जिस माइक्रोसॉफ्ट कंपनी की दुनिया में धाक है. आज उसी के सर्वर ने ऐसा गच्चा दिया कि दुनिया रूक गई. दिल्ली से दुबई और अमेरिका लंदन तक तमाम एयरपोर्ट पर आज एक जैसी अफरा-तफरी रही. बड़े-बड़े कंप्यूटर स्क्रीन पर सर्वर डाउन का एक जैसा रंग रहा. भारत, ब्रिटेन, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और सऊदी अरब समेत दुनिया के कई देशों में एयरपोर्ट पर यात्रियों का जमावड़ा दिखा. माइक्रोसॉफ्ट संकट के चलते ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों में सरकारों ने इमरजेंसी बैठकें बुलाईं. इस संकट के पीछे ‘क्राउटस्ट्राइक’ को जिम्मेदार बताया जा रहा है, ये क्या है. इस संकट चलते कौन-कौन सी सेवाएं ठप रहीं. लोगों को किन-किन दिक्कतों का सामना करना पड़ा. आइए सबसे बड़े आउटेज की पूरा कहानी को जानते हैं.
अमेरिकी एंटी-वायरस कंपनी क्राउडस्ट्राइक के एक सॉफ्टवेयर अपडेट का असर माइक्रोसॉफ्ट पर पड़ा। इससे शुक्रवार (19 जुलाई) को सुबह 5 बजे से रात 8 बजे तक, करीब 15 घंटों तक माइक्रोसॉफ्ट के ऑपरेटिंग सिस्टम पर चलने वाले दुनियाभर के 95% कंप्यूटर ठप पड़ गए।
दुनियाभर में एयरपोर्ट, फ्लाइट, ट्रेनें, हॉस्पिटल, बैंक, रेस्तरां, डिजिटल पेमेंट, स्टॉक एक्सचेंज, टीवी चैनल से लेकर सुपर मार्केट जैसी जरूरी सेवाएं रुक गईं। सबसे ज्यादा असर एयरपोर्ट पर देखा गया। दुनियाभर में 3% यानी करीब 4,295 फ्लाइट कैंसिल करनी पड़ीं।
केवल अमेरिका में ही 1100 फ्लाइट रद्द और 1700 डिले हुईं। भारतीय समयानुसार इसका असर सुबह 10:40 बजे दिखना शुरू हुआ। मुंबई, दिल्ली, चेन्नई, बेंगलुरु समेत देश के बड़े एयरपोर्ट पर भारी भीड़ देखी गई। ऑनलाइन सर्विसेज ठप होने से कई एयरपोर्ट पर फ्लाइट बोर्डिंग पास हाथ से लिखकर दिए गए। हालांकि शाम तक कई सेवाएं सामान्य होने लगीं।
इतने व्यापक असर के चलते यह इतिहास का सबसे बड़ा आईटी संकट बन गया है। इसे ‘डिजिटल पैंडेमिक’ भी बताया जा रहा है। माइक्रोसॉफ्ट ने सुबह करीब 5 बजे इसकी जानकारी दी थी। हालांकि, एपल और लाइनक्स के यूजर्स इससे प्रभावित नहीं हुए।
ठप हुईं क्या-क्या सेवाएं?
शुक्रवार 10 बजे, आम दिनों की तरह ही एयरपोर्ट पर यात्रियों की चहल-पहल थी. करीब 45 मिनट यानी 10:45 बजे बाद, दुनियाभर में कुछ ऐसा हुआ कि हर तरफ हाहाकार मच गया. एयरलाइंस के सर्वर में खराबी आने की खबरें आने लगीं. ग्लोबल एयरपोर्ट, टीवी, स्टॉक मार्केट सब कुछ ठप पड़ गया. ब्रिटेन में तो स्काई न्यूज का ऑफ एयर हो गया. वहां, रेलवे सेवाएं भी बंद हो गईं. इनके अलावा बैंकिंग, टीवी टेलीकास्ट, स्टॉक एक्सचेंज और हॉस्पिटल्स में सर्विसेज् बंद हो गईं. इजरायल में सेंट्रल बैंक के कामकाज प्रभावित हुए. वहीं डेनमार्क में फायर अलार्म सिस्टम बंद हो गया.
