झारखंड में एक दिन के विशेष सत्र की कार्यवाही जारी है। सदन में विश्वास प्रस्ताव पेश किया गया है। जिसपर चर्चा जारी है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने सभी विधायकों को खुद बस में लेकर विधानसभा पहुंचे। ये सभी विधायक रविवार को छत्तीसगढ़ से रांची आए हैं।
सदन के बाहर भाजपा ने विधायकों ने छत्तीसगढ़ जाने और दुमका हत्याकांड को लेकर हंगामा किया। सदन में मुख्यमंत्री सोरेन ने कहा- इन लोगों ने ज्यादातर राज्यों में गृहयुद्ध के हालात बना दिए हैं।
झारखंड में सियासी हलचल आज विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है. इस एक दिन के विशेष सत्र में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन विश्वास मत प्रस्ताव पेश करेंगे। विधानसभा के 1 दिन के विशेष सत्र में भाग लेने के लिए छत्तीसगढ़ से कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा के विधायक रांची वापस आ चुके हैं।
कल ही रायपुर से रांची पहुंचे हैं विधायक
इस बीच, सोरेन ने रविवार शाम को कहा कि विपक्ष झारखंड सरकार के खिलाफ साजिश रच रहा है। सोरेन ने कहा कि, “वे इस तरह के किसी भी प्रयास में सफल नहीं होंगे।” बता दें कि छत्तीसगढ़ में डेरा डाले झारखंड के सत्तारूढ़ UPA के लगभग 30 विधायक विधानसभा के विशेष सत्र में भाग लेने के लिए रविवार को एकचार्टर विमान से रांची पहुंचे।
मीडिया में आई ख़बरों के अनुसार कल रांची पहुंचे सभी विधायकों को सीधे विधानसभा भवन ले जाया जायेगा। विधायकों की किसी भी संभावित खरीद-फरोख्त के प्रयास से बचने के लिए यह कदम उठाया गया है।
‘हम विधानसभा में अपनी बात रखेंगे और बहुमत साबित करेंगे’
वहीं रविवार को झारखंड के संसदीय कार्य मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि, “झारखंड में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। हमारे प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को राज्यपाल से मुलाकात की थी और उन्होंने हमें एक या दो दिन में स्थिति साफ करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ। इसलिए हम विधानसभा में अपनी बात रखेंगे और बहुमत साबित करेंगे।”
25 अगस्त को ही EC ने भेजा था अपना फैसला
बता दें कि लाभ के पद के मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को विधानसभा से अयोग्य ठहराने की भाजपा की याचिका के बाद, चुनाव आयोग (ईसी) ने 25 अगस्त को राज्यपाल रमेश बैस को अपना फैसला भेजा था, जिससे राज्य में राजनीतिक संकट पैदा हो गया है। हालांकि चुनाव आयोग के फैसले को अभी तक आधिकारिक नहीं किया गया है, लेकिन चर्चा है कि चुनाव आयोग ने एक विधायक के रूप में मुख्यमंत्री की अयोग्यता की सिफारिश की है।
सोरेन ने कहा- भाजपा राज्यों में गृहयुद्ध के हालात बना रही
सदन में हेमंत सोरेन ने कहा- विपक्ष ने तंत्र को खत्म कर दिया है सिर्फ लोक बचा है। लोकतंत्र को बचाना हमारी सरकार की प्राथमिकता है। बीजेपी देश के आधे राज्यों में गृह युद्ध की स्थिति बना रही है। कपड़ा, सब्जी और राशन को खरीदना सुना था, बीजेपी विधायक खरीद रही है।
मुस्लिम तुष्टिकरण में सरकार जुटी है- नीलकंठ सिंह
सदन में बीजेपी के विधायक नीलकंठ सिंह मुंडा ने कहा- ना ही कोर्ट की ओर से, ना ही राज्यपाल ने बहुमत साबित करने को कहा, फिर सरकार विश्वासमत क्यों लाना चाहती है। बीते दिनों से सीएम विधायकों को लेकर जिस तरह से घूम रहे हैं। उससे लगता है कि उन्हें अपने ही विधायकों पर भरोसा नहीं है। सरकार मुस्लिम तुष्टिकरण में लगी है। राज्य की बेटियों पर अत्याचार हो रहा है, लेकिन सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ता है।
इधर बीजेपी विधायक सीपी सिंह सदन में सीएम के व्यवहार पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि सीएम ने सदन में प्रवेश के साथ ही बीजेपी पर हमला बोल दिया। साथ ही कहा कि मैं खुद भी स्पीकर रह चुका हूं, ऐसे में कोई विधानसभा अध्यक्ष गलत करेंगे तो मैं चुप नहीं बैठूंगा।
सदन में गूंजी 1932 के खतियान की मांग
JMM विधायक सुदिव्य ने कहा 1932 के खतियान को आधार बनाकर स्थानीयता लागू की जाए। 32 की आग को जो छूएगा जलकर राख हो जाएगा। झारखंडियों की एक ही पहचान 1932 की खतियान। 1985 की स्थानीयता बनाकर ये लोग झारखंडियों और बाहरियों को एक साथ खड़ा कर दिया। झारखंडी नौजवान आज चाहता है कि स्थानीयता का कट ऑफ मार्क 1932 लागू हो।
सीएनटी-एसपीटी और विल्किंसन एक्ट देकर हमारे अधिकार को सुरक्षित रखा गया है। सीएनटी-एसपीटी एक्ट के बावजूद झारखंडियों की जमीनों को बेचा गया। 21 सालों में इनलोगों ने झारखंड की डेमोग्राफी को बदल दिया।
माले विधायक बिनोद सिंह ने अपनी ही सरकार पर हमला किया। स्थानीय नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि आपने जो नियोजन नीति बनाई है, उससे यहां के युवाओं को ही नुकसान हो रहा है। इसे सही करें।
हमने ओल्ड पेंशन स्कीम लागू की- दीपिका
कांग्रेस विधायक दीपिका पांडेय ने कहा झारखंड सरकार में अस्थिरता पैदा करने वाले असमंजस में हैं। महामहिम हफ्ते भर से दिल्ली में क्या कर रहे हैं। आज वापसी हो रही है तो आगे क्या होगा। केंद्र और राज्य के भाजपा के नेता हैं वो राजनीति षडयंत्र करने में व्यस्त हैं। हमारी सरकार ने ओल्ड पेंशन स्कीम को लागू करने का काम किया। 1.5 लाख कर्मचारियों के हितों की रक्षा की।
सोरेन के विधायक रविवार को रांची लौटे, भाजपा ने उठाया सवाल
भाजपा विधायकों ने सत्ताधारी विधायकों के छत्तीसगढ़ जाने पर सवाल उठाए हैं। बता दें कि ऑफिस ऑफ प्रॉफिट मामले में चुनाव आयोग की चिट्ठी मिलने के 11 दिन बाद भी राज्यपाल का कोई आदेश नहीं आया है,लेकिन राज्य की राजनीति में उथल-पुथल मची हुई है। हेमंत सोरेन ने अपने 32 विधायकों को एकजुट करने के लिए 30 अगस्त को रायपुर भेजा था। सभी रविवार को रांची लौट आए थे। सभी सर्किट हाउस से बस में सवार होकर विधानसभा पहुंचे।







