हाल ही में सेंट्रल ग्राउंड वाटर बोर्ड ने एक रिपोर्ट जारी की है. इसका नाम है ‘नेशनल कंपाइलेशन ऑन डायनामिक ग्राउंड वाटर रिसोर्सेज ऑफ इंडिया 2024’. इस रिपोर्ट में भारत के भूजल यानी जमीन के नीचे के पानी की स्थिति के बारे में बताया गया है. यह रिपोर्ट कहती है कि देश के कई राज्यों में भूजल का बहुत ज्यादा इस्तेमाल हो रहा है. खास तौर पर पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में हालात बहुत खराब है. इन राज्यों में खेती बहुत होती है और इसी वजह से भूजल तेजी से खत्म हो रहा है. रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि पूरे देश में भूजल का 87% हिस्सा खेती के लिए इस्तेमाल होता है. इसके अलावा घरों और फैक्ट्रियों में भी इसका इस्तेमाल होता है, लेकिन सबसे ज्यादा खपत खेती में ही है.
देश में भूजल की पूरी स्थिति
रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में भारत में हर साल 446.90 बिलियन क्यूबिक मीटर (BCM) भूजल जमीन में वापस आता है. इसका मतलब है कि बारिश और दूसरी प्राकृतिक प्रक्रियाओं से इतना पानी जमीन के अंदर जाता है. इसमें से 406.19 BCM पानी को निकाला जा सकता है. लेकिन इस साल पूरे देश में 245.64 BCM पानी निकाला गया. यानी देश में औसतन 60.47% भूजल का इस्तेमाल हो रहा है. इस निकाले गए पानी में से 87% यानी 213.29 BCM पानी खेती के लिए इस्तेमाल हुआ. घरों में 11% यानी 28.07 BCM और फैक्ट्रियों में 2% यानी 4.28 BCM पानी खर्च हुआ. यह साफ दिखाता है कि खेती भूजल की सबसे बड़ी खपत करने वाली है. अगर इसे नियंत्रित नहीं किया गया, तो भविष्य में पानी की बहुत बड़ी समस्या हो सकती है.
सबसे ज्यादा खतरे वाले राज्य
रिपोर्ट में कुछ राज्यों को चिंता का कारण बताया गया है. इन राज्यों में भूजल का इस्तेमाल इतना ज्यादा है कि जितना पानी जमीन में वापस आता है, उससे कहीं ज्यादा निकाला जा रहा है. ऐसे राज्यों में पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली, और दादरा नगर हवेली व दमन दीव शामिल हैं. इन जगहों पर भूजल का इस्तेमाल 100% से ज्यादा है. पूरे देश में 6,746 जगहों पर भूजल की जांच की गई. इनमें से 751 जगहों पर हालात बहुत खराब हैं. यानी इन 751 जगहों पर जितना पानी जमीन में आता है, उससे ज्यादा निकाला जा रहा है. यह देश की कुल जांच की गई जगहों का 11.13% है. इसके अलावा 715 जिलों की बात करें, तो 102 जिलों में भूजल का इस्तेमाल 100% से ज्यादा है. इनमें से 64 जिले सिर्फ तीन राज्यों—पंजाब, हरियाणा और राजस्थान—में हैं. पंजाब के 23 में से 19 जिले, हरियाणा के 22 में से 16 जिले, और राजस्थान के 33 में से 29 जिले इस सूची में हैं. यह दिखाता है कि इन राज्यों में भूजल की स्थिति कितनी गंभीर है.
पंजाब में भूजल की हालत
पंजाब में भूजल का इस्तेमाल बहुत ज्यादा है. यहां 2024 में भूजल का इस्तेमाल 156.87% रहा. इसका मतलब है कि जितना पानी जमीन में आता है, उससे डेढ़ गुना ज्यादा निकाला जा रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, पंजाब में हर साल 19.19 BCM पानी जमीन में वापस आता है. इसमें से 17.63 BCM पानी निकाला जा सकता है. लेकिन इस साल 27.66 BCM पानी निकाला गया. इस निकाले गए पानी में से 26.24 BCM खेती के लिए इस्तेमाल हुआ. पंजाब में 153 जगहों की जांच की गई. इनमें से 115 जगहों पर हालात बहुत खराब हैं. यानी 75.16% जगहों पर भूजल का इस्तेमाल जरूरत से ज्यादा है. संगरूर जिला इस मामले में सबसे आगे है. वहां भूजल का इस्तेमाल 313.24% है. यानी जितना पानी जमीन में आता है, उससे तीन गुना से भी ज्यादा निकाला जा रहा है. यह बहुत चिंता की बात है.
हरियाणा की स्थिति
हरियाणा में भी हालात अच्छे नहीं हैं. यहां भूजल का इस्तेमाल 135.96% है. हर साल 10.32 BCM पानी जमीन में आता है. इसमें से 9.36 BCM निकाला जा सकता है. लेकिन 2024 में 12.72 BCM पानी निकाला गया. इस पानी में से 11.47 BCM खेती के लिए इस्तेमाल हुआ. हरियाणा में 143 जगहों की जांच हुई. इनमें से 88 जगहों पर भूजल का इस्तेमाल बहुत ज्यादा है. यानी 61.54% जगहों पर हालात खराब हैं. कुरुक्षेत्र जिले में सबसे ज्यादा 228.42% पानी निकाला गया. यह दिखाता है कि हरियाणा में भी खेती के लिए भूजल पर बहुत ज्यादा निर्भरता है. अगर ऐसा ही चलता रहा, तो पानी की कमी हो सकती है.