1500 से ज्यादा उड़ानें रद्द
ग्लोबल स्टॉक मार्केट में तूफान सा आ गया. मार्केट में काफी उथल-पुथल देखने को मिली. सर्वर ठप होने से एयरपोर्ट्स पर यात्रियों की मुसीबतें काफी बढ़ गईं. उनको मैनुअली चेक इन करना पड़ा. सैकड़ों लोग चेक इन भी नहीं कर पा रहे थे. टिकट काउंटर्स पर लोगों की लंबी-लंबी कतारें लगीं देखी गईं. रिपोर्ट्स के अनुसार, ग्लोबल लेवल पर 1,500 से ज्यादा उड़ानें रद्द हुईं और दुनियाभर में 18 हजार से ज्यादा फ्लाइट्स डिले हुईं. एयरपोर्ट पर बुकिंग, चेक-इन और फ्लाइट अपडेट जैसी सर्विसेज् ठप रहीं.
भारत में दिखा व्यापक असर
माइक्रोसॉफ्ट सर्वर के ठप होने का व्यापक असर भारत में भी देखने को मिला. घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय दर्जनों फ्लाइट्स कैंसिल करनी पड़ी. कई फ्लाइट के रूट में बदलाव किया गया. देश में कई एयरपोर्ट में मैन्युअल चेक इन करना पड़ा, जिसमें दिल्ली, वाराणसी चेन्नई, अहमदाबाद, मुंबई, हैदराबाद, कोलकाता, जयपुर, भोपाल, पटना जयपुर जैसे एयरपोर्ट शामिल हैं. एयरपोर्ट पर यात्रियों की लंबी-लंबी कतारें देखी गईं. डीजीसीए ने कहा कि, ‘अभी तक एयरलाइन्स को बंद करने पर कोई फैसला नहीं लिया गया.’ वहीं, एयर इंडिया ने कहा कि ‘हमारा डिजिटल सिस्टम प्रभावित हुआ.’
‘…माइक्रोसॉफ्ट के संपर्क में हैं’
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस पूरे मामले पर अपना बयान जारी किया. बताया गया ग्लोबल क्राइसिस में भारत माइक्रोसॉफ्ट के संपर्क में हैं. एक्स पर एक पोस्ट में उन्होंने लिखा है कि Microsoft और उसके सहयोगियों के संपर्क में हैं. इस आउटेज के कारण की पहचान कर ली गई है और समस्या के समाधान के लिए अपडेट जारी कर दिए गए हैं. CERT एक तकनीकी सलाह जारी कर रहा है. एनआईसी नेटवर्क प्रभावित नहीं है.
हैकर अटैक या मशीनरी में दिक्कत?
टेक्नोलॉजी के जमाने में एक सर्वर से कैसे पूरी दुनिया थम सकती है. आज इस सबूत समूची दुनिया ने अपनी आंखों से देख लिया. उड़ान भरना तो दूर बोर्डिंग पास तक नहीं निकला. माइक्रोसॉफ्ट के ग्लोबल सर्वर पर हैकर्स ने अटैक किया या फिर इंटरनल मशीनरी ने काम करना बंद कर दिया. पूरी दुनिया में माइक्रोसॉफ्ट सर्वर के ठप होने की खबर किसी एटम बम की तरह गिरी. एयरपोर्ट्स पर यात्री फंस गए, यहां भी दर्जनों फ्लाइट रद्द हो गईं. इस तरह सबसे ज्यादा मार एयरलाइंस कंपनियों पर पड़ी है.
माइक्रोसॉफ्ट ने क्या कहा?
सर्वर डाउन को लेकर माइक्रोसॉफ्ट ने कहा कि हमें समस्या की जानकारी है. हमने कई टीमों को इसे सुलझाने में लगाया है. हमने इसके कारण का पता लगा लिया है. इससे वहीं यूजर प्रभावित हुए हैं जो माइक्रोसॉफ्ट एज्योर का इस्तेमाल करते हैं.
सर्वर ठप होने के पीछे की वजह क्या?
सर्वर ठप होने के 30 मिनट तक खूब सस्पेंस बना रहा. इसी बीच ब्रिटेन में स्काई न्यूज चैनल ही ब्लैक आउट हो गया. इससे राज और गहराने लगा कि आखिर ये कैसे हो गया. जांच पड़ताल की गई तो पता चला कि CrowdStrike नाम के एंटी-वायरस अपडेट करने से सर्वर ठप हुआ. आउटेज से माइक्रोसॉफ्ट विंडोज में खराबी आई.
