भारतीय रेलवे ने ओडिशा के बालासोर में हुई भीषण ट्रेन दुर्घटना के बाद प्रभावित पटरियों पर आज एक बार फिर से यात्री ट्रेनों को चलाना शुरू कर दिया है। जानकारी के मुताबिक बाहनगा बाजार रेलवे लाइन को पूरी तरह रिस्टोर कर लिया गया है और आज सुबह अप लाइन पर पैसेंजर रेलगाड़ी भी चलनी शुरू हो गई है। बता दें कि कल रात में डाउन लाइन पर भी ट्रेन चलाई गई थी। फिलहाल इस सेक्शन पर स्लो स्पीड में गाड़ी चलाने के निर्देश दिए गए हैं।
हादसे के बाद पहली बार दौड़ीं ट्रेनें, देखें वीडियो
हादसे के बाद क्षतिग्रस्त पटरियों को ठीक कर लिया गया है। उसी ट्रैक पर हावड़ा – पुरी वंदे भारत एक्सप्रेस, जो ओडिशा के बालासोर से गुजरी जहां भीषण ट्रेन दुर्घटना हुई थी। हादसे के 51 घंटे के भीतर भारतीय रेलवे ने प्रभावित पटरियों पर ट्रेनों की आवाजाही फिर से शुरू कर दी है।
#WATCH | Howrah – Puri Vande Bharat Express crosses from Odisha’s Balasore where the deadly #TrainAccident took place on June 2.
Indian Railways resumed train movement on the affected tracks within 51 hours of the accident. pic.twitter.com/myosAUgC4H
— ANI (@ANI) June 5, 2023
2 जून की शाम को ओडिशा के बालासोर में बाहनगा बाजार रेलवे लाइन पर हुए इस हादसे के बाद महज 60 घंटों के भीतर रेलवे लाइन को ठीक कर दिया गया है। रेलवे, NDRF और राज्य सरकार की एक बड़ी टीम ने दिन रात लगातार काम करके इस काम को इतना जल्दी पूरा करके दिखाया है। इस हादसे के बाद से ही ग्राउंड जीरो पर मौजूद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसके लिए रेलवे कर्मचारियों को बधाई भी दी।
बालासोस में हुई रेल दुर्घटना के बाद ट्रैक को मरम्मत के बाद दुरुस्त कर लिया गया है. जिसके बाद रेलवे ट्रैक पर मालगाड़ी की आवाजाही शुरू कर दी गई है. इस दौरान केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बालासोर घटनास्थल का दौरा किया और रेल ट्रेन की बहाली का जायजा लिया. अश्विनी वैष्णव ने रेलवे अधिकारियों के साथ मौके पर ही समीक्षा बैठक की. इस बीच रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के एक वीडियो ने सबका ध्यान खींचा है. वीडियो में रेल मंत्री भावुक अवस्था में रोते हुए नजर आ रहे हैं.
दोनों ट्रैक को बहाल कर दिया गया है
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि दोनों ट्रैक को बहाल कर दिया गया है. 51 घंटों के अंदर ट्रेन की आवाजाही सामान्य कर दी गई है और ट्रेन की आवाजाही शुरू हो चुकी है. इस दौरान रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इस वीडियो में रेल मंत्री फफक-फफक कर रोते नजर आ रहे हैं. दरअसल, वीडियो में रेल मंत्री पत्रकारों से बातचीत करते नजर आ रहे हैं. इस दौरान रेल मंत्री कह रहे हैं कि अब तक 3 गाड़ियां जा चुकी हैं और रात में करीब 7 गाड़ियां के जाने की योजना बनाई है। जिन परिवारों के लोग खो गए हैं उनको जल्द-से-जल्द उनके परिवारजन तक पहुंचाना है। यह हमारा दायित्व है जो अभी खत्म नहीं हुआ है.
#WATCH अब तक 3 गाड़ियां जा चुकी हैं और रात में करीब 7 गाड़ियां के जाने की योजना बनाई है। जिन परिवारों के लोग खो गए हैं उनको जल्द-से-जल्द उनके परिवारजन तक पहुंचाना है। यह हमारा दायित्व है जो अभी खत्म नहीं हुआ है: केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, बालासोर, ओडिशा https://t.co/ejiAzELTMe pic.twitter.com/PE04rspxG1
— ANI_HindiNews (@AHindinews) June 4, 2023
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव काफी भावुक हो गए
इतना कहने के बाद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव काफी भावुक हो जाते हैं और बोलते-बोलते उनका गला रुंध जाता है और उनकी आंखों से आंसू टपकने लगते हैं. इतना कहने के बाद रेल मंत्री पलटकर वापस चले जाते हैं.
हादसे के 51 घंटे बाद रविवार रात को इस ट्रैक से जब पहली ट्रेन रवाना की गई, तब रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव हाथ जोड़कर खड़े दिखे। उन्होंने कहा कि हमारी जिम्मेदारी अभी खत्म नहीं हुई। हमारा लक्ष्य लापता लोगों को खोजना है। यह कहकर वे भावुक हो गए।
रेल मंत्री हादसे के बाद से ही बालासोर के बहानगा बाजार स्टेशन पर राहत-बचाव और ट्रैक रिपेयरिंग की निगरानी कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी भी शनिवार को बालासोर का दौरा करने के बाद रेल मंत्री से लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन से जुड़े अपडेट्स ले रहे थे।
हादसे के 48 घंटे बाद झाड़ियों में बेहोश मिला युवक
हादसे के 48 घंटे बाद रविवार रात घटनास्थल से एक यात्री जिंदा मिला। हादसे के वक्त वह बोगी से निकलकर झाड़ियों में गिरकर बेहोश हो गया था। युवक की पहचान असम के रहने वाले डिलाल के रूप में हुई है।उसे तुरंत रेस्क्यू करके इलाज के लिए भेजा दिया गया, जहां उसे होश भी आ गया। घटना में उसका फोन और वॉलेट गायब हो गया।

