बागेश्वर धाम सरकार के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री की पांच दिवसीय हनुमंत कथा के दौरान शांति और सौहार्द बिगाड़ने की एक बड़ी कोशिश की गई थी, जिसे पुलिस की तत्परता से नाकाम कर दिया गया था. हनुमंत कथा शांतिपूर्ण संपन्न होने के बाद घटना को लेकर पुलिस ने साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज की है. घटना 10 मार्च को हनुमंत कथा के समापन के दिन की बताई जा रही है. उस वक्त सोशल मीडिया में ‘प्रभात ब्रो’ नामक आईडी से एक झूठा वीडियो वायरल हुआ.इस वीडियो में कथावाचक पंडित धीरेंद्र शास्त्री पर हमला करने और अस्पताल में भर्ती करने की झूठी खबर फैलाई गई थी.
दरअसल, वीडियो को कई व्हाट्सएप ग्रुप्स पर शेयर किये गये, जिससे श्रद्धालुओं के बीच अफवाहें फैलने लगीं. पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इस वीडियो की सत्यता की जांच शुरू की और पाया कि यह पूरी तरह से फर्जी था. इसके जरिए समाज में शांति और सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश की गई थी. पुलिस ने आईटी एक्ट समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया और आरोपी की पहचान कर उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है. हालांकि, अभी तक आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है.
साइबर थाने के पुलिस पदाधिकारी विकास कुमार ने अपने फर्द बयान पर एफआइआर दर्ज कराते हुए बताया कि इस मामले में सख्त कार्रवाई की जा रही है. साइबर थाने की डीएसपी और थानाध्यक्ष अवंतिका दिलीप कुमार ने कहा कि पुलिस इस मामले में पूरी गंभीरता से काम कर रही है और आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा.
बता दें कि 5 से 10 मार्च तक गोपालगंज के भोरे प्रखंड स्थित राम-जानकी मठ में बागेश्वर धाम सरकार के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री की हनुमंत कथा आयोजित की गई थी. इस कथा में लाखों श्रद्धालु शामिल हुए थे. ऐसे में इस तरह की झूठी और भ्रामक वीडियो के वायरल होने से श्रद्धालुओं की आस्था को नुकसान पहुंचाने और कथा में शांति को बिगाड़ने की कोशिश की गई थी.पुलिस ने इसे गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दिया है.