क्या है क्राउड स्ट्राइक
CrowdSrike एक साइबर सिक्योरिटी फर्म है, जो यूजर्स को सिक्योरिटी सॉल्यूशन प्रोवाइड करता है. ये कंपनी सभी प्रकार के साइबर हमलों को रोकने के लिए काम करता है. इसमें मेलवेयर और बहुत कुछ शामिल है. क्राउडस्ट्राइक ‘फाल्कन सेंसर’ के अपडेट की वजह से ही माइक्रोसॉफ्ट में बड़े पैमाने पर सर्वर डाउन हुआ.
‘…ये साइबर अटैक नहीं’
ग्लोबल क्राइसिस पर क्राउडस्ट्राइक के सीईओ जॉर्ज कर्ट्ज ने कहा कि समस्या अलग-अलग है. समाधान लागू किया गया है. उनका कहना है कि, ‘यह साइबर अटैक नहीं है’. उन्होंने आगे बताया कि प्रोब्लम की पहचान कर ली गई है. उसे अलग कर दिया गया है. तकनीकी खराबी को ठीक करने में एक्सपर्ट्स की टीम लगा रखा है.
क्राउडस्ट्राइक के शेयर में बड़ी गिरावट
क्राउडस्ट्राइक के शेयर शुक्रवार को बड़ी गिरावट के साथ बंद हुए। यह गिरावट एक अपडेट के कारण वैश्विक स्तर पर हुए ऑनलाइन आउटेज के बाद दर्ज की गई। इस तकनीकी खराबी से दुनिया भर के कारोबार प्रभावित हुए। क्राउडस्ट्राइक कंपनियों को अपनी सुरक्षा का प्रबंधन करने में मदद करने के लिए सॉफ्टवेयर बनाती है। इसके शेयर शुक्रवार को 14% से ज्यादा की गिरावट के साथ खुले और लगभग 11% नीचे बंद हुए।
इससे पहले के कुछ कारोबारी सत्रों में भी कंपनी के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार को अमेरिकी बाजार की प्री ओपनिंग में कंपनी के शेयर 19% तक तक पिटते दिखे थे। पिछले पांच दिनों में कंपनी के शेयर 17.92% तक टूट चुके हैं। हालांकि, बीते 12 महीनों की बात करें तो क्राउडस्ट्राइक के शेयरों में जबरदस्त मजबूती दिखी है। कंपनी के शेयर बीते एक वर्ष में 118% तक उछले हैं।
ग्लोबल आउटेज के कारण माइक्रोसॉफ्ट को तगड़ा नुकसान
माइ्रक्रोसॉफ्ट के शेयर अमेरिकी शेयर बाजार में 0.76% की गिरावट के साथ बंद हुए। दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों में शुमार माइक्रोसॉफ्ट को आउटेज के दौरान तगड़ा झटका लगा है। माइक्रोसॉफ्ट को आईटी सिस्टम क्रैश के बाद कुछ ही घंटों में 23 बिलियन डॉलर यानी 19.25 खरब रुपयों का नुकसान झेलना पड़ा। इसका असर दुनिया भर की कंपनियों तक देखा गया। आईटी सिस्टम क्रैश होनी की वजह से टेक दिग्गज कंपनी माइक्रोसॉफ्ट के शेयरों की कीमत में 0.71 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इस वजह से शेयर बाजार बंद होने तक कंपनी की कीमतों में लगभग 23 बिलियन डॉलर की गिरावट दर्ज की गई।
निवेश डेटा मंच स्टॉकलिटिक्स का विश्लेषण कहता है कि माइक्रोसॉफ्ट के एक शेयर की कीमत 19 जुलाई की सुबह 10.09 बजे तक 443.52 डॉलर थी। आईटी आउटेज होने की वजह से यह कीमत प्रति शेयर घटकर 440.37 डॉलर पर आ गई। वैश्विक बाजार में माइक्रोसॉफ्ट को एप्पल की तरह तकनीक दिग्गज (Tech Giant) कंपनियों की श्रेणी में रखा जाता है। आईटी आउटेज से पहले माइक्रोसॉफ्ट का कुल बाजार मूल्य 3.27 लाख करोड़ डॉलर था। अगर कंपनी के एक शेयर की कीमत में 0.1 फीसदी की भी कमी आती है, तो कंपनी को लगभग 3.33 बिलियन डॉलर (2.78 खरब रुपये) का नुकसान होता है।
वायरल हुई विंसेंट की पोस्ट
