ADVERTISEMENT
Tuesday, July 7, 2026
No Result
View All Result
  • Login
  • Register
No Result
View All Result
UB INDIA NEWS
No Result
View All Result

साधना में जाते ही सब शून्य में समा गया…………..

UB India News by UB India News
June 4, 2024
in अध्यात्म, खास खबर
0
साधना में जाते ही सब शून्य में समा गया…………..
  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कन्याकुमारी में 45 घंटे ध्यान साधना पर देशवासियों को एक लेटर लिखा है। इसमें उन्होंने अपने अनुभव बताए हैं। PM मोदी ने बताया कि शुरू में चुनावी कोलहाल मेरे दिल-दिमाग में गूंज रहा था। लेकिन धीरे-धीरे आंखें नम हो रही थीं। मैं शून्यता में जा रहा था।

PM मोदी ने ये लेटर 1 जून को कन्याकुमारी से दिल्ली वापस आने के दौरान शाम 4:15 से 7 बजे के बीच लिखे थे। लेटर का शीर्षक है- कन्याकुमारी में साधना से नए संकल्प। इसमें उन्होंने कहा कि आज भारत का गवर्नेंस मॉडल दुनिया के कई देशों के लिए एक उदाहरण है।

RELATED POSTS

भारत के मंदिरों को चलाने में सरकार की क्या है भूमिका?

E20 पेट्रोल पर 66% लोगों का दावा- माइलेज 10% से ज्यादा गिरा………………..

PM मोदी का लेटर पूरा पढ़ें…

मेरे प्यारे देशवासियों,

लोकतंत्र की जननी में लोकतंत्र के सबसे बड़े महापर्व का समापन हो चुका है। तीन दिन तक कन्याकुमारी में आध्यात्मिक यात्रा के बाद, कितने सारे अनुभव हैं, कितनी सारी अनुभूतियां हैं। मैं एक असीम ऊर्जा का प्रवाह स्वयं में महसूस कर रहा हूं। वाकई, 2024 के इस चुनाव में कितने ही सुखद संयोग बने हैं। अमृतकाल के इस पहले लोकसभा चुनाव में मैंने प्रचार अभियान, 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरणास्थली मेरठ से शुरू किया था। मां भारती की परिक्रमा करते हुए इस चुनाव की मेरी आखिरी सभा पंजाब के होशियारपुर में हुई।

इसके बाद मुझे कन्याकुमारी में भारत माता के चरणों में बैठने का अवसर मिला। उन शुरुआती पलों में चुनाव का कोलाहल मन-मस्तिष्क में गूंज रहा था। रैलियों में, रोड शो में देखे अनगिनत चेहरे मेरी आंखों के सामने आ रहे थे। माताओं-बहनों-बेटियों का असीम प्रेम, उनका आशीर्वाद, उनकी आंखों में मेरे लिए वो विश्वास, वो दुलार। मैं सबकुछ आत्मसात कर रहा था। मेरी आंखें नम हो रही थीं। मैं शून्यता में जा रहा था, साधना में प्रवेश कर रहा था।

कुछ ही क्षणों में राजनीतिक वाद-विवाद, वार-पलटवार, आरोपों के स्वर-शब्द शून्य में समाते चले गए। मेरे मन में विरक्ति का भाव और तीव्र हो गया। मेरा मन बाहरी जगत से पूरी तरह निकला गया। इतने बड़े दायित्वों के बीच ऐसी साधना कठिन होती है, लेकिन कन्याकुमारी की भूमि और स्वामी विवेकानंद की प्रेरणा ने इसे आसान बना दिया। मैं ईश्वर का भी आभारी हूं कि उन्होंने मुझे जन्म से ये संस्कार दिए। मैं ये भी सोच रहा था कि स्वामी विवेकानंद जी ने उस स्थान पर साधना के समय क्या अनुभव किया होगा! मेरी साधना का कुछ हिस्सा इसी तरह के विचार प्रवाह में बहा।

इस विरक्ति के बीच भारत के लक्ष्यों के लिए निरंतर विचार उमड़ रहे थे। कन्याकुमारी के उगते हुए सूर्य ने मेरे विचारों को नई ऊंचाई दी, सागर की विशालता ने मेरे विचारों को विस्तार दिया, क्षितिज के विस्तार ने ब्रह्मांड की गहराई में समाई एकात्मकता, “वननेस’ का निरंतर एहसास कराया। ऐसा लग रहा था जैसे दशकों पहले हिमालय की गोद में किए गए चिंतन और अनुभव पुनर्जीवित हो रहे हों।

साथियो, कन्याकुमारी का ये स्थान हमेशा मेरे मन के अत्यंत करीब रहा है। कन्याकुमारी में विवेकानंद शिला स्मारक का निर्माण श्री एकनाथ रानडे जी ने करवाया था। कश्मीर से कन्याकुमारी… ये हर देशवासियों के अन्तर्मन में रची-बसी हमारी साझी पहचान हैं। ये वो शक्तिपीठ है, जहां मां शक्ति ने कन्याकुमारी के रूप में अवतार लिया था। इस दक्षिणी छोर पर मां शक्ति ने उन भगवान शिव के लिए तपस्या और प्रतीक्षा की, जो भारत के सबसे उत्तरी छोर के हिमालय पर विराज रहे थे।

