मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अधिकारियों को 44 हजार पुलिसकर्मियों की बहाली शीघ्र कराने का निर्देश देते हुए बुधवार को कहा कि प्रदेश में स्थापित कानून के राज को बनाये रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। नीतीश ने यहां ऐतिहासिक गांधी मैदान में गृह विभाग द्वारा नवनियुक्त २१५ सार्जेंट‚ १९९८ सब इंस्पेक्टर एवं ८२४६ सिपाही कुल १०४५९ पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों को नियुक्ति पत्र देने के लिए आयोजित समारोह में सांकेतिक रूप से नियुक्ति पत्र प्रदान किया। कुल नवनियुक्त पुलिसकर्मियों में ३६.८ प्रतिशत यानी ३८५२ महिलाकर्मी शामिल हैं।
उन्होंने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार में कानून का राज स्थापित है। इसे बनाये रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। कानून का राज कायम रखना सरकार का दायित्व है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले राज्य में केवल ४२४८१ पुलिसकर्मी थे। जबसे उन्हें काम करने का मौका मिला है‚ अपराध नियंत्रण को ध्यान में रखते हुए उन्होंने शुरू से ही पुलिस की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया है। विधि–व्यवस्था को कायम रखने के लिए पहले उन्होंने सेना से सेवानिवृत्त जवानों को ‘सैप’ (स्पेशल ऑग्जिलियरी पुलिस) में बहाल कराया। उन्होंने देखा कि वर्ष २०१० में देश में एक लाख की आबादी पर ११५ पुलिसकर्मी थे‚ बिहार में यह संख्या कम थी। उसके अनुसार एक लाख ५२ हजार २३२ और पुलिसकर्मियों की आवश्यकता थी। नीतीश ने कहा कि उन्होंने गृह विभाग की हर बैठक में कहा कि बहाली के काम में तेजी लाकर पुलिसकर्मियों की नियुक्ति करें। इसके बाद बिहार में अब तक एक लाख आठ हजार से ज्यादा पुलिसकर्मियों की बहाली हो चुकी है। एक लाख ५२ हजार २३२ पदों में से अभी भी ४४ हजार पुलिसकर्मियों की बहाली होनी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इसमें देर न करें‚ यथाशीघ्र बहाली कराएं। यह काम पूरा हो जाएगा तो उन्हें बेहद खुशी होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष २०१३ में उन्होंने पुलिस सेवा में महिलाओं को ३५ प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय किया‚ जिसका परिणाम है कि आज बिहार पुलिस में २५ प्रतिशत महिलायें सेवारत हैं। आज नियुक्ति पत्र मिलने के बाद बिहार के पुलिस बल में २७ से २८ प्रतिशत महिलायें शामिल हो जायेंगी। उन्होंने महिलाओं के प्रति सम्मान का भाव रखने की अपील करते हुए कहा कि मां ही हमें जन्म देती है इसलिए समाज में महिलाओं की बड़ी भूमिका है। पहले महिलाएं घरों में बंद रहती थीं‚ अब हर काम में लगी रहती हैं। वह चाहते है कि समाज में महिलाओं की समान भागीदारी हो। नीतीश ने कहा कि अभी देश के अलग–अलग राज्यों में एक लाख की आबादी पर ११५ से ज्यादा पुलिसकर्मियों की संख्या है‚ जिसको ध्यान में रखते हुए बिहार में भी इसे बढ़ाकर १६० से १७० करने का निर्णय लिया गया है। उसी के अनुरूप हमें तेजी से नियुक्ति करनी है। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक गांधी मैदान में नियुक्ति पत्र वितरण का कार्यक्रम इसलिए रखा गया है कि सामने बापू की प्रतिमा है और ठीक इसके बगल में बापू सभागार भी है इसलिए अपने राष्ट्रपिता को आप कभी भूलियेगा मत।