हादसे से जुड़े 3 बड़े बयान
- रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रविवार शाम को कहा, अब तक जो जानकारी मिली है उसके बाद रेलवे बोर्ड की तरफ से इस मामले की CBI जांच की सिफारिश की गई है।
- रेल मंत्री वैष्णव ने रविवार शाम को बालासोर में कहा, ‘इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग में बदलाव की वजह से एक्सीडेंट हुआ। जिम्मेदारों की पहचान भी कर ली गई है।’
- रेलवे बोर्ड की ऑपरेशन एंड बिजनेस डेवलपमेंट मेंबर जया वर्मा ने दिल्ली में कहा कि शुरुआती तौर पर लगता है कि सिग्नल में गड़बड़ी थी।
- हादसे में मारे गए लोगों की संख्या पर बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा था कि हमारे पास हादसे में जान गंवाने वालों की लिस्ट बढ़ रही, लेकिन उनके पास घट रही है। हादसे में पश्चिम बंगाल के 162 लोगों की जान गई है। अब तक पूरी लिस्ट नहीं मिल पाई है। बहुत से ऐसे लोग भी यात्रा करते हैं जो लिस्ट में नहीं होते। 182 शवों की अब तक पहचान नहीं हुई है।
ओडिशा सरकार ने कहा- हादसे में 288 नहीं, 275 जानें गईं
ओडिशा के चीफ सेक्रेटरी प्रदीप जेना ने रविवार सुबह दावा किया कि हादसे में 288 नहीं, बल्कि 275 लोगों की जान गई है। उन्होंने कहा कि कुछ शव दो बार गिन लिए गए थे, इस वजह से मृतकों की संख्या में गड़बड़ी हुई। हादसे में 1,175 लोग घायल हुए, जिनमें से 793 को इलाज के बाद डिस्चार्ज किया जा चुका है।
इस पर बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा था कि हमारे पास हादसे में जान गंवाने वालों की लिस्ट बढ़ रही, लेकिन उनके पास घट रही है। हादसे में पश्चिम बंगाल के 162 लोगों की जान गई है।अब तक पूरी लिस्ट नहीं मिल पाई है। बहुत से ऐसे लोग भी यात्रा करते हैं जो लिस्ट में नहीं होते। 182 शवों की अब तक पहचान नहीं हुई है

बहानगा बाजार स्टेशन के आउटर पर टकराई थीं तीन ट्रेन
हादसा 2 जून को शाम 7 बजकर 10 मिनट पर हुआ था। रेलवे अधिकारियों ने बताया था कि बहानगा बाजार स्टेशन की आउटर लाइन पर एक मालगाड़ी खड़ी थी। हावड़ा से चेन्नई जा रही कोरोमंडल एक्सप्रेस यहां डिरेल होकर मालगाड़ी से टकरा गई। एक्सप्रेस का इंजन मालगाड़ी पर चढ़ गया और बोगियां तीसरे ट्रैक पर जा गिरीं। तीसरे ट्रैक पर आ रही बेंगलुरु-हावड़ा एक्सप्रेस ने कोरोमंडल एक्सप्रेस की बोगियों को टक्कर मार दी।
नीचे दिए यार्ड ले-आउट के जरिए दुर्घटना के समय तीनों ट्रेनों की स्थिति को समझा जा सकता है…

इस ले-आउट को देखने पर हादसे के वक्त तीनों ट्रेन की स्थिति साफ हो जाती है…
- बीच वाला ट्रैक अप मेन लाइन है, जिस पर शालीमार-चेन्नई सेंट्रल कोरोमंडल एक्सप्रेस आ रही थी।
- अप मेन लाइन के पास कॉमन लूप लाइन थी, जिस पर मालगड़ी खड़ी थी। कोरोमंडल एक्सप्रेस के कुछ कोच मालगाड़ी से टकराकर छिटक गए थे। कुछ डिब्बे डाउन मेन लाइन पर भी गिरे।
- सबसे ऊपर डाउन मेन लाइन है। यहां से बेंगलुरु-हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस गुजरी। कोरोमंडल एक्सप्रेस के कोच इस ट्रैक पर भी पड़े थे। बेंगलुरु-हावड़ा ट्रेन इन्हीं कोचेस से टकरा गई।