कन्याकुुमारी संगमों के संगम की धरती है। हमारे देश की पवित्र नदियां अलग-अलग समुद्रों में जाकर मिलती हैं और यहां उन समुद्रों का संगम होता है। और यहां एक और महान संगम दिखता है- भारत का वैचारिक संगम! यहां विवेकानंद शिला स्मारक के साथ ही संत तिरुवल्लूवर की विशाल प्रतिमा, गांधी मंडपम और कामराजर मणि मंडपम हैं। महान नायकों के विचारों की ये धाराएं यहां राष्ट्र चिंतन का संगम बनाती हैं। जो लोग भारत के राष्ट्र होने और देश की एकता पर संदेह करते हैं, उन्हें कन्याकुमारी की धरती एकता का अमिट संदेश देती है। कन्याकुमारी में संत तिरुवल्लूवर की विशाल प्रतिमा, समुंदर में मां भारती के विस्तार को देखती हुई प्रतीत होती है। उनकी रचना ‘तिरुक्कुरल’ तमिल साहित्य के रत्नों से जड़ित एक मुकुट के जैसी है। इसमें जीवन के हर पक्ष का वर्णन है, जो हमें स्वयं और राष्ट्र के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देने की प्रेरणा देता है।

आज भारत का गवर्नेंस मॉडल दुनिया के कई देशों के लिए एक उदाहरण है। सिर्फ 10 वर्षों में 25 करोड़ लोगों का गरीबी से बाहर निकलना अभूतपूर्व है। गरीब के सशक्तिकरण से लेकर लास्ट माइल डिलीवरी तक, समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को प्राथमिकता देने के हमारे प्रयासों ने विश्व को प्रेरित किया है। नए भारत का ये स्वरूप हमें गर्व और गौरव से भर देता है, लेकिन, साथ ही ये 140 करोड़ देशवासियों को उनके कर्तव्यों का अहसास भी करवाता है। अब एक भी पल गंवाए बिना हमें बड़े दायित्वों-बड़े लक्ष्यों की दिशा में कदम उठाने होंगे। हमें नए स्वप्न देखने हैं। सपनों को अपना जीवन बनाना है और उन सपनों को जीना शुरू करना है। हमें भारत के विकास को वैश्विक परिप्रेक्ष्य में देखना होगा, इसके लिए ये जरूरी है कि हम भारत के सामर्थ्य को समझें।

स्वामी विवेकानंद ने 1897 में कहा था कि हमें अगले 50 वर्ष केवल और केवल राष्ट्र के लिए समर्पित करने होंगे। उनके इस आह्वान के ठीक 50 वर्ष बाद, 1947 में भारत आजाद हो गया। आज हमारे पास वैसा ही स्वर्णिम अवसर है। हम अगले 25 वर्ष केवल और केवल राष्ट्र के लिए समर्पित करें। हमारे ये प्रयास आने वाली पीढ़ियों और आने वाली शताब्दियों के लिए नए भारत की सुदृढ़ नींव बनकर अमर रहेंगे। मैं देश की ऊर्जा को देखकर ये कह सकता हूं कि लक्ष्य अब दूर नहीं है। आइए, तेज कदमों से चलें…मिलकर चलें, भारत को विकसित बनाएं।

  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link
UB India News

UB India News

Related Posts

भारत के मंदिरों को चलाने में सरकार की क्या है भूमिका?

भारत के मंदिरों को चलाने में सरकार की क्या है भूमिका?

by UB India News
July 6, 2026
0

अयोध्या में भव्य राम जन्मभूमि मंदिर के निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा के बाद से ही यहां देश और दुनिया से...

पेट्रोल में इथेनॉल: हर तरफ़ हंगामा, लेकिन असली सवालों के जवाब कौन देगा?

E20 पेट्रोल पर 66% लोगों का दावा- माइलेज 10% से ज्यादा गिरा………………..

by UB India News
July 6, 2026
0

 E20 पेट्रोल (20% इथेनॉल मिश्रित) को लेकर किए गए लोकल सर्कल्स के सर्वे में बड़ी संख्या में पेट्रोल गाड़ी मालिकों...

NATO समिट से पहले रूस का यूक्रेन पर बैलिस्टिक हमला, कीव में कई इमारत तबाह, 8 की मौत-34 घायल

NATO समिट से पहले रूस का यूक्रेन पर बैलिस्टिक हमला, कीव में कई इमारत तबाह, 8 की मौत-34 घायल

by UB India News
July 6, 2026
0

अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता होने के बाद भले ही खाड़ी क्षेत्र में शांतिपूर्ण स्थिति बनी हुई है....

आग की भट्टी क्यों बन रहे भारत के शहर…………………..

आग की भट्टी क्यों बन रहे भारत के शहर…………………..

by UB India News
July 6, 2026
0

दक्षिण भारत के बाद अब उत्तर भारत में भी मॉनसून ने दस्तक दे दी है. कई जगहों पर बारिश भी...

ईरान में खामेनेई की अंतिम यात्रा का सबसे बड़ा दिन शुरू……

ईरान में खामेनेई की अंतिम यात्रा का सबसे बड़ा दिन शुरू……

by UB India News
July 7, 2026
0

ईरान में पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मुख्य अंतिम यात्रा आज यानी सोमवार, 6 जुलाई को शुरू हो गई,...

Next Post
नरेंद्र मोदी के दोबारा प्रधानमंत्री बनने पर भारत-चीन की दोस्ती की संभावना है…….

नरेंद्र मोदी के दोबारा प्रधानमंत्री बनने पर भारत-चीन की दोस्ती की संभावना है.......

बिहार में चुनाव का एजेंडा सेट कर गए पीएम मोदी:सीट शेयरिंग में भले पेंच अटका हो, मुद्दा वंशवाद और जंगलराज ही होगा

सीएम नीतीश कुमार ने पीएम मोदी से की मुलाकात, एनडीए के अन्य नेताओं से भी होगी बातचीत

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • front
  • Home
Contect Us - ubindianews@gmail.com

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password? Sign Up

Create New Account!

Fill the forms below to register

All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • front
  • Home

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Send this to a friend