ही तय हो जाए. जबकि आरजेडी इसके लिए तैयार नहीं है. मामला यही फंस गया है. अब 17 अप्रैल यानि आज पटना में महागठबंधन की बैठक बुलाई गई है.
महागठबंधन की बैठक में किन-किन मुद्दों पर होगी चर्चा
बिहार में आज महागठबंधन की बैठक होने वाली है. इस बैठक में राजद और कांग्रेस सहित अन्य सहयोगी दलों के बीच सीट शेयरिंग को लेकर चर्चा होगी. इसके अलावा चुनाव प्रचार का स्वरूप एवं सीएम कैंडिडेट जैसे अन्य मुद्दों पर भी बात हो सकती है.
‘तेजस्वी यादव छोटे भाई, वो सीएम बनेंगे’
बिहार के नालंदा में कल एक जनसभा में विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के प्रमुख मुकेश सहनी ने कहा, “जब तक हमारे पास दो से तीन दर्जन विधायक नहीं होंगे, तब तक हमारी पार्टी आगे नहीं बढ़ेगी. अगर हमारे पास इतने विधायक होंगे, तो हमारी सरकार बनेगी और मेरे छोटे भाई तेजस्वी यादव सीएम बनेंगे और मैं डिप्टी सीएम बनूंगा.”
महागठबंधन की बैठक पर बोले तेजस्वी यादव
तेजस्वी यादव ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल पर पलटवार करते हुए कहा, ‘कोई किसी के मुंह पर ताला थोड़े ना लगा सकता है, जिसको जो बोलना है बोलने दीजिए. हम सब लोग बैठक शामिल होंगे. बैठक में आगामी चुनाव को लेकर रणनीति बनायेंगे. हम JDU के लोगों को नहीं सुनते हैं. दिल्ली में हम लोगों की बैठक बहुत बेहतर माहौल में हुआ, बहुत अच्छी बात हुई. चुनाव को लेकर क्या बात हुई. यह हम JDU या मीडिया में थोड़े ना बताने जा रहे हैं. हम लोग बहुत मजबूत हैं.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सेहत से जुड़े सवाल पर तेजस्वी ने कहा की किसको नहीं पता चुनाव के बाद क्या होने वाला है
महागठबंधन की बैठक पर बोले हम के प्रवक्ता
हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के मुख्य राष्ट्रीय प्रवक्ता श्याम सुन्दर शरण ने आज महागठबंधन की बैठक पर टिप्पणी करते हुए कहा, ‘ये शतरंज के पिटे हुए किरदार हैं. एक-दूसरे के लिए पीठ पीछे खंजर लिए घूमते हैं और साथ बैठने का नाटक करते हैं. जनता सब जानती है. जनता जानती है कि अगर इनको सत्ता मिली तो बिहार में फिर से अराजकता और महाजंगलराज कायम होगा. इसलिए इनको बिहार से आउट कर चुकी है इनका नोटिस तक नहीं लेती.’
महागठबंधन पर भाजपा का हमला
भाजपा प्रवक्ता प्रभाकर मिश्रा ने महागठबंधन पर हमला बोलते हुए कहा, ‘विपक्षी कुनबा महागठबंधन नहीं महाठगबंधन है. महाठगबंधन में जितने दल हैं, उन सभी के आका अपने को सीएम पद का उम्मीदवार मानते हैं. इसलिए एक तो सीएम के लिए तेजस्वी यादव के नाम पर सहमति बननी मुश्किल है. और ऊपर-ऊपर दिखावे के लिए सहमति बनाए जाने की नौटंकी की जाती है, तो बिहार की जनता तेजस्वी यादव के चेहरे पर वोट कभी नहीं देगी. जुगाड़ करके तेजस्वी यादव अगर सीएम पद के उम्मीदवार भले बन जाएं लेकिन सीएम कभी बन नहीं पाएंगे.’







