ADVERTISEMENT
Saturday, July 11, 2026
No Result
View All Result
  • Login
  • Register
No Result
View All Result
UB INDIA NEWS
No Result
View All Result

दो साल के लंबे इंतजार के बाद कल से गणेश उत्सव की धूम

UB India News by UB India News
August 31, 2022
in अध्यात्म, खास खबर
0
दो साल के लंबे इंतजार के बाद कल से गणेश उत्सव की धूम
  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link

गणेश उत्सव को लेकर तैयारियां शुरु हो गई है. दो साल के लंबे इंतजार के बाद इस वर्ष गणेश उत्सव (ganesh chaturthi 2022) बड़े ही धूमधाम से मनाया जाएगा. 31 अगस्त से 10 दिवसीय गणेश उत्सव की शुरुआत होगी. शहर के कई क्षेत्रों में गणेश प्रतिमाओं को लेकर बाजार सजे हैं. 8 इंच से लेकर 10 फीट तक की गणेश प्रतिमाएं (ganesh chaturthi 2022 vrat) विभिन्न तरह के आकार और प्रतिकृति के रूप में मिल रही है.

31 अगस्त को गणेश चतुर्थी पर गणेशजी की स्थापना और पूजा के लिए दिनभर में कुल 6 शुभ मुहूर्त रहेंगे। सुबह 11.20 बजे से दोपहर 01.20 बजे तक का समय सबसे अच्छा रहेगा, क्योंकि इस वक्त मध्याह्न काल रहेगा, जिसमें गणेश जी का जन्म हुआ था।

RELATED POSTS

स्वदेशी युद्धपोत महेंद्रगिरि को भारतीय नौसेना के पूर्वी बेड़े में हुआ शामिल ,क्यों खास आईएनएस महेंद्रगिरि ……

दतिया उपचुनाव में नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद क्यों हुआ बवाल……….

7 वर्षों से अपने हाथों से मिट्टी की प्रतिमा बनाकर उन्हें विराजित कर घर पर ही विसर्जित किया जा रहा है. इसके साथ ही वे स्कूली बच्चों के साथ-साथ अपने आसपास के लोगों को भी मिट्टी की प्रतिमा बनाकर वितरित करते हैं और प्रशिक्षण भी देते हैं. पीओपी से बनी मूर्तियों से नदियों में प्रदूषण होता है. इसे रोकने के लिए सभी को मिट्टी की प्रतिमा ही विराजित करनी चाहिए. इससे पर्यावरण प्रदूषण (ganesh chaturthi 2022 festival) नहीं होगा.

इस वर्ष भी करीब 5 फीट मिट्टी की गणेश प्रतिमा बनाकर स्थापित करेंगे. पीओपी प्रतिमाओं से पर्यावरण के साथ साथ नदियां भी प्रदूषित होती है. पीओपी की प्रतिमाएं पानी में घुलती भी नहीं है. इससे आस्था को भी ठेस पहुंचती है. इसलिए मिट्टी की प्रतिमा बनाकर उसे स्थापित कर घर या नदी में विसर्जित करेंगे जिससे पर्यावरण और नदिया (ganesh chaturthi 2022 date) प्रदूषित न हो.

गणेश चतुर्थी का ऐतिहासिक महत्व और इतिहास

गणेश उत्सव भाद्रपद मास की चतुर्थी से चतुर्दशी तक मनाया जाता है. प्राचीन काल में भी गणेश उत्सव का आयोजन होता था इसके प्रमाण हमे सातवाहन, राष्ट्रकूट तथा चालुक्य वंश के काल से मिलते है. गणेश उत्सव को मराठा शासक छत्रपति शिवाजी महाराज ने राष्ट्रधर्म और संस्कृति से जोड़कर एक नई शुरुआत की थी.

