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पीएम मोदी ने किरेन रिजीजू की जगह अर्जुन राम मेघवाल को ही क्यों बनाया देश का कानून मंत्री?

UB India News by UB India News
May 19, 2023
in Lokshbha2024, ब्लॉग
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पीएम मोदी ने किरेन रिजीजू की जगह अर्जुन राम मेघवाल को ही क्यों बनाया देश का कानून मंत्री?
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार में अर्जुनराम मेघवाल को नया कानून मंत्री बनाया गया है. ये जिम्मेदारी किरण रिजीजू को हटाकर दी गई है. माना जा रहा है कि बीते कुछ दिनों में जिस तरह से किरण रिजीजू और सुप्रीम कोर्ट के बीच कई मुद्दों पर मीडिया में बयानबाजी हुई है उसकी एक वजह ये भी हो सकती है. वहीं मेघवाल पहले से ही संस्कृति मंत्रालय और संसदीय मामलों के मंत्रालय में राज्यमंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं.

हालांकि इस फैसले के पीछे राजस्थान विधानसभा चुनाव भी हो सकता है. अर्जुन राम मेघवाल साल 2009 से बीकानेर के सांसद हैं और आईएएस अधिकारी भी रह चुके हैं. इसके साथ ही मेघवाल राजस्थान में अनुसूचित जाति (SC) से आते हैं. राजस्थान में एससी की जनसंख्या 18 फीसदी के आसपास है और कई सीटों पर ये आबादी हार-जीत तय करती है. बता दें कि राजस्थान में इस समय 59 जातियां एससी के दायरे में रखी गई हैं.

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आंकड़ों की मानें तो एससी की आबादी इस समय किसी भी जाति की तुलना में सबसे ज्यादा है जो कि 1.2 करोड़ के आसपास है. वहीं अगर राजस्थान की 200 विधानसभा सीटों में 34 पर इस जाति के लिए सीटें रिजर्व की गई हैं.

उदयपुर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा और राजसमुंद छोड़ दिया तो बाकी सभी जिलों में इस समुदाय के लिए एक या दो सीटें आरक्षित हैं. इनमें से गंगानगर और हनुमानगढ़ में एससी वोटरों की संख्या 26 फीसदी से ज्यादा है.

राजस्थान में अनुसूचित जाति में आने वाली जातियों में प्रमुख रूप से मेघवाल, बेरवा, रैगर, कोली, जाटव, खटिक, नैक, जींगर, मोची, धानुक, धोबी, धोली, महार, मेहरा, नट, बेडी, मोंगिया और सांसी शामिल हैं. इनमें से मेघवाल सबसे ज्यादा हैं जिनकी संख्या 5 फीसदी है और बाकी दूसरे नंबर पर बेरवा और रैगरों की आबादी 4-4 प्रतिशत है. बाकी जातियों की संख्या मिलाकर कुल आबादी में 5 फीसदी से थोड़ा ज्यादा है.

बात करें विधानसभा सीटों के हिसाब से आबादी की तो अजमेर दक्षिण में एससी वोटरों की संख्या 33 फीसदी है. इसके बाद हिदौंन में 29, वेर में 27.33, बयाना में 26.29, रामगंजमंडी में 24.56, बगरू में 23.61 फीसदी के करीब एससी आबादी है. राजस्थान की 13 विधानसभा सीटों में एससी वोटरों की आबादी 20 से 23 प्रतिशत तक है.

गंगानगर में सबसे ज्यादा आबादी, वोटर रायसिंहनगर में
राजस्थान में ये आंकड़ा थोड़ा हैरान करने वाला हो सकता है. गंगानगर में एससी समुदाय की आबादी सबसे ज्यादा है जबकि वोटरों की संख्या रायसिंहनगर में हैं. रायसिंहनगर में 1.30 लाख वोटर हैं. इसके बाद अनूपगढ़ में 1.26 लाख वोटर हैं. दोनों ही सीटें अनूसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं. सामान्य सीटों में करणपुर में एक लाख और सादुलशहर में 95 हजार वोटर हैं. हनुमानगढ़ की पिलीबंगा विधानसभा सीट में 1.1 लाख वोटर हैं. ये सीट भी एससी के लिए रिजर्व है.

इसके अलावा बाकी बची 30 रिजर्व सीटों में से हर विधानसभा क्षेत्र में एससी वोटर करीब 50 हजार के आसपास हैं. वहीं सामान्य सीटों में सूरतगढ़ में एससी की आबादी 86 हजार, हनुमान की सांगरिया और हनुमानगढ़ विधानसभा सीट पर 85-85 हजार आबादी है.

सामान्य सीटों में अनुसूति जाति की आबादी
राजस्थान की 52 सामान्य विधानसभा सीटों में अनूसूचित जातियों की आबादी 50-50 हजार के करीब है. इनमें से गंगानगर में 34 फीसदी, हनुमानगढ़ में 26.13 फीसदी, करौली में 23.16 फीसदी, दौसा में 21 फीसदी से थोड़ा ज्यादा और भरतपुर में 22 फीसदी के आसपास वोटर हैं.

जनजातीय क्षेत्रों में आबादी में एससी वोटों का समीकरण
राजस्थान का डूंगरपुर इलाका जनजातीय क्षेत्र में आता है. यहां पर 4.15 फीसदी वोटर हैं. इसके बाद बांसवाड़ा में 4.28 फीसदी और उदयपुर में 6.10 फीसदी के करीब है.

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