मोदी कैबिनेट ने कम रकम के डिजिटल ट्रांजैक्शन के लिए 2600 करोड़ रुपए के प्रोत्साहन राशि को मंजूरी दी है. BHIM UPI से ट्रांजैक्शन पर इंसेंटिव मिलेगा. साथ ही कैबिनेट ने तीन मल्टी लेवल कोऑपरेटिव सोसाइटी के गठन का भी निर्णय लिया है.
साथ ही मोदी कैबिनेट ने पीएम मुफ्त अनाज योजना का नाम बदलने का फैसला लिया है. अब से पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना कार्यक्रम का नाम होगा. पिछली कैबिनेट में मुफ्त अन्न योजना को एक साल के लिए बढ़ा दिया गया था. पिछली 23 दिसंबर को हुए केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक के बाद खाद्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा था कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत गरीबों को मुफ्त में अनाज मुहैया कराया जाएगा.
अन्न योजना की अवधि 31 दिसंबर को खत्म हो रही थी. कोविड-19 महामारी के दौरान गरीबों को मुफ्त अनाज बांटने की शुरुआत अप्रैल 2020 में की गई थी. इसे ही एक साल के लिए बढ़ा दिया गया.
पिछली कैबिनेट में यह हुए फैसले
मोदी कैबिनेट की पिछली बैठक 4 जनवरी को हुई थी. इसके बाद केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया था कि नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी थी. उन्होंने बताया था कि भारत ग्रीन हाइड्रोजन का ग्लोबल हब बनेगा. प्रतिवर्ष 50 लाख टन ग्रीन हाइड्रोजन का उत्पादन होगा.