History of ganesha utsav and ganesha chaturthi1

गणेश उत्सव भाद्रपद मास की चतुर्थी से चतुर्दशी तक मनाया जाता है. प्राचीन काल में भी गणेश उत्सव का आयोजन होता था इसके प्रमाण हमे सातवाहन, राष्ट्रकूट तथा चालुक्य वंश के काल से मिलते है. गणेश उत्सव को मराठा शासक छत्रपति शिवाजी महाराज ने राष्ट्रधर्म और संस्कृति से जोड़कर एक नई शुरुआत की थी. मराठा शासको ने गणेश उत्सव के इसी क्रम को जारी रखा तथा पेशवाओ के समय भी गणेश उत्सव इसी तरह जारी रहा. चूँकि गणेशजी पेशवाओं के कुलदेवता थे इसी कारण इस समय गणेशजी को राष्ट्रदेव के रूप में दर्जा प्राप्त हो गया था. पेशवाओं के बाद ब्रिटिश काल मे 1892 तक गणेश उत्सव केवल हिन्दू घरो तक ही सिमटकर रह गया था.

History of ganesha utsav and ganesha chaturthi2

1857 की क्रांति के बाद घबराकर अंग्रेजो ने 1894 में इतने कठोर कानून बना दिया था! जिसे धारा 144 कहते है जो आजादी के बाद से अब तक उसी स्वरुप में आज भी लागु है. वह कानून इस प्रकार था कि किसी भी स्थान पर 5 भारतीय से अधिक इकठ्ठा नही हो सकते थे अर्थात समूह बनाकर कोई कार्य या प्रदर्शन नही कर सकते थे. और अगर कोई ब्रिटिश अधिकारी उनको इकठ्ठा देख लेता तो इतनी कड़ी सजा दी जाती थी कि जिसे सुनकर रोंगटे खड़े हो जाते है. उनको कोड़े से मारा जाता था और उनके हाथो से नाखुनो को खींच लिया जाता था. इस कानून के कारण भारतीयों में भय व्याप्त हो गया था.

लोगों में अंगेजो के प्रति व्याप्त भय को ख़त्म करने तथा इस कानून का विरोध करने के लिए लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने गणेश उत्सव की पुनः शुरुआत की. और इसकी शुरुआत पुणे के शनिवारवाडा में गणेश उत्सव के आयोजन से हुई. इससे पहले लोग अपने घरो में गणेश उत्सव मनाते थे पर 1894 के बाद इसे सामूहिक तौर पर मनाया जाने लगा. पुणे के शनिवारवाडा में हजारो लोगो की भीड़ उमड़ी. तिलक जी ने अंग्रेजो को चेतावनी दी थी की अंग्रेज पुलिस उन्हें गिरफ्तार करके दिखाए क्योकि कानून के हिसाब से अंग्रेज पुलिस सिर्फ राजनैतिक समारोह में उमड़ी भीड़ को ही गिरफतार कर सकती थी धार्मिक समारोह में उमड़ी भीड़ को नही.
History of ganesha utsav and ganesha chaturthi festival

इस प्रकार पुरे 10 दिन 20-30 अक्टूबर 1894 तक पुणे के शनिवारवाडा में गणपति उत्सव मनाया गया. हर दिन लोकमान्य तिलक वहाँ भाषण के लिए किसी बड़े व्यक्ति को आमंत्रित करते थे. 20 तारीख को बंगाल के सबसे बड़े नेता विपिनचन्द्र पाल तथा 21 तारीख को उत्तर भारत के लाला लाजपत राय वहाँ पहुँचे. इसी प्रकार चापेकर बंधू भी वहा पहुँचे. वहां 10 दिनों तक इन महान नेताओ के भाषण होते थे. और सभी भाषणों का मुख्य आधार यही होता था कि हम भारत को अंग्रेजो से आजाद कराए. गणपति जी हमें इतनी शक्ति दे की हम स्वराज्य लाए.