राजस्थान का हाल
राजस्थान में भूजल का इस्तेमाल 149.86% है. यहां हर साल 12.58 BCM पानी जमीन में आता है. इसमें से 11.37 BCM निकाला जा सकता है. लेकिन 17.05 BCM पानी निकाला गया. इस पानी में से 14.51 BCM खेती के लिए इस्तेमाल हुआ. राजस्थान में 302 जगहों की जांच हुई. इनमें से 214 जगहों पर हालात खराब हैं. यानी 70.86% जगहों पर भूजल का इस्तेमाल बहुत ज्यादा है. जैसलमेर जिले में सबसे ज्यादा 228.42% पानी निकाला गया. यह पूरे देश में सबसे ज्यादा है. राजस्थान में पानी की कमी पहले से ही एक समस्या है. ऊपर से भूजल का इतना इस्तेमाल हालात को और खराब कर रहा है.
तमिलनाडु में भी चिंता
तमिलनाडु में औसतन 74.26% भूजल का इस्तेमाल हुआ. यह देश के औसत से ज्यादा नहीं है. लेकिन 9 जिलों में यह 100% से ज्यादा है. हर साल 21.51 BCM पानी जमीन में आता है. इसमें से 19.46 BCM निकाला जा सकता है. लेकिन 14.45 BCM पानी निकाला गया. इस पानी में से 13.51 BCM खेती के लिए इस्तेमाल हुआ. जिन जिलों में 100% से ज्यादा निकासी हुई, वे हैं: चेन्नई, डिंडीगुल, मयिलादुतुरई, नमक्कल, पेरंबलुर, सलेम, तंजावुर, तिरुपथुर और वेल्लोर. इन जिलों में भी भूजल की स्थिति पर ध्यान देना जरूरी है.
दूसरे प्रभावित राज्य
कुछ और राज्यों में भी भूजल का इस्तेमाल चिंता का कारण है. मध्य प्रदेश के 6 जिलों, उत्तर प्रदेश के 5 जिलों, कर्नाटक के 5 जिलों, गुजरात के 4 जिलों और तेलंगाना के हैदराबाद में भूजल का इस्तेमाल 100% से ज्यादा है. इन जगहों पर भी पानी की कमी का खतरा बढ़ रहा है.
भूजल खत्म होने की वजहें
रिपोर्ट में बताया गया है कि भूजल के खत्म होने की वजह हर इलाके में अलग-अलग है. उत्तर-पश्चिमी इलाकों जैसे पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में भूजल बहुत है. लेकिन लोग इसे जरूरत से ज्यादा निकाल रहे हैं. पश्चिमी इलाकों जैसे राजस्थान और गुजरात में सूखा इलाका है. यहां बारिश कम होती है, इसलिए पानी जमीन में कम जाता है. दक्षिणी इलाकों जैसे कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में चट्टानें ऐसी हैं जो पानी को कम रोक पाती हैं. इन वजहों से भूजल की मात्रा कम हो रही है.
क्या होगा अगर ऐसा ही चलता रहा?
अगर भूजल का इस्तेमाल इसी तरह होता रहा, तो कई बड़ी समस्याएं होंगी. सबसे पहले पानी की कमी हो जाएगी. खेती, घर और फैक्ट्रियों के लिए पानी नहीं बचेगा. खेती पर बहुत बुरा असर पड़ेगा. फसलें कम होंगी और किसानों की कमाई घटेगी. प्रकृति को भी नुकसान होगा. कुएं सूख जाएंगे, तालाब खाली हो जाएंगे और जमीन नीचे धंस सकती है. इससे देश की अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ेगा. पानी की कमी से कई काम रुक सकते हैं.
रिपोर्ट से कुछ खास बातें
रिपोर्ट में कई जरूरी बातें कही गई हैं. इसमें लिखा है कि कुछ राज्यों में भूजल का इस्तेमाल बहुत ज्यादा हो गया है. खासकर जहां खेती से कमाई होती है. पंजाब में तीन बड़ी नदियां—सतलुज, ब्यास और रावी—हैं. फिर भी भूजल का इस्तेमाल 156.87% है. देश में औसतन 60.47% भूजल का इस्तेमाल हो रहा है. यह भी बताया गया कि 6,746 जगहों में से 751 जगहों पर हालात खराब हैं.
क्या करना चाहिए?
यह रिपोर्ट बताती है कि भारत में भूजल को बचाना बहुत जरूरी है. पंजाब, हरियाणा और राजस्थान जैसे राज्यों में पानी के इस्तेमाल को कम करना होगा. खेती में पानी की बर्बादी रोकने के लिए नए तरीके अपनाने चाहिए. जैसे कि कम पानी वाली फसलें उगाना. बारिश का पानी जमीन में जाने के लिए कदम उठाने होंगे. जैसे कि तालाब बनाना और पेड़ लगाना. अगर ऐसा नहीं हुआ, तो आने वाले समय में पानी का बहुत बड़ा संकट हो सकता है. सरकार और लोगों को साथ मिलकर इस समस्या को हल करना होगा. नहीं तो भविष्य में पानी के लिए बहुत परेशानी होगी.







