देश में चलने वाली कारें कितनी सुरक्षित हैं, यह आज से भारतीय एजेंसी ही तय करेगी। इसके लिए भारतीय एजेंसी भारत न्यू कार असेसमेंट प्रोग्राम (Bharat NCAP या BNCAP) कारों का क्रैश टेस्ट शुरू करने जा रही है।
अब तक ऑटो मेकर कंपनियों ने कारों के करीब 30 मॉडलों को टेस्ट के लिए रजिस्टर करा लिया है। हालांकि सबसे पहले किस गाड़ी का क्रैश टेस्ट होगा, इसकी ऑफिशियली कोई जानकारी नहीं दी गई है।
केंद्रीय सड़क-परिवहन राज्यमंत्री नितिन गडकरी ने 22 अगस्त को दिल्ली में हुए इवेंट में BNCAP को लॉन्च किया था। इसके बाद 18 सितंबर को पुणे के चाकन स्थित केंद्रीय सड़क परिवहन संस्थान (CIRT) में कमांड और कंट्रोल सेंटर की ओपनिंग की थी।
भारतीय परिस्थितियों के अनुसार तय नॉर्म्स पर होगा क्रैश टेस्ट
यहां भारतीय परिस्थितियों के अनुसार तय नॉर्म्स पर एजेंसी कारों का क्रैश टेस्ट कर उन्हें सेफ्टी रेटिंग देगी। इस टेस्ट में कारों को 0 से 5 स्टार तक की रेटिंग दी जाएगी। 0 स्टार का मतलब अनसेफ और 5 स्टार का मतलब पूरी तरफ सेफ माना जाता है।
इससे पहले विदेशी एजेंसी ग्लोबल एनकैप (GNCAP), यूरो एनकैप (UNCAP), ऑस्ट्रेलियन एनकैप (ANCAP) और लैटिन एनकैप (LNCAP) अपने स्टैंडर्ड के अनुसार भारतीय कारों का टेस्ट कर उन्हें सेफ्टी रेटिंग देती थीं। यह रेटिंग कई मायनों में भारतीय परिस्थितियों के हिसाब से फिट नहीं होती, इसलिए केंद्र सरकार ने अपने रेटिंग सिस्टम BNCAP की शुरुआत की है।
देशी एजेंसी से टेस्टिंग 75% कम खर्चीली
गडकरी ने कहा, ‘भारत-NCAP के तहत देश में व्हीकल की टेस्टिंग कॉस्ट करीब 60 लाख रुपए होगी, जबकि ग्लोबल लेवल पर यह कॉस्ट 2.5 करोड़ रुपए है। यानी अब देशी एजेंसी से टेस्टिंग कराने पर कंपनियों का 75% कम खर्च होगा।
भारत NCAP से फायदा क्या होगा?
इससे ग्राहकों को बेहतर सेफ्टी वाली कार चुनने का ऑप्शन मिलेगा। साथ ही देश में सुरक्षित कार बनाने के लिए कंपनियों में कॉम्पिटिशन बढ़ेगा। उन्हें टेस्टिंग के लिए अपनी कार विदेश भी नहीं भेजनी पड़ेगी।
वेबसाइट पर देख सकेंगे क्रैश टेस्ट के रिजल्ट
केंद्र ने एक मॉनिटरिंग कमेटी बनाई है। यह BNCAP की टेस्टिंग का एनालिसिस करेगी। मॉनिटरिंग कमेटी की मंजूरी मिलने पर ही BNCAP अपनी वेबसाइट पर स्टार रेटिंग और टेस्ट रिजल्ट्स शो करेगा।







