मुख्तार अंसारी की गुरुवार रात बांदा में कार्डियक अरेस्ट से मौत हो गई। मुख्तार की आखिरी बार मौत से कुछ घंटे पहले गुरुवार दिन में बेटे उमर से फोन पर बातचीत हुई। उमर ने बताया, “गुरुवार दिन में 3.30 बजे मेरी पिता (मुख्तार अंसारी) से फोन पर बातचीत हुई। उन्होंने कहा था कि इस हालत में नहीं हूं कि जेल के VC रूम तक जा सकूं। बाद में मीडिया से उनकी मौत की खबर पता चली।”
उत्तर प्रदेश की बांदा जेल में बंद मुख्तार अंसारी की कार्डियक अरेस्ट से गुरुवार रात को मौत हो गई। उसे उल्टी की शिकायत और बेहोशी की हालत में रात 8:25 बजे जेल से रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज ले जाया गया था। 9 डॉक्टरों ने इलाज किया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका।
आज 3 डॉक्टरों के पैनल सहित 5 लोगों की टीम मुख्तार के शव का पोस्टमार्टम कर रही है। उसका शव परिजन को सौंपा जाएगा। इसके बाद सड़क के रास्ते मुख्तार को पुश्तैनी घर गाजीपुर लाया जाएगा। यहां काली बाग कब्रिस्तान में उसे सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। यहां तैयारियां शुरू हो गई हैं।
उधर, पूरे राज्य में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। मऊ और गाजीपुर में धारा 144 लागू कर दी गई है। बांदा में भी सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। DGP मुख्यालय ने भी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
इससे पहले मंगलवार को मुख्तार की तबीयत बिगड़ी थी। 14 घंटे अस्पताल में भर्ती रहने के बाद उसे डिस्चार्ज कर दिया गया था। कुछ दिन पहले ही मुख्तार के भाई अफजाल ने दावा किया था कि उसे जेल में धीमा जहर देकर मारने की कोशिश की जा रही है। मुख्तार अंसारी 2005 से सजा काट रहा था। अलग-अलग मामलों में उसे 2 बार उम्रकैद हुई थी।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक टीवी कार्यक्रम में कहा कि मुख्तार की मौत पर जो आरोप लगाए जा रहे हैं वे बेबुनियाद हैं। मुख्तार को बचाने की पूरी कोशिश की गई।
मऊ SP ने कहा कि जैसे ही हमें मुख्तार अंसारी की मौत की सूचना मिली मऊ पुलिस ने तुरंत संवेदनशील इलाकों में जवानों को तैनात कर दिया। आज हम हाई अलर्ट पर हैं। क्योंकि शुक्रवार की नमाज भी पढ़ी जाएगी।
उन्होंने आगे कहा कि मऊ में धारा 144 पहले ही लागू कर दी गई है। अफवाहें फैल रही है कि क्षेत्र में कर्फ्यू लगा दिया गया है। मैं सभी से शांति बनाए रखने की अपील करता हूं और अफवाहों पर विश्वास न करें। अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पूर्व DSP शैलेन्द्र सिंह ने कहा कि 20 साल पहले, 2004 में मुख्तार अंसारी का साम्राज्य चरम पर था। वह उन इलाकों में खुली जीप में घूमता था, जहां कर्फ्यू लगा हुआ था। उस समय मैंने एक लाइट मशीन गन बरामद की थी, इससे पहले या उसके बाद कोई बरामदगी नहीं हुई थी।
उन्होंने कहा कि मैंने मुख्तार पर पोटा भी लगाया, लेकिन मुलायम सरकार उन्हें किसी भी कीमत पर बचाना चाहती थी। उन्होंने अधिकारियों पर दबाव डाला, आईजी-रेंज, डीआईजी और एसपी-एसटीएफ का तबादला कर दिया गया, यहां तक कि मुझे 15 के भीतर इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया।
शैलेंद्र सिंह ने आगे कहा कि मैंने अपने इस्तीफे में अपना कारण लिखा और जनता के सामने रखा कि यह वही सरकार है जिसे आपने चुना था, जो माफियाओं को संरक्षण दे रही है और उनके आदेश पर काम कर रही है। मैं किसी पर एहसान नहीं कर रहा था। ये मेरा कर्तव्य था।
