पूर्व आईपीएस अधिकारी आचार्य किशोर और पटना महावीर मंदिर के सचिव आचार्य किशोर कुणाल का निधन हो गया है. जानकारी के अनुसार किशोर कुणाल का निधन हृदय गति रुकने के कारण हुआ है. बताया जा रहा है कि रविवार की सुबह किशोर कुणाल को कार्डियेक अरेस्ट आया था और उन्हें तुरंत महावीर वात्सल्य अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका निधन हो गया. वो 74 साल के थे। आचार्य किशोर कुणाल का अंतिम संस्कार कल यानी सोमवार दोपहर 12 बजे सोनपुर के कोनहारा घाट पर किया जाएगा।
बता दें कि किशोर कुणाल महावीर मंदिर के सचिव पद पर पदस्थापित थे. इसके साथ ही उन्होंने महावीर कैंसर अस्पताल, महावीर वात्सल्य अस्पताल के स्थापना की थी. हाल ही में उन्होंने बाल कैंसर अस्पताल का शिलान्यास करवाया था. किशोर कुणाल सामाजिक कार्यों में बड़ी अभिरुचि रखते थे.
बता दें कि किशोर कुणाल का जन्म 10 अगस्त 1950 को बिहार में हुआ था. वे एक संस्कृत अध्येता भी थे. वे बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड के अध्यक्ष भी रहे थे. वर्तमान में किशोर कुणाल पटना के महावीर मंदिर न्यास के सचिव थे. किशोरण कुणाल पटना के प्रसिद्ध स्कूल ज्ञान निकेतन के संस्थापक भी थे.
बता दें कि अयोध्या विवाद पर विश्व हिंदू परिषद और बाबरी मस्जिद एक्शन कमेटी के बीच मध्यस्थता करने के लिए प्रधानमंत्री वीपी सिंह द्वारा प्रतिनिधि नियुक्त किये गए थे. वे चंद्रशेखर और पीवी नरसिम्हा राव के प्रधानमंत्रित्व काल के दौरान इस पद पर काम करते रहे थे.
किशोर कुणाल के निधन पर डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल, जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने शोक जताया है।
महावीर मंदिर न्यास के सचिव थे
आचार्य किशोर कुणाल बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड के अध्यक्ष और पटना के चर्चित महावीर मन्दिर न्यास के सचिव भी थे।
महावीर मंदिर न्यास बोर्ड पटना में कई स्कूलों और कैंसर अस्पताल का संचालन करती है। आचार्य किशोर कुणाल राजधानी पटना में ज्ञान निकेतन जैसे चर्चित स्कूल की स्थापना भी की।

सीएम नीतीश, डिप्टी सीएम समेत कई नेताओं ने जताया शोक
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किशोर कुणाल के निधन पर शोक जताया है। मुख्यमंत्री ने अपने शोक संदेश में कहा कि आचार्य किशोर कुणाल एक कुशल प्रशासक और संवेदनशील पदाधिकारी थे। उन्होंने महावीर मंदिर न्यास समिति के सचिव के पद पर रहते हुए सामाजिक और धार्मिक कार्यों को अच्छे से किया। उन्होंने बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद के अध्यक्ष पद पर रहते हुए अपने दायित्वों को निभाया। उनके निधन से प्रशासनिक, सामाजिक और धार्मिक क्षेत्र में अपूरणीय क्षति हुई है।
- महावीर मंदिर न्यास के सचिव और बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष आचार्य किशोर कुणाल जी के निधन की खबर से स्तब्ध हूं। आईपीएस की सेवा से रिटायर होने के बाद उन्होंने समाज सेवा में जो अभूतपूर्व योगदान दिया, वह हमेशा याद रखा जाएगा। जीतन राम मांझी, केंद्रीय मंत्री
- राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने महावीर न्यास परिषद के सचिव आचार्य किशोर कुणाल के निधन पर शोक जताया है।कहा है कि ये बिहार के लिए अपूरणीय क्षति है।
- किशोर कुणाल के निधन से पूरे बिहार को गहरा सदमा लगा है। ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें । ललन सिंह, केंद्रीय मंत्री
IPS की सेवा से रिटायर होने के बाद वे सामाजिक कार्यों से जुड़ गए थे. उन्होंने ‘मारुति-स्तुति मारुति-शतकम् जैसी पुस्तकों का संपादन किया था. उनकी महान कृति दलितदेवो भव थे. उन्होंने ऐतिहासिक दस्तावेज़ों का विश्लेषण करके यह निष्कर्ष निकाला था बाबरी मस्जिद का निर्माण बाबर ने नहीं बल्कि औरंगज़ेब ने करवाया था.
अपनी किताब में कई खुलासे किए
किशोर कुणाल ने अपनी किताब दमन तक्षकों में कई खुलासे किए थे। बिहार में चर्चित बॉबी हत्याकांड का जिक्र करते हुए किशोर कुणाल ने अपनी किताब में लिखा था कि गड़े हुए मुर्दे को भी निकाल कर जांच की गई थी। 15 दिनों तक उनके हाथ कुछ भी नहीं लगा और तो वह पटना के महावीर मंदिर में आकर बैठ गए, लेकिन, अगले 3 दिनों में ही वह इस घटना में सफलता मिली लेकिन जांच को सीबीआई को सौंप दिया गया था। किशोर कुणाल लिखते हैं कि इस मामले में कई सफेदपोशों को यह डर था उनका चरित्र जनता के बीच उजागर हो जाएगा इसलिए 40 विधायक 2 मंत्रियों ने मिल कर इस केस की जांच सीबीआई को दिलवा दी।







