बिहार को लेकर बदलते नजरिये के बीच निवेशकों ने अपना पूरा भरोसा जताया है। अदाणी समूह, सन पेट्रोकेमिकल्स और कई अन्य कंपनियों ने शुक्रवार को बिहार में अक्षय ऊर्जा से लेकर सीमेंट, खाद्य प्रसंस्करण और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में रिकॉर्ड 1.81 लाख करोड़ रुपये का निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई। राज्य ने अपने दूसरे निवेशक सम्मेलन ‘बिहार बिजनेस कनेक्ट, 2024’ में 423 कंपनियों के साथ निवेश प्रतिबद्धताओं पर हस्ताक्षर किए।
बिहार में बिहार ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का असर दिखने लगा है. अब बड़े पैमाने पर निवेश की तैयारी की जा रही है, जिसका सीधा फायदा बिहार के लोगों को मिलेगा. बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के अनुसार बिहार में निवेश के सकारात्मक माहौल बनने की वजह से निवेशकों के लिए बिहार आकर्षण का नया केंद्र बन रहा है. दरअसल हाल के दिनों में बिहार में निवेश के लिए कई निवेशकों ने रुचि दिखाई है. ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में बिहार में कई और इंडस्ट्री जल्दी ही खुलेंगी.
सम्राट चौधरी का कहना है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पहल से बिहार में बना निवेश का माहौल बना है. अब बिहार सरकार उद्योग लगाने वालों को जमीन, बिजली, सड़क-सम्पर्क की ढांचागत सुविधाएं प्रदान कर रही है और आगे भी करेगी. बिहार में उद्योगों के लिए अब तक 8 हजार एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है, जिसके बाद 9 प्रमंडलों में टाउनशिप, कालोनी और औद्योगिक गलियारा विकसित होगा. उन्होंने बताया कि पटना से कुछ किलोमीटर दूर सोनपुर में उद्योग गलियारा के साथ बड़ा हवाई अड्डा बनाया जाएगा. इसके साथ ही भागलपुर, राजगीर , छपरा सहित 10 शहरों को एयर कनेक्टिविटी भी मिलेगी.
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार बिजनेस कनेक्ट-2024 में निवेशकों को भरोसा दिलाया कि बिहार में उद्योग लगाने वालों को जमीन, बिजली, सड़क-सम्पर्क , एयर कनेक्टिविटी जैसी मूलभूत ढांचागत सुविधाएं उपलब्ध होंगी. उद्योगों के लिए अब तक 8 हजार एकड़ भूमि का अधिग्रहण कर लिया गया है और अगले साल हमारे पास 10 हजार एकड़ भूमि केवल उद्योगों के लिए उपलब्ध रहेगी. सम्राट चौधरी बताते हैं कि बिहार के 9 प्रमंडलों में टाउनशिप, कालोनी और औद्योगिक गलियारा विकसित किया जाएगा. सोनपुर में उद्योग गलियारा के साथ बड़ा हवाई अड्डा बनाया जाएगा.
उन्होंने कहा कि बाल्मीकि नगर, सहरसा, भागलपुर, राजगीर , छपरा सहित 10 शहरों को विमान सेवा से जोड़ने और एयरपोर्ट विकसित करने के लिए केंद्र सरकार ने बिहार को 236 करोड़ रुपये दिये हैं। इस पर तेजी से काम होगा. राजधानी के ज्ञान भवन में दो दिवसीय (19-20 दिसम्बर ) ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट को संबोधित करते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि वर्ष 2005 में नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए सरकार आने के बाद से बिहार में उद्योग-धंधे के लिए वातावरण लगातार बेहतर हुआ है. बिहार में निवेश बढने से रोजगार के अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं.
सम्राट चौधरी ने कहा कि अब वो जमाना नहीं रहा, जब शाम होते बाजार बंद हो जाते थे और निवेशकों में फिरौती के लिए अपहरण-हत्या का भय समाया हुआ था. आज डबल इंजन की सरकार निवेशकों को सुविधाएं और सुरक्षा की गारंटी देती है. सम्राट चौधरी बताते हैं कि 1 लाख करोड़ से भी अधिक का MOU अब तक फाइनल हो चुका है. 350 कंपनी ने MOU के लिए कंफर्म कर दिया है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मौजूदगी में शुक्रवार को 350 कंपनियों के साथ निवेश सहमति पत्र (MOU) पर हस्ताक्षर करेंगे. इनमें आईफोन बनाने वाली फॉक्सकॉन कंपनी से बातचीत चल रही है. उन्होंने बिहार के विकास की चर्चा करते हुए कहा कि राज्य में बाढ़-नियंत्रण और बिजली उत्पादन के लिए केंद्र सरकार के सहयोग से जल्द ही पांच बड़े तटबंध (डैम ) बनाने जा रहे हैं.
बड़े उद्योगपति शामिल
राज्य में सबसे बड़े निजी निवेशक अदाणी समूह ने भी अत्याधुनिक बिजलीघर लगाने के साथ-साथ सीमेंट उत्पादन क्षमता, खाद्य प्रसंस्करण और लॉजिस्टिक कारोबार के विस्तार में लगभग 28,000 करोड़ रुपये का निवेश करने की प्रतिबद्धता जतायी है। इसके अलावा, सार्वजनिक क्षेत्र की एनटीपीसी की नवीकरणीय ऊर्जा इकाई एनटीपीसी ने स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं में 10,000 करोड़ रुपये का निवेश करने का प्रस्ताव दिया है। एसजेवीएन भी ने पंप स्टोरेज परियोजना के लिए इतनी ही राशि का निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई है।
प्रस्तावों पर हस्ताक्षर
टाटा समूह ने हालांकि किसी निवेश प्रतिबद्धता पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं, लेकिन उसने राज्य में कार्यबल को हुनरमंद बनाने की प्रतिबद्धता जतायी। मिश्रा ने कहा कि राज्य सरकार बिहार को देश में निवेश के लिए एक प्रमुख गंतव्य के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। मैं उन सभी लोगों के प्रति अपनी हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त करता हूँ जिन्होंने निवेशक सम्मेलन में भाग लिया और बिहार की इस नई यात्रा का हिस्सा बने।
समापन पर बोली सरकार
दो दिवसीय सम्मेलन के समापन पर उद्योग सचिव वंदना प्रेयसी ने संवाददाताओं को बताया कि बिहार सरकार ने 1,80,899 करोड़ रुपये के निवेश के साथ 423 इकाइयां स्थापित करने के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। उन्होंने कहा कि हम कंपनियों से मिली प्रतिक्रिया से अभिभूत हैं। यह हमारी उम्मीदों से परे है। सरकार अब इन निवेशों को हकीकत रूप देने पर ध्यान केंद्रित करेगी। उन्होंने कहा कि पिछले साल आयोजित निवेशक सम्मेलन में 50,300 करोड़ रुपये निवेश को लेकर समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये गये थे। उनमें से 38,000 करोड़ रुपये के प्रस्ताव पहले ही हकीकत बन चुके हैं।







