भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रभाकर मिश्र ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर कटाक्ष करते हुए कहा कि राजद में पद को लेकर घमासान मचा है। तेजस्वी यादव अपने पिता को हटाकर पार्टी की बागडोर जल्दी अपने हाथों में लेना चाहते हैं। यही नहीं, लालू परिवार के दूसरे लोग पार्टी में अपना दबदबा कायम करना चाहते हैं।
उन्होंने कहा, आलम यह है कि पद और पावर के लिए राजद में जबरदस्त धींगामुश्ती चल रही है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने अपने पिता लालू यादव को पूरी तरह हाइजैक कर लिया है। लालू की जुबान पर ताला और अभिव्यक्ति पर पहरा लगा दिया गया है। पार्टी में इस अराजकता की स्थिति को देखकर बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता पार्टी छोड़ने के मूड में हैं।
बोलता तो है दिखता नहीं: मनोज शर्मा
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता मनोज शर्मा ने कहा कि बिहार में सत्ता के लिए लालू परिवार ऐसे लार टपका रहा है जैसे उनके सामने कोई स्वादिष्ट व्यंजन हो। अभी लालू यादव के पूरे परिवार में एक मत नहीं हैं। लालू यादव मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को रिझाने में लगे तो, उनकी बेटी मीसा भारती लालू और नीतीश को दोस्ती की दुहाई दे रही है।
तेजस्वी यादव ऊपरी मन से विरोध जरूर कर रहे हैं, लेकिन वो ऐन-केन-प्रकारेण सत्ता में आना चाह रहे हैं। हालांकि, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास लालू परिवार की दाल नहीं गली। उन्होंने दो टूक में जबाब दे दिया कि जो दो बार राजद के साथ गए थे वो जीवन की सबसे बड़ी भूल थी। अब ऐसा कभी नहीं होगा।
तेजस्वी यादव की चुटकी लेते हुए शर्मा ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष के बारे में एक कहावत है नाम बड़े और दर्शन छोटे। आपकी दर्शन यात्रा भी छोटी दर्शन है। जिले में जाकर, चयनित लोगों से मिलकर, पिकनिक मनाकर निकल जा रहे है। वहां की जनता को ‘मिस्टर इंडिया’ की तरह ‘गायब’ दिखाई दे रहे हैं। उसी तरह से ‘ये बोलता तो बहुत है दिखता नही है।’
पीएम और सीएम की नीतियों के केंद्रबिंदु हैं युवा: विजय सिन्हा
उपमुख्यमंत्री एवं कला, संस्कृति व युवा मामलों के मंत्री विजय सिन्हा ने राजेंद्र नगर टर्मिनल से झंडी दिखा कर दिल्ली में आयोजित हो रहे 28वें राष्ट्रीय युवा उत्सव-2025 में राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रतिभागियों को बुधवार को विदा किया।
सिन्हा ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने जा रहे ये युवा कल के बिहार की असली पहचान बनेंगे। इनके बल पर ही आज राज्य की तस्वीर और तकदीर बदल रही है। स्वामी विवेकानंद ने जिस 21वीं सदी के भारत का सपना देखा था। हमारी युवाशक्ति आज अपने श्रम, सामर्थ्य एवं संकल्प से उस सपने को साकार करने में जुटी है।







