बिहार में इंडि़या गठबंधन में शामिल दलों के बीच सीटों का बंटवारा हो चुका है। फिलहाल 40 लोकसभा सीटों में से 38 सीटों का बंटवारा हुआ है जबकि दो सीटें रिजर्व रखी गयी हैं। जदयू अध्यक्ष व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के बीच सीट बंटवारे को ले सहमति बन गयी है। जदयू–राजद बराबर–बराबर सीटों पर चुनावी दंगल में उतरेगे। हालांकि सीटों और उम्मीदवारों के नामों की घोषणा राज्यसभा चुनाव के बाद होगी। बिहार कोटे से राज्यसभा की छह सीटों पर फरवरी के अंतिम या मार्च के अपले सप्ताह में चुनाव कराये जायेंगे। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार महागठबंधन में जो सीटें जिस पार्टी को छोड़़ी गयी हैं‚ उन पर संबंधित पार्टी के तीन–तीन उम्मीदवारों के नाम पर आंतरिक सर्वे भी कराया गया है। इस सर्वे रिपोर्ट के आधार पर ही टिकट का बंटवारा किया जायेगा। नीतीश कुमार और लालू प्रसाद के बीच राजद को १६‚ जदयू को १६‚ कांग्रेस को चार‚ भाकपा को एक और भाकपा माले को एक सीट देने पर सहमति बनी है जबकि दो सीटें रिजर्व रखी गयी हैं। माकपा के लिए कोई सीट नहीं छोड़़ी गयी है। वीआईपी के मुकेश सहनी के भी इंडि़या गठबंधन में शामिल होने की संभावना है। इसी के मद्ेनजर सीटें रिजर्व रखी गयी हैं। मुकेश सहनी शामिल होते हैं तो उन्हें भी एड़जेस्ट किया जायेगा। साथ ही एनड़ीए के भीतर भी सीट बंटवारे पर लालू प्रसाद और नीतीश कुमार की पैनी नजर है। एनड़ीए से पशुपति कुमार पारस या उपेंद्र कुशवाहा इंडि़या में आते हैं तो उनका भी कहीं न कहीं समायोजन किया जायेगा। मिली जानकारी के अनुसार वाल्मीकिनगर‚ गोपालगंज (सु.)‚ सीतामढ़ी‚ झंझारपुर‚ दरभंगा‚ सुपौल‚ मधेपुरा‚ कटिहार‚ पूर्णिया‚ भागलपुर‚ बांका‚ मुंगेर‚ नालंदा‚ पटना साहिब‚ समस्तीपुर (सु.) और काराकाट लोकसभा सीटें जदयू की खाते में जायेंगी। पश्चिम चंपारण‚ शिवहर‚ मधुबनी‚ अररिया‚ उजियारपुर‚ सीवान‚ छपरा‚ महाराजगंज‚ वैशाली‚ हाजीपुर (सु.)‚ बक्सर‚ जहानाबाद‚ पाटलीपुत्र‚ गया (सु.)‚ नवादा और जमुई (सु.) लोकसभा सीट से राजद उम्मीदवार उतारेगा। पूर्वी चंपारण‚ किशनगंज‚ औरंगाबाद और सासाराम (सु.) सीट कांग्रेस के लिए छोड़़ी गयी है।
बेगूसराय भाकपा को और आरा भाकपा माले के हिस्से में गयी हैं। वहीं मुजफ्फरपुर और खगडि़या सीट रिजर्व रखी गयी है। सूत्रों ने बताया कि राजद और जदयू के बीच अंतिम समय में दस फीसद सीटें इधर से उधर भी हो सकती है‚लेकिन संख्या 16-16 ही रहेगी। गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव से पहले बिहार से राज्यसभा की छह सीटों पर चुनाव होना है। राज्यसभा के छह सदस्यों भाजपा के सुशील कुमार मोदी‚ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह‚ राजद के मनोज झा व मो.अफाक अहमद और जदयू के बशिष्ठ नारायण सिंह व अनिल हेगड़े़ का कार्यकाल दो अप्रैल को समाप्त हो रहा है। इन सीटों पर चुनाव फरवरी के अंतिम या मार्च के प्रथम सप्ताह में कराये जायेंगे। राज्यसभा चुनाव में एक सीट पर जीत के लिए ३५ वोट की आवश्यकता होगी। ऐसी स्थिति में राजद–भाजपा की दो–दो सीटों पर जीत तय है जबकि जदयू को एक सीट मिलेगी। जदयू के हाथ में एक सीट जीतने के बाद सरप्लस १० वोट और राजद के पास अतिरिक्त ९ वोट हैं। इसलिए जदयू राजद से राज्यसभा की छठी सीट मांग रहा है। हालांकि कांग्रेस भी राज्यसभा की सीट पर अड़़ा हुआ है। राज्यसभा की छठी सीट राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद की कृपा से ही किसी को मिलेगी। इसी के मद्ेनजर राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार के बीच राज्यसभा चुनाव के बाद सीट तथा उम्मीदवार की घोषणा करने की सहमति बनी है।







