इजराइल और हमास जंग के बीच भारत ने फिलिस्तीन में इजराइली कब्जे के खिलाफ पेश किए गए प्रस्ताव के पक्ष में वोट किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गुरुवार को UN में एक प्रस्ताव लाया गया था, जिसमें फिलिस्तीन के ईस्ट यरूशलम, सीरियाई गोलन समेत फिलिस्तीनी इलाकों पर इजराइली कब्जे की निंदा की गई थी।
इस प्रस्ताव के पक्ष में भारत समेत 145 देशों ने वोट किया। वहीं करीब 7 देशों ने इसके खिलाफ तो वहीं 18 देश वोटिंग से दूर रहे। शनिवार को इजराइली PM नेतन्याहू ने साफ कर दिया कि फिलिस्तीनी अथॉरिटी को गाजा नहीं सौंपेंगे। गाजा पर हमारी सेना का ही कंट्रोल होगा। यहां सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए हमें अंतरराष्ट्रीय ताकतों पर विश्वास नहीं है। संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव का इजरायल के अलावा सिर्फ छह देशों- कनाडा, हंगरी, मार्शल द्वीप, माइक्रोनेशिया, नाउरू और अमेरिका ने समर्थन किया। इनके अलावा 18 देश मतदान के दौरान गैर हाजिर रहे।
संयुक्त राष्ट्र महासभा में बीते महीने जॉर्डन की ओर से प्रस्ताव लाया गया था, जिसमें गाजा में तुरंत जंग रोकने की मांग की गई थी। इस प्रस्ताव को भी भारी बहुमत से पास किया गया था लेकिन भारत इससे दूर रहा था। जॉर्डन के यूएन में लाए गए प्रस्ताव के पक्ष में 120 देशों ने मतदान किया था और 14 देशों ने इसके खिलाफ वोट डाला था। 45 देशों ने खुद को वोटिंग से दूर रखा था। जिनमें भारत भी शामिल था। भारत ने खुद को मतदान से अलग रखा था।
भारत ने दिया फिलीस्तीन का साथ
जॉर्डन के प्रस्ताव से दूरी बनाने के बाद भारत का रुख स्पष्ट तौर पर इजरायल की ओर माना जा रहा था लेकिन अब भारत ने अपनी रणनीति को बदलते हुए फिलीस्तीन का समर्थन किया है। भारत सररकार के रुख की कई विपक्षी दलों ने भी सराहना की है। टीएमसी के सांसद साकेत गोखले ने कहा कि इजरायल का फिलिस्तीन पर बसने वालों के माध्यम से कब्जा अवैध है। भारत का ये कदम सराहनीय है।
एक महीने से ज्यादा समय से जारी है गाजा में जंग
इजराल और हमास के बीच 7 अक्टूबर के बाद से लगातार जंग जारी है। 7 अक्टूबर को हमास ने इजरायल में हमला करते हुए 1400 लोगों को मार डाला था। इसके बाद इजरायल ने गाजा पट्टी में बमबारी कर दी। हवाई हमलों के बाद जमीन पर भी इजरायल सैन्य अभियान चलाए हुए है। इससे गाजा में 10 हजार से ज्यादा लोगों की जान चली गई है और लाखों लोग प्रभावित हुए हैं। ऐसे में दुनियाभर में इस जंग की चर्चा है। दुनिया के कई देश लगातार इस जंग को रोकने की अपील भी कर रहे हैं।







