बिहार में ED की छापेमारी, JDU MLC राधा चरण सेठ और उनके पार्टनर अशोक प्रसाद के 24 से अधिक ठिकानों पर रेड, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के ठिकानों पर छापेमारी, कुछ महीने पहले इन दोनों के पटना-भोजपुर समेत विभिन्न ठिकानों पर आयकर विभाग ने की थी छापेमारी, चार दिनों तक चली थी छापेमारी, 200 करोड़ से अधिक की गड़बड़ी का आयकर विभाग ने किया था उजागर।
ब्रॉडसन और आदित्य नाम की दो कंपनियों और इससे जुड़े लोगों के ठिकाने पर बिहार, झारखंड और ओडिशा में ED की छापेमारी चल रही है। इसमें ब्रॉडसन के सुभाष यादव, एमएलसी राधा चरण सहित कई लोगों के नाम शामिल हैं।
फरवरी में आईटी ने मारी थी रेड
इसी साल फरवरी में भी पटना से लेकर दिल्ली तक के कई ठिकानों पर छापेमारी हुई थी। इस दौरान 200 करोड़ से अधिक की गड़बड़ी का आयकर विभाग ने खुलासा किया था। राधा चरण सेठ लंबे समय से बालू सिंडिकेट से जुड़े रहे हैं।
जलेबी की दुकान से शुरुआत, आज बड़ा होटल कारोबार
जदयू एमएलसी के मुताबिक, 1971 में जलेबी बेचने का काम करते थे। यह काम पहले उनके पिता संभालते थे। इसके बाद होटल धीरे-धीरे शुरू किया। इस समय एमएलसी के पास दुकान, राइस मिल, कोल्ड स्टोर आदि हैं। मनाली में ही उनका रिसॉर्ट है। राधाचरण के मुताबिक, मेहनत और ईमानदारी के बल पर यहां तक पहुंचे हैं। स्टेट बैंक, ग्रामीण बैंक, पीएनबी बैंक से हमने लोन लिया है। हमको नहीं समझ आ रहा कि हमने कहां गड़बड़ी की है।
सीबीआई ने पूछी थी- जलेबी बनाने से MLC बनने की कहानी
भोजपुर जिले आरा-बक्सर के विधान पार्षद राधाचरण साह (सेठ जी) से आयकर विभाग के अफसरों ने जलेबी बेचने से लेकर एमएलसी बनने तक की पूरी कहानी जानी थी। राधाचरण साह प्रदेश के बड़े बालू कारोबारी हैं। उनके देश के कई हिस्सों में संपत्ति है।







