भाजपा संयुक्त मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकरिणी में शामिल होने पटना पहुंचे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्षश्री नड्डा ने कहा कि पटना आकर मुझे नई ऊर्जा मिलती है। उन्होंने अपने बचपन के दिनों का स्मरण किया। उन्होंने लोकनायक जयप्रकाश नारायण की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि देने के बाद कहा‚‘बिहार की धरती पर आकर मुझे ऊर्जा मिलती है। अपने युवावस्था के दिनों का स्मरण होता है कि कैसे हम पटना की सड़कों पर लोकनायक के साथ आंदोलन में उतरे थे।’ उन्होंने कहा कि लोकनायक ने अपने जीवन में जो संपूर्ण क्रांति का नारा दिया‚ उनकी धरती पटना आने का मुझे मौका मिला है। भाजपा अध्यक्ष ने स्मरण करते हुए कहा‚‘मुझे याद है‚ शायद ५ जून १९७४ था जब इसी ऐतिहासिक गांधी मैदान से लाखों की संख्या में हस्ताक्षर लेकर तब की बिहार की गफूर सरकार को बर्खास्त करने के लिए हमलोग तत्कालीन राज्यपाल को ज्ञापन देने गये थे। उस समय मैं सिर्फ१८ वर्ष का था। लोकनायक के सम्पूर्ण क्रांति के नारे वाले आंदोलन में उनके साथ जुड़कर हमने पटना की सड़कोंें पर प्रदर्शन किया था।’ श्री नड्डा ने कