इस बार का संसद का शीतकालीन सत्र काफी हंगामेदार रहा. सत्र के आखिरी दिनों में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी खूब सुर्खियों में रहे. अंबेकडर को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष ने संसद में खूब हंगामा किया. दोनों अंबेडकर को लेकर पूरे सत्र में एक-दूसरे को घेरते रहे. संसद परिसर में BJP सांसदों के साथ कथित तौर पर धक्का-मुक्की करने को लेकर राहुल के खिलाफ FIR भी BJP ने कराई. वहीं अब शीतकालीन सत्र खत्म होने के बाद अब नया अखाड़ा परभणि बनता जा रहा है. दरअसल राहुल गांधी सोमवार को महाराष्ट्र के परभणी जाएंगे और इस महीने की शुरुआत में हुई हिंसा में मारे गए दो लोगों के परिजनों से मिलेंगे.
राहुल गांधी गांधी अंबेडकरवादी सोमनाथ सूर्यवंशी के परिवारों से मिलेंगे, जिनकी कथित तौर पर पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी, और विजय वाकोडे, जो विरोध प्रदर्शन में भाग लेने के दौरान मारे गए थे. 10 दिसंबर की शाम को शहर में रेलवे स्टेशन के बाहर डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर की प्रतिमा के पास संविधान की कांच से बनी प्रतिकृति के साथ तोड़फोड़ किए जाने के बाद परभणी में हिंसा की खबर आई थी.
राहुल कर रहे हैं नाटक- BJP
हालांकि, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हाल ही में विधानसभा में कहा कि सूर्यवंशी ने मजिस्ट्रेट से कहा था कि उन्हें प्रताड़ित नहीं किया गया था. इसके अलावा, सीसीटीवी फुटेज में क्रूरता का कोई सबूत नहीं मिलता है. वहीं राहुल गांधी के इस दौरे को भाजपा ने ‘नाटक’ करार दिया है. राज्य भाजपा प्रमुख और राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा ‘राहुल गांधी अपने पूरे जीवन में नाटक करते रहे हैं. उन्हें संविधान के लिए कोई सम्मान नहीं है. कांग्रेस का बालासाहेब के संविधान के खिलाफ कई बार जाने का रिकॉर्ड है. यह उनकी आंखों में धूल झोंकने की राजनीति है. जब भी बालासाहेब ने चुनाव के जरिए संसद के लिए लड़ने की कोशिश की, तो कांग्रेस ने ही सुनिश्चित किया कि वे ऐसा न कर सकें. मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस पहले ही इस मामले में कार्रवाई कर चुके हैं.’
राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए शिवसेना नेता शाइना एन.सी. ने कहा, “राहुल गांधी का विशेष विमान से यात्रा करके यह दिखाना कि वे सोमनाथ सूर्यवंशी के परिवार के साथ हैं, पाखंड है. जब वे संसद भवन के बाहर हाथापाई देखते हैं तो वे चिंता क्यों नहीं जताते या समर्थन क्यों नहीं करते? राहुल गांधी का पाखंड साफ दिखाई देता है. हम सोमनाथ सूर्यवंशी के परिवार के साथ हैं और राहुल गांधी की तरह हम इस मामले में राजनीति नहीं कर रहे हैं.”
तारीखों में जानिए परभणी में क्या हुआ
10 दिसंबर: सोपन दत्ताराव पवार नाम के व्यक्ति ने परभणी रेलवे स्टेशन के सामने अंबेडकर स्मारक में संविधान की रेप्लिका पर लगा कांच तोड़ा था। भीड़ ने पवार को पीटा था। बाद में उसे पुलिस ने गिरफ्तार किया था। पुलिस के मुताबिक आरोपी मानसिक रोगी है।
11 दिसंबर: अंबेडकर स्मारक में तोड़फोड़ के विरोध में परभणी बंद बुलाया गया था। लोगों की मांग आरोपी को फांसी देने की थी। बंद के दौरान हिंसा भड़की। तोड़फोड़ और आगजनी हुई। भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े थे और लाठीचार्ज किया था।
हिंसा मामले में उसी रात पुलिस ने 50 लोगों को गिरफ्तार किया। इनमें सोमनाथ सूर्यवंशी भी शामिल था। दो दिन पुलिस कस्टडी में रखने के बाद उसे ज्यूडिशियल कस्टडी में भेजा था।
15 दिसंबर: पुलिस ने बताया कि सीने में दर्द की शिकायत पर सोमनाथ को अस्पताल लाए थे, यहां उसकी हार्ट अटैक से मौत हुई। राज्य सरकार ने सोमनाथ के परिवार को 10 लाख रुपए मदद की घोषणा की।
16 दिसंबर: सोमनाथ की मौत को लेकर परभणी में विरोध प्रदर्शन हुआ था। इसमें शामिल अंबेडकरी आंदोलन के नेता विजय वाकोड़े की हार्ट अटैक से मौत हुई थी।
फडणवीस बोले- पुलिस यातना नहीं, सोमनाथ को सांस लेने में परेशानी थी
21 दिसंबर को महाराष्ट्र विधानसभा में सीएम देवेंद्र फडणवीस परभणी घटना पर जवाब दिया था। उन्होंने कहा था कि सोमनाथ को सांस लेने में तकलीफ और अन्य बीमारियां थीं। मजिस्ट्रेट के सामने पेश किए जाने पर उसने किसी भी तरह की पुलिस यातना की शिकायत नहीं की थी।
सीएम ने कहा था कि सोमनाथ की मौत के मामले में ज्यूडिशियल जांच के आदेश दिए गए हैं। हिंसा की भी ज्यूडिशियल जांच कराई जाएगी। अंबेडकर किसी जाति तक सीमित नहीं हैं, वे सभी के हैं।
महाराष्ट्र भाजपा के अध्यक्ष और राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा- राहुल गांधी का दौरा नाटक है। उन्हें इस तरह के नाटक करने के जगह इसपर ध्यान देना चाहिए कि समाज को कैसे लाभ पहुंचाया जाए।
परिवार का आरोप सोमनाथ को बस्ती से उठाया
परिवार और लोगों का आरोप है कि सोमनाथ को दलित बस्ती से उठाया गया था। इसके बाद से वो पुलिस कस्टडी में था। 15 दिसंबर को उसकी मौत की खबर आई। पुलिस ने हार्ट अटैक की बात कही।
सोमनाथ की मां विजय ने कहा- बेटे से आखिरी बात 9 दिसंबर को हुई थी। इसके बाद उसका परिवार से किसी भी तरह का कॉन्टैक्ट नहीं हुआ था। बेटे की मौत की खबर के बाद परिवार परभणी जा रहा था, तब बताया कि शव पोस्टमॉर्टम के लिए औरंगाबाद भेजा गया है।
पुलिस के मुताबिक हिंसा की आशंका के चलते शव परभणी नहीं ले जा सकते, जिसकी पीड़ित परिवार मांग कर रहा था। पुलिस ने विजया से कहा था कि अगर स्थिति बगड़ी तो क्या वे इसकी जिम्मेदारी लेंगी। इस पर विजया ने पुलिस से कहा था- क्या वे (पुलिस) मेरे बेटे की मौत की जिम्मेदारी लेतें हैं?







