शिक्षक अभ्यर्थियों के विरोध के बीच बिहार सरकार ने एक बार शिक्षक भर्ती नियमावली को बदल दी। अब दूसरे राज्य के कैंडिडेट भी बिहार में टीचर बन सकेंगे। नीतीश सरकार ने शिक्षक बहाली नियमावली में बदलाव किया है। सरकार ने बिहार राज्य विद्यालय अध्यापक नियमावली 2023 के संशोधन को कैबिनेट से मंजूरी मिल गई। नियमावली में संशोधन के बाद अब दूसरे राज्यों के अभ्यर्थी भी बिहार में शिक्षक बन सकेंगे। सरकार ने बिहार में शिक्षक बनने के लिए अब बिहार का स्थाई निवासी होने की अनिवार्यता को खत्म कर दिया। नई शिक्षक बहाली नियमावली के तहत बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा बीते 15 जून से आवेदन की प्रक्रिया भी शुरू है. 12 जुलाई तक अंतिम तिथि है.
एक तरफ पहले से ही बिहार के शिक्षक संघ और 2019 के शिक्षक अभ्यर्थी नई शिक्षक बहाली नियमावली का विरोध कर रहे हैं तो अब राज्य सरकार ने नया नियम निकाल दिया है. कैबिनेट की बैठक में आज लिए गए इस निर्णय में यह साफ हो गया कि विद्यालय अध्यापक के पद पर नियुक्ति के लिए बिहार का स्थायी निवासी होने की अनिवार्यता नहीं रहेगी. बिहार के बाहर के अभ्यर्थी भी शिक्षक बहाली में आवेदन कर सकते हैं. उनके लिए किसी प्रकार की शर्त नहीं है.
1 लाख 70 हजार 461 पदों के लिए है नियुक्ति
बता दें कि बिहार में नई शिक्षक बहाली के तहत 1 लाख 70 हजार 461 पदों पर बहाली होनी है. इसकी अधिसूचना जारी हो चुकी है और नियुक्ति की प्रक्रिया भी शुरू है. 15 जून से 12 जुलाई तक आवेदन भरने की तिथि है. अगस्त के अंत में परीक्षा लेने का समय निर्धारित किया गया है. बिहार लोक सेवा आयोग ने इसी साल रिजल्ट भी जारी करने का वादा किया है.
बिहार कैबिनेट में 25 प्रस्तावों को मंजूरी
कैबिनेट में कुल 25 प्रस्तावों पर मुहर लगी। बिहार सरकार ने पिछड़ा वर्ग और अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के तहत 8 जिलों अररिया, अरवल, नवादा, मधुबनी, लखीसराय, वैशाली, कटिहार और सीतामढ़ी में 520 बेड के अन्य पिछड़ा वर्ग कन्या आवासीय प्लस टू विद्यालय निर्माण के लिए 46 करोड़ 35 लाख 28 हजार प्रति विद्यालय की दर से कुल 370 करोड़ 82 लाख 24 हजार रूपए की स्वीकृति दी।
पंचायती राज विभाग में 675 नई वैकेंसी
वहीं, पंचायती राज विभाग के क्षेत्रीय कार्यालयों में लिपिक संवर्ग के पहले से सृजित पदों के अलावे 675 नए पदों के सृजन को कैबिनेट ने मंजूरी दी। सरकार ने खान-भूतत्व विभाग, खाद्य-उपभोक्ता संरक्षण विभाग, पंचायती राज विभाग, पिछड़ा वर्ग-अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, पथ निर्माण विभाग, ऊर्जा विभाग, शिक्षा, सूचना प्रावैधिकी विभाग, कृषि, पर्यटन, उद्योग और जल संसाधन विभाग समेत अन्य विभागों के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
विरोध का नया मोर्चा खोलना तय
बिहार सरकार की नई शिक्षक भर्ती नियमावली का अभ्यर्थी पहले से विरोध कर रहे हैं। अब नए संशोधन से नया विरोध सामने आ सकता है। नए संशोधन के मुताबिक अब किसी राज्य के अभ्यर्थी बिहार में टीचर बन सकते हैं।