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष २००७ में उन्होंने पुलिस के दायित्व को दो हिस्से में बांट दिया था। एक हिस्से को विधि–व्यवस्था का काम जबकि दूसरे हिस्से को अनुसंधान का काम सौंपा गया था ताकि अपराध पर नियंाण के साथ–साथ अनुसंधान के काम में भी तेजी आये। अब अनुसंधान का काम भी ठीक ढंग से आगे बढ़ रहा है। पहले काम दो हिस्सों में नही होने से अनुसंधान का काम कम होता था। आवश्यकता के मुताबिक निरंतर पुलिस की क्षमता बढाई जा रही है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति–जनजाति सतर्कता अनुश्रवण समिति की बैठक में उन्होंने तय कर दिया है कि मामले की जांच ९० दिनों की बजाय अब ६० दिनों के अंदर ही की जाय ताकि दोषियों को समय पर सजा मिल सके। नीतीश ने कहा कि अपराध को नियंत्रित करने के लिये दोषियों पर त्वरित कार्रवाई जरूरी है। इसके अलावा पुलिस की गश्ती काफी जरूरी है। रात्रि में और अहले सुबह निरंतर गश्ती होने से अपराध पर नियंत्रण रहेगा। गृह विभाग की बैठक में भी गश्ती के विषय में वह विस्तृत जानकारी लेते रहते हैं। हर थाने को दो वाहन दिये गये हैं और तीसरा वाहन भी जल्द उपलब्ध करा दिया जाएगा। इसके लिए जल्द से जल्द प्रस्ताव लाइये। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों द्वारा नियमित गश्ती एवं पुलिस बल की संख्या बढ़ने से विधि–व्यवस्था दुरुस्त रहेगी। गड़बड़ी करनेवाले‚ डरेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने आपातकालीन सेवा के लिए डायल ११२ शुरू कराया है। इस कॉल सेंटर पर अपराध‚ आगजनी‚ वाहन दुर्घटना एवं बीमार व्यक्ति से संबंधित सूचनाएं तत्काल दर्ज कराई जा सकती हैं। उस पर तेजी से एक्शन लिया जाता है। कॉल सेंटर बहुत ही अच्छे ढंग से काम कर रहा है। कॉल सेंटर में पुरुषों एव महिलाओं की बराबर संख्या में प्रतिनियुक्ति की गयी है। वह समाज के सभी तबकों को साथ लेकर चलते हैं‚ उनके उत्थान के लिए काम करते हैं। किसी की उपेक्षा नही करते हैं। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों की बहाली के साथ ही प्रशिक्षण का काम भी समय सीमा के अन्दर पूरा हो। हर थाने में महिला पुलिस पदाधिकारी एवं कर्मियों को भी पदस्थापित रखें। आपसी झगड़ों को खत्म कर समाज में सछ्वाव कायम रखने के लिए हर प्रकार से काम किया जा रहा है। नीतीश ने कहा कि पहले जब बिहार झारखंड एक था तो प्रशिक्षण की व्यवस्था झारखंड में थी। अब राजगीर पुलिस एकेडमी में प्रशिक्षण देने का काम किया जा रहा है जिसका विस्तार करना है। उन्होंने कहा कि कभी–कभी आधी ट्रेनिंग लेने वाले पुलिसकर्मियों को भी काम में लगा दिया जाता है। ऐसा करने से बचें‚ पूरा प्रशिक्षण लेने के बाद ही कर्मियों को काम पर लगायें। इसके बेहतर परिणाम मिलेंगे। बहाली और प्रशिक्षण का काम ठीक ढंग से ससमय कराएं ताकि बिहार में कानून का राज कायम रहे‚ यही उनकी इच्छा है। मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त पुलिसकर्मियों से आवान करते हुए कहा कि आपलोग अपना काम ठीक ढंग से कीजियेगा‚ उन्हें खुशी होगी। आज आपने जो शपथ ली है उसे भूलियेगा मत। शराब का सेवन खुद कभी नहीं करियेगा और न ही दूसरों को करने दीजियेगा। इससे समाज में काफी बेहतरी आएगी। समाज में कुछ लोग गड़बड़ करने वाले होते हैं। ९० प्रतिशत लोग ठीक हैं‚ शेष १० प्रतिशत लोगों को भी ठीक करने का प्रयास करते रहना है। आपलोगों से अनुरोध है कि आज लिये गये शपथ के अनुसार काम कीजियेगा। अपराध नियंत्रण में पूरा सहयोग दीजियेगा। नियुक्ति पा वितरण समारोह में नवनियुक्त पुलिसकर्मियों ने मुख्यमंत्री के समक्ष दोनों हाथ उठाकर शराब का सेवन नहीं करने और दूसरों को भी शराब का सेवन नहीं करने देने का संकल्प लिया।
समारोह को उप मुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव‚ ऊर्जा‚ योजना एवं विकास मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव‚ वित्त‚ वाणिज्य कर एवं संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी‚ मुख्य सचिव आमिर सुबहानी‚ अपर मुख्य सचिव गृह चैतन्य प्रसाद एवं पुलिस महानिदेशक संजीव कुमार सिंघल ने भी संबोधित किया।