पूरी दुनिया में इस बात की चर्चा है कि हाल के समय के सबसे बड़े आईटी संकट के पीछे क्या वजह है? और इसके पीछे कौन है? इन सभी सवालों के बीच विंसेंट फ्लीबस्टियर नाम का एक शख्स सामने आया है। दरअसल विंसेंट ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर खुद को क्राउडस्ट्राइक का कर्मचारी बताया और दावा किया कि उसकी गलती की वजह से माइक्रोसॉफ्ट का सर्वर डाउन हुआ और पूरी दुनिया इससे प्रभावित हुई। विंसेंट ने अपने पोस्ट में क्राउडस्ट्राइक में के ऑफिस में अपनी एक तस्वीर को साझा करते हुए लिखा ‘क्राउडस्ट्राइक में पहला दिन। एक छोटा सा अपडेट किया और फिर दोपहर में छुट्टी ले ली।’ विंसेंट की यह फोटो कुछ ही देर में वायरल हो गई और लाखों लोगों ने इस लाइक किया और 36 हजार से ज्यादा लोगों ने शेयर किया।
विंसेंट के झूठ को लोगों ने सच माना
बाद में पता चला कि विंसेंट ने सिर्फ मजाक किया है, लेकिन तब तक लाखों लोग विंसेंट के झूठ को सच मान चुके थे। करीब दो घंटे बाद विंसेंट ने एक और पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने लिखा कि कंपनी ने उन्हें नौकरी से निकाल दिया है। विंसेंट ने लिखा कि ‘सिस्टम एडमिन के रूप में उसका क्राउडस्ट्राइक में पहला दिन था और अति उत्साह में उसने एक छोटा सा अपडेट किया और फिर घर चला गया, लेकिन शायद मुझे ऐसा नहीं करना चाहिए था। मुझे बिना टेस्टिंग के अपडेट को प्रोडक्शन में नहीं डालना चाहिए था। इससे तकनीकी समस्या हुई और उसके चलते मुझे नौकरी से निकाल दिया गया।’
विंसेंट ने बताया क्यों उसने झूठ बोला
विंसेंट एक व्यंग्यात्मक लेखक है, जो नॉर्डप्रेस नामक एक बेल्जियन पैरोडी न्यूज वेबसाइट का संचालन करता है। एक टीवी बातचीत में विंसेंट ने कहा कि लोग उन कहानियों पर विश्वास करते हैं, जो उनकी पूर्वधारणा से मेल खाती है। विंसेंट ने बताया कि माइक्रोसॉफ्ट के सर्वर डाउन को लेकर किसी ने जिम्मेदारी नहीं ली थी और सोशल मीडिया पर कई तरह की साजिशों के दावे किए जा रहे थे। ऐसे में लोगों को एक ऐसा व्यक्ति चाहिए होता है, जो इसकी जिम्मेदारी ले। लोगों को नई जानकारी चाहिए थी और फर्जी जानकारी हमेशा नई होती हैं क्योंकि उन्हें कहीं और नहीं पढ़ा गया होता है। विंसेंट ने बताया कि इसी लिए उसने खुद को माइक्रोसॉफ्टर सर्वर डाउन होने के लिए जिम्मेदार ठहराया। कई यूजर्स ने विंसेंट के मजाक को समझ लिया था, लेकिन बड़ी संख्या में लोगों ने विंसेंट की बात को सच मान लिया।
दुनियाभर में कंप्यूटर ऑटोमेटिकली रिस्टार्ट होने लगे, स्क्रीन ब्लू हो गई

क्राउडस्ट्राइक के सॉफ्टवेयर अपडेट के कारण कंप्यूटर स्क्रीन पर नीले बैकग्राउंड के साथ मैसेज दिखा। इसे ब्लू स्क्रीन ऑफ डेथ (BSOD) कहा जाता है। ब्लू स्क्रीन ऑफ डेथ एक क्रिटिकल एरर स्क्रीन है जो विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम पर दिखाई देती है। जब यह एरर आता है, तो कंप्यूटर ऑटोमेटिकली रिस्टार्ट हो जाता है। डेटा खोने की भी संभावना रहती है।