पोस्टमार्टम हाउस के अंदर बांदा तहसीलदार, नायब तहसीलदार, ACP सहित सीनियर अधिकारी मौजूद हैं। मुख्तार का बेटा उमर अंसारी भी पोस्टमार्टम हाउस के अंदर है। बताया जा रहा है कि अभी मुख्तार के शव का पंचनामा किया जा रहा है। इसके बाद पोस्टमॉर्टम किया जाएगा। हालांकि, पोस्टमार्टम कितने बजे से होगा यह अभी स्पष्ट नहीं है।
कासगंज जेल में बंद मुख्तार का बेटा अब्बास अंसारी इलाहाबाद हाईकोर्ट में आज याचिका लगा सकता है। माना जा रहा है कि वह मुख्तार के जनाजे में शामिल होने के लिए पैरोल मांगेगा। अब्बास के वकील के मुताबिक, हम याचिका पर तत्काल सुनवाई के लिए कोर्ट से गुजारिश करेंगे।
योगी सरकार में चला बुलडोजर
मुख्तार अंसारी की मौत के बाद पूर्वांचल में अलर्ट जारी कर दिया गया है. मुख्तार के बारे में कहा जाता था कि सरकार किसी की भी रसूख में कोई कमी नहीं होती थी. वो जेल में बैठकर ही अपनी गैंग चलाता था. उसके खिलाफ मर्डर, डकैती, अपहरण, पैसे वसूलने का काम करता था. पुलिस को इसके गुर्गों से अब 150 से अधिक हथियार बरामद हो चूके हैं. जिसे पुलिस जब्त कर ली है. यूपी की योगी सरकार के द्वारा लगातार मुख्तार अंसारी के खिलाफ एक्शन लिया जा रहा था. इसमें उसके अवैध संपत्तियों पर लगातार बुलडोजर चलाया जा रहा था. यूपी पुलिस अब तक उसके 600 करोड़ से अधिक की संपत्ति या तो जब्त कर चुकी है या उस पर बुलडोजर चलाकर ढाह चूकी है.
287 करोड़ संपत्ति कब्जा मुक्त
आपको बता दें कि मुख्तार अंसारी के भाई अफजाल अंसारी फिलहाल गाजीपुर लोकसभा सीट से एमपी है. वहीं, मुख्तार खुद 5 बार का एमएलए रह चुका है. इसमें तीन बार तब चुनाव जीता जब वो जेल में था. साल 2022 में उसने अपने बेटे अब्बास को विधायक बनाया. अभी तक उसके 317 करोड़ की संपत्ति जब्त कर ली गई है. उसके अलावा पुलिस ने 287 करोड़ की संपत्ति जिस पर मुख्तार का अवैध कब्जा था उसे वापस ले चुकी है. वहीं मुख्तार की पत्नी शाहिस्ता परवीन और बेटा उमर अंसारी फरार चल रहे हैं.
मुख्तार अंसारी की गुरुवार रात बांदा में कार्डियक अरेस्ट से मौत हो गई। मुख्तार की आखिरी बार मौत से कुछ घंटे पहले गुरुवार दिन में बेटे उमर से फोन पर बातचीत हुई। उमर ने बताया, “गुरुवार दिन में 3.30 बजे मेरी पिता (मुख्तार अंसारी) से फोन पर बातचीत हुई। उन्होंने कहा था कि इस हालत में नहीं हूं कि जेल के VC रूम तक जा सकूं। बाद में मीडिया से उनकी मौत की खबर पता चली।”
उत्तर प्रदेश की बांदा जेल में बंद मुख्तार अंसारी की कार्डियक अरेस्ट से गुरुवार रात को मौत हो गई। उसे उल्टी की शिकायत और बेहोशी की हालत में रात 8:25 बजे जेल से रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज ले जाया गया था। 9 डॉक्टरों ने इलाज किया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका।
आज 3 डॉक्टरों के पैनल सहित 5 लोगों की टीम मुख्तार के शव का पोस्टमार्टम कर रही है। उसका शव परिजन को सौंपा जाएगा। इसके बाद सड़क के रास्ते मुख्तार को पुश्तैनी घर गाजीपुर लाया जाएगा। यहां काली बाग कब्रिस्तान में उसे सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। यहां तैयारियां शुरू हो गई हैं।
उधर, पूरे राज्य में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। मऊ और गाजीपुर में धारा 144 लागू कर दी गई है। बांदा में भी सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। DGP मुख्यालय ने भी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
इससे पहले मंगलवार को मुख्तार की तबीयत बिगड़ी थी। 14 घंटे अस्पताल में भर्ती रहने के बाद उसे डिस्चार्ज कर दिया गया था। कुछ दिन पहले ही मुख्तार के भाई अफजाल ने दावा किया था कि उसे जेल में धीमा जहर देकर मारने की कोशिश की जा रही है। मुख्तार अंसारी 2005 से सजा काट रहा था। अलग-अलग मामलों में उसे 2 बार उम्रकैद हुई थी।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक टीवी कार्यक्रम में कहा कि मुख्तार की मौत पर जो आरोप लगाए जा रहे हैं वे बेबुनियाद हैं। मुख्तार को बचाने की पूरी कोशिश की गई।
मऊ SP ने कहा कि जैसे ही हमें मुख्तार अंसारी की मौत की सूचना मिली मऊ पुलिस ने तुरंत संवेदनशील इलाकों में जवानों को तैनात कर दिया। आज हम हाई अलर्ट पर हैं। क्योंकि शुक्रवार की नमाज भी पढ़ी जाएगी।
उन्होंने आगे कहा कि मऊ में धारा 144 पहले ही लागू कर दी गई है। अफवाहें फैल रही है कि क्षेत्र में कर्फ्यू लगा दिया गया है। मैं सभी से शांति बनाए रखने की अपील करता हूं और अफवाहों पर विश्वास न करें। अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पूर्व DSP शैलेन्द्र सिंह ने कहा कि 20 साल पहले, 2004 में मुख्तार अंसारी का साम्राज्य चरम पर था। वह उन इलाकों में खुली जीप में घूमता था, जहां कर्फ्यू लगा हुआ था। उस समय मैंने एक लाइट मशीन गन बरामद की थी, इससे पहले या उसके बाद कोई बरामदगी नहीं हुई थी।
उन्होंने कहा कि मैंने मुख्तार पर पोटा भी लगाया, लेकिन मुलायम सरकार उन्हें किसी भी कीमत पर बचाना चाहती थी। उन्होंने अधिकारियों पर दबाव डाला, आईजी-रेंज, डीआईजी और एसपी-एसटीएफ का तबादला कर दिया गया, यहां तक कि मुझे 15 के भीतर इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया।
शैलेंद्र सिंह ने आगे कहा कि मैंने अपने इस्तीफे में अपना कारण लिखा और जनता के सामने रखा कि यह वही सरकार है जिसे आपने चुना था, जो माफियाओं को संरक्षण दे रही है और उनके आदेश पर काम कर रही है। मैं किसी पर एहसान नहीं कर रहा था। ये मेरा कर्तव्य था।
पोस्टमार्टम हाउस के अंदर बांदा तहसीलदार, नायब तहसीलदार, ACP सहित सीनियर अधिकारी मौजूद हैं। मुख्तार का बेटा उमर अंसारी भी पोस्टमार्टम हाउस के अंदर है। बताया जा रहा है कि अभी मुख्तार के शव का पंचनामा किया जा रहा है। इसके बाद पोस्टमॉर्टम किया जाएगा। हालांकि, पोस्टमार्टम कितने बजे से होगा यह अभी स्पष्ट नहीं है।
कासगंज जेल में बंद मुख्तार का बेटा अब्बास अंसारी इलाहाबाद हाईकोर्ट में आज याचिका लगा सकता है। माना जा रहा है कि वह मुख्तार के जनाजे में शामिल होने के लिए पैरोल मांगेगा। अब्बास के वकील के मुताबिक, हम याचिका पर तत्काल सुनवाई के लिए कोर्ट से गुजारिश करेंगे।
योगी सरकार में चला बुलडोजर
मुख्तार अंसारी की मौत के बाद पूर्वांचल में अलर्ट जारी कर दिया गया है. मुख्तार के बारे में कहा जाता था कि सरकार किसी की भी रसूख में कोई कमी नहीं होती थी. वो जेल में बैठकर ही अपनी गैंग चलाता था. उसके खिलाफ मर्डर, डकैती, अपहरण, पैसे वसूलने का काम करता था. पुलिस को इसके गुर्गों से अब 150 से अधिक हथियार बरामद हो चूके हैं. जिसे पुलिस जब्त कर ली है. यूपी की योगी सरकार के द्वारा लगातार मुख्तार अंसारी के खिलाफ एक्शन लिया जा रहा था. इसमें उसके अवैध संपत्तियों पर लगातार बुलडोजर चलाया जा रहा था. यूपी पुलिस अब तक उसके 600 करोड़ से अधिक की संपत्ति या तो जब्त कर चुकी है या उस पर बुलडोजर चलाकर ढाह चूकी है.
287 करोड़ संपत्ति कब्जा मुक्त
आपको बता दें कि मुख्तार अंसारी के भाई अफजाल अंसारी फिलहाल गाजीपुर लोकसभा सीट से एमपी है. वहीं, मुख्तार खुद 5 बार का एमएलए रह चुका है. इसमें तीन बार तब चुनाव जीता जब वो जेल में था. साल 2022 में उसने अपने बेटे अब्बास को विधायक बनाया. अभी तक उसके 317 करोड़ की संपत्ति जब्त कर ली गई है. उसके अलावा पुलिस ने 287 करोड़ की संपत्ति जिस पर मुख्तार का अवैध कब्जा था उसे वापस ले चुकी है. वहीं मुख्तार की पत्नी शाहिस्ता परवीन और बेटा उमर अंसारी फरार चल रहे हैं.







