राजस्थान का रण अपनी सरकार चुनने के लिए लगभग तैयार है. बीते कुछ दिनों से राजनीतिक दलों ने ताबड़तोड़ रैलियों और जनसभाओं के माध्यम से अपने-अपने प्रत्याशी के हक में वोट की अपील की है. सत्ताधारी कांग्रेस ने जहां अपने कामों का लेखा-जोख जनता के सामने रखा और दोबारा सरकार बनाने पर लुभावने वादे किए वहीं एक बार फिर राजस्थान की सत्ता पर काबिज होने के लिए बीजेपी ने मोदी रथ पर धुआंधार प्रचार किया. पीएम मोदी ने ना सिर्फ कांग्रेस के काले कारनामों को जगजाहिर किया बल्कि अपनी सरकार के आने पर प्रदेश के विकास को लेकर पार्टी की रणनीति भी बताई.
राजस्थान की जनता से राजनीतिक दलों के वादे और दावों का आज यानी 23 नवंबर अंतिम दिन है. शाम 6 बजे बाद राजनीतिक दलों के तूफानी प्रचार का शोर थम जाएगा. आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी और प्रत्याशियों के लिए प्रचार कर रहे दिग्गजों के रथ एक बार फिर थम जाएंगे. खास बात यह है कि इस प्रचार के शोर के थमने के साथ ही राजस्थान में साइलेंस पीरियड ऑफ 48 ऑवर्स भी लागू हो जाएगा. आइए जानते हैं क्या है इसका मतलब.
क्या है साइलेंस पीरियड ऑफ 48 ऑवर्स
राजस्थान में चुनावी प्रचार का शोर शाम 6 बजे थम जाएगा. हालांकि पहले ये टाइम शाम को 5 बजे का होता था, लेकिन इसमें एक घंटे का इजाफा किया गया है. इसके पीछे लॉजिक दिया गया कि जब मतदान शाम 6 बजे तक चलता है तो प्रचार का वक्त भी इतना ही होना चाहिए. बहरहाल बात करते हैं साइलेंस पीरियड ऑफ 48 ऑवर्स की. इस दौरान चुनावी राज्य में कहीं भी रोड शो नहीं किया जा सकता है. इसके साथ ही कोई जुलूस, रैली और सभा के आयोजन पर भी रोक लग जाती है.
यानी प्रत्याशी के पक्ष में वोट मांगना है तो किसी भी तरह की सार्वजनिक सभा नहीं की जा सकती है और ना इसको लेकर किसी तरह का कोई शोर मचाया जा सकता है. इसके कहते हैं साइलेंस पीरियड ऑफ 48 ऑवर्स. यानी प्रचार का शोर थमने के 48 घंटे तक इसे लागू किया जाता है. मतदान शुरू होने के साथ ही ये पारियड खत्म हो जाता है.
बाहरी प्रचारक को छोड़ना होगा राजस्थान
साइलेंस पारियड के दौरान सभी बाहरी प्रचारकों जो प्रत्याशियों के लिए वोट की अपील करने के लिए राजस्थान में डेरा जमाए हुए थे उन्हें भी राज्य छोड़ना होता है. आप सोच रहे होंगे तो फिर प्रत्याशी क्या अपने लिए वोट की अपील नहीं कर पाएगा. ऐसा नहीं है प्रत्याशी को वोट मांगने की अनुमति अंतिम समय तक दी जाती है. लेकिन तरीका बदल जाता है. साइलेंस पीरियड में प्रत्याशी घर-घर जाकर शांतिपूर्वक अपने पक्ष में वोट करने की अपील कर सकता है.
199 सीट पर होगा मतदान
राजस्थान में 25 नवंबर को 199 विधानसभा सीटों पर मतदान होना है. एक सीट श्रीगंगानगर जिले के करणपुर विधानसभा सीट के कांग्रेस उम्मीदवार के निधन की वजह से खाली हो गई है. इस पर फिलहाल वोटिंग नहीं कराई जाएगी. हालांकि बाद में चुनाव आयोग इस सीट को लेकर अलग मतदान की तिथि घोषित करेगा. वहीं 199 सीटों पर वोटिंग के नतीजे 3 दिसंबर रविवार को घोषित किए जाएंगे. यानी 3 दिसंबर को ये साफ हो जाएगा कि इस बार राजस्थान अपना इतिहास दोहराते हुए एक बार फिर दूसरे राजनीतिक दल को सरकार बनाने के लिए मौका देगा या फिर उलटफेर करते हुए राजस्थान में दोबारा कांग्रेस की ही सरकार बनेगी.