इस आउटेज के बाद माइक्रोसॉफ्ट ने तुरंत कहा कि यह एक “थर्ड पार्टी इश्यू” है। दूसरे शब्दों में- ये उसकी गलती नहीं थी। माइक्रोसॉफ्ट के पास समस्या से निजात पाने का कोई ‘प्लान बी’ नहीं था। वह इंतजार करती रही कि खुद साइबर सिक्योरिटी फर्म इसे दूर करेगी।
यह खतरनाक स्थिति है। आर्थिक तंत्र के अहम घटकों की माइक्रोसॉफ्ट के ऑपरेटिंग सिस्टम पर अत्यधिक निर्भरता है। ऐसा नहीं है कि इसके विकल्प नहीं है। कई कंपनियां ‘लाइनेक्स’ और ‘मेक’ का इस्तेमाल करती हैं। लेकिन एयरलाइन और दूसरे उद्योग यह मानकर चल रहे थे कि माइक्रोसॉफ्ट में गड़बड़ी नहीं आ सकती।
अब समय आ गया है कि देश में वैकल्पिक ऑपरेटिंग सिस्टम के विकास को गंभीरता से लिया जाए। सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और यूपीआई जैसे वित्तीय टेक्नोलॉजी सिस्टम बनाना हमारी क्षमता बताता है। दुनिया में 95% कंप्यूटर माइक्रोसॉफ्ट के ऑपरेटिंग सिस्टम से चलते हैं। यह ‘मोनोपॉली’ खतरनाक है। इसका विकल्प ढूंढ़ने की जरूरत है।
क्राउडस्ट्राइक के अपडेट के कारण माइक्रोसॉफ्ट की सर्विस ठप हुई
क्राउडस्ट्राइक के अपडेट के कारण ही माइक्रोसॉफ्ट के एज्योर क्लाउड और माइक्रोसॉफ्ट 365 सर्विसेज में परेशानी आई है। माइक्रोसॉफ्ट ने कहा, “हमें समस्या की जानकारी है और हमने कई टीमों को इसे सुलझाने में लगाया है। हमने इसके कारण का पता लगा लिया है।” इससे वही यूजर प्रभावित हुए हैं जो माइक्रोसॉफ्ट एज्योर का इस्तेमाल करते हैं।
क्लाउड कंप्यूटिंग प्लेटफॉर्म है माइक्रोसॉफ्ट ऐज्योर
माइक्रोसॉफ्ट ऐज्योर क्लाउड कंप्यूटिंग प्लेटफॉर्म है। ये एप्लिकेशन और सर्विसेज को बनाने, डिप्लॉय और मैनेज करने का काम करता है। वहीं माइक्रोसॉफ्ट 365 प्रोडक्टिविटी सॉफ्टवेयर है, जिसमें वर्ड, एक्सेल, पावरपॉइंट, आउटलुक और वन नोट जैसे लोकप्रिय एप्लिकेशन शामिल हैं।
माइक्रोसॉफ्ट CEO सत्य नडेला ने रात 9:29 बजे X पर घंटों सर्विसेज ठप रहने पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा, ‘कल क्राउडस्ट्राइक ने एक अपडेट जारी किया, जिसने विश्व स्तर पर IT सिस्टम को प्रभावित किया। हम लोगों को उनके सिस्टम को सुरक्षित ऑनलाइन वापस लाने के लिए टेक्निकल गाइडेंस देने की दिशा में क्राउडस्ट्राइक और पूरे इंडस्ट्री के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।’
व्हाइट हाउस ने कहा- राष्ट्रपति जो बाइडेन को क्राउडस्ट्राइक आउटेज की जानकारी दी गई
व्हाइट हाउस ने कहा कि राष्ट्रपति जो बाइडेन को क्राउडस्ट्राइक आउटेज की जानकारी दी गई है। इसके कारण हुई ग्लोबल तकनीकी परेशानियों के बारे में बताया गया है।
अमेरिकन एयरलाइंस ने कहा- हमारा ऑपरेशन फिर शुरू हुआ
अमेरिकन एयरलाइंस ने फिर से ऑपरेशन शुरू होने की घोषणा की है।
एयरलाइन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, “आज सुबह एक वेंडर के साथ तकनीकी समस्या ने अमेरिकन सहित कई एयरलाइन्स को प्रभावित किया। सुबह 5 बजे से हमने सुरक्षित तरीके के अपना ऑपरेशन शुरू कर दिया है।”
कंपनी ने आगे लिखा है कि इस आउटेज के कारण अमेरिकन एयरलाइंस की सेवाओं में परेशानी का सामना करना पड़ा, लेकिन कंपनी इस समस्या को हल करने और अपने ऑपरेशन को बहाल करने में कामयाब रही।







