राजद के राज्यसभा सांसद मनोज झा के कविता पाठ- ‘ठाकुर साहब’ पर बिहार की सियासत गर्म हो गई है. ए टू जेड की राजनीति पर चलने का दावा करनेवाले तेजस्वी यादव की पार्टी में आलम यह है कि राजद में दो खेमे बन गए हैं. जदयू भी राजद पर हमलावर है. इसी तरह भाजपा ने भी राजद को घेरना शुरू कर दिया है. इसी क्रम में लोजपा (पारस) गुट ने भी राजद को घेरा है और सवर्ण विरोधी बताया है.
केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस ने मनोज झा के बयान पर आरजेडी में मचे घमासान पर कहा, आरजेडी की मानसिकता ऊंची जाति के खिलाफ रही है. लालू जी ने कहा था भूरा बाल साफ करो. यह पार्टी जितना भी प्रयास कर ले अपना चरित्र नहीं बदल सकती. बता दें कि पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने भी राजद को सवर्ण विरोधी करार देते हुए हमला बोला था और डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव से माफी मांगने को कहा था.
सुशील मोदी ने कहा, राजद सांसद मनोज झा ने जिस तरह से नाम लेकर ठाकुर ( राजपूत) जाति का अपमान किया है, उसके लिए पार्टी के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव को क्षमा मांगनी चाहिए. मनोज झा ने राज्यसभा में नारी शक्ति वंदन (महिला आरक्षण ) विधेयक का विरोध करते हुए, जो कविता पढी, वह ठाकुर जाति के लोगों के प्रति दुराग्रह और अपमान से भरी थी.
सुशील मोदी ने आगे कहा कि राजद ने इससे पहले ठाकुर सहित सभी ऊंची जातियों के गरीबों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने के एनडीए सरकार के फैसले का कड़ा विरोध किया था और विधेयक के विरोध में वोट डाले थे. राजद ने ठाकुर जाति के अपने वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह को “एक लोटा पानी” कह कर अपमानित किया था. इससे आहत होकर उन्होंने एम्स में भर्ती रहते हुए मृत्यु शैया से ही अपना इस्तीफा लालू प्रसाद को भेज दिया था.