History of ganesha utsav and ganesha chaturthi5

अगले वर्ष 1895 में पुणे में 11 गणपति स्थापित किए गए फिर अगले साल 31 और अगले साल यह संख्या 100 पार कर गई. उसके पश्चात धीरे-धीरे पुणे के नजदीकी बड़े शहरो जैसे अहमदनगर, मुंबई, नागपुर आदि तक गणपति उत्सव फैलता गया. प्रति गणपति उत्सव पर लाखो लोगो की भीड़ जमा होती थी तथा आमंत्रित नेता उनमें देश प्रेम के भाव जाग्रत करने का कार्य करते थे. इस प्रकार का प्रयास सफल हुआ और लोगों के मन में देश के प्रति भाव बड़ने लगे. स्वतंत्रता आन्दोलन में लोगो को एकजुट करने में इस प्रयास ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. 1904 में लोकमान्य तिलक जी ने अपने भाषणों में लोगो से कहा था की गणपति उत्सव का मुख्य उद्देश्य आजादी हासिल करना है स्वराज्य हासिल करना है देश से अंग्रेजो को भगाना है. बिना स्वराज्य के गणपति उत्सव का कोई औचित्य नही है.

  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link
UB India News

UB India News

Related Posts

स्वदेशी युद्धपोत महेंद्रगिरि को भारतीय नौसेना के पूर्वी बेड़े में हुआ शामिल ,क्यों खास आईएनएस महेंद्रगिरि ……

स्वदेशी युद्धपोत महेंद्रगिरि को भारतीय नौसेना के पूर्वी बेड़े में हुआ शामिल ,क्यों खास आईएनएस महेंद्रगिरि ……

by UB India News
July 11, 2026
0

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को विशाखापत्तनम में भारतीय नौसेना के पूर्वी बेड़े में छठे प्रोजेक्ट 17ए स्वदेशी स्टील्थ...

दतिया उपचुनाव में नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद क्यों हुआ बवाल……….

दतिया उपचुनाव में नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद क्यों हुआ बवाल……….

by UB India News
July 11, 2026
0

नरोत्तम मिश्रा मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के दिग्गज नेताओं में गिने जाते रहे हैं. शिवराज सिंह चौहान...

विधानसभा चुनाव :  BJP ने असम के लिए 88 और केरल के लिए 39 उम्मीदवारों का ऐलान………..

बांकीपुर को लेकर बीजेपी इतना अव्यवस्थित क्यों है ! …

by UB India News
July 11, 2026
0

बिहार के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी ने अपने पहले उम्मीदवार अभिषेक बंटी (पिता का चारा घोटाले में नाम होने...

प्रधानमंत्री मोदी अपने तीन देशों के दौरे के अंतिम चरण में आज न्यूजीलैंड के ऑकलैंड पहुंचेगे ………

प्रधानमंत्री मोदी अपने तीन देशों के दौरे के अंतिम चरण में आज न्यूजीलैंड के ऑकलैंड पहुंचेगे ………

by UB India News
July 10, 2026
0

प्रधानमंत्री मोदी की विदेश यात्रा से जुड़े कार्यक्रम को लेकर सरकार की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि...

डिएगो गार्सिया पर हमले ने उड़ा दी US की नींद ………………

भारत की ऊर्जा सुरक्षा और महंगाई पर खतरा बढ़ा ………………………….

by UB India News
July 10, 2026
0

पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच जून में बड़ी मुश्किल से हुआ युद्धविराम जिस तरह से दोनों देशों...

Next Post
न्यायपालिका ने राजनीतिक दलों को आईना दिखाना शुरू किया

सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात दंगों से जुड़े सभी केस और अयोध्‍या विवादित ढांचे को ढहाए जाने से संबंधित सभी मामलों को बंद करने किया फैसला

आतंकवाद पर नकेल कसने के लिए जांच एजेंसियों को मिला और अधिकार

आतंकवाद पर नकेल कसने के लिए जांच एजेंसियों को मिला और अधिकार

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • front
  • Home
Contect Us - ubindianews@gmail.com

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password? Sign Up

Create New Account!

Fill the forms below to register

All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • front
  • Home

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Send this to a friend