कांग्रेस राहुल गांधी के नेतृत्व में रविवार (14 जनवरी) को मणिपुर से ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ शुरू करेगी जिसके जरिये उसका प्रयास बेरोजगारी, महंगाई और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों को लोकसभा चुनाव में विमर्श के केंद्रबिंदु में लाना है. यह यात्रा 14 जनवरी को मणिपुर की राजधानी इंफाल के निकट थोबल से शुरू होगी और मार्च के तीसरे सप्ताह में मुंबई में इसका समापन होगा.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे इस यात्रा को हरी झंडी दिखाएंगे. कांग्रेस ने शनिवार को कहा था कि ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ चुनावी नहीं, बल्कि वैचारिक यात्रा है तथा यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के पिछले 10 साल के ‘‘अन्याय काल’’ के खिलाफ निकाली जा रही है.
पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यात्रा की शुरुआत से एक दिन पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए कहा था कि आज देश के सामने एक ऐसी विचारधारा की चुनौती है जो ध्रुवीकरण, अमीरों को और अमीर बनाने तथा राजनीतिक तानाशाही में विश्वास करती है.
‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ शुरू करने से पहले राहुल गांधी थोबल में खोंगजोम युद्ध स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि देंगे. यह एक ऐतिहासिक स्मारक है, जिसका उद्घाटन 2016 में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने किया था. यात्रा के दौरान राहुल गांधी हर दिन दो सभाओं को संबोधित करेंगे.
इसके अलावा, वह हर दिन समाज के विभिन्न वर्गों के 20 से 25 लोगों से मिलेंगे. वह सामाजिक संगठनों के सदस्यों के साथ भी बातचीत करेंगे. अगले 11 दिन के दौरान यात्रा पूर्वोत्तर भारत के पांच राज्यों से होकर गुजरेगी.
राहुल गांधी 23 जनवरी को घोषणापत्र के सिलसिले में गुवाहाटी में लोगों से जनसंवाद करेंगे. कांग्रेस ने इस यात्रा के लिए विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ (इंडियन नेशनल डेमोक्रेटिक इंक्लूसिव अलायंस) के अपने सहयोगी दलों के नेताओं को भी आमंत्रित किया है और उसे उम्मीद है कि अलग-अलग राज्यों में इस गठबंधन से जुड़े दलों के प्रमुख नेता यात्रा का हिस्सा बनेंगे.
दीपेंद्र हुड्डा ने दी बधाई
वहीं आज से शुरू होने वाली भारत जोड़ो न्याय यात्रा को लेकर कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि “मैं राहुल गांधी को बधाई देना चाहता हूं। भारत जोड़ो यात्रा में जो उन्होंने परिश्रम किया और देश में विचार धारा की लड़ाई लड़ी कि किस प्रकार से सभी साथ चलें और देश को आगे लेकर जाएं। इतनी बड़ी यात्रा के बाद दोबारा से एक और यात्रा की शुरुआत होगी, ये इस बात का प्रतीक है कि राहुल गांधी इस लड़ाई में पीछे नहीं हटने वाले हैं। वे लड़ाई लड़ेंगे और संघर्ष करेंगे। हम सब उनके साथ हैं।”
110 जिलों से गुजरेगी यात्रा
बता दें कि कांग्रेस की यह यात्रा 67 दिन में 15 राज्यों और 110 जिलों से होकर गुजरेगी। ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ के दौरान लगभग 6,700 किलोमीटर की दूरी तय की जायेगी। यात्रा ज्यादातर बस से होगी, लेकिन कहीं-कहीं पदयात्रा भी होगी। ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ मणिपुर, नगालैंड, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और महाराष्ट्र से होकर गुजरेगी। इस यात्रा को आगामी लोकसभा चुनावों के मद्देनजर राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
136 दिनों तक चली भारत जोड़ो यात्रा
इससे पहले कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सात सितंबर 2022 से 30 जनवरी 2023 तक कन्याकुमारी से कश्मीर तक ‘भारत जोड़ो यात्रा’ निकाली थी। उनकी 136 दिन की इस पदयात्रा में 12 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों के 75 जिलों और 76 लोकसभा क्षेत्रों से गुजरते हुए 4,081 किलोमीटर की दूरी तय की गई थी।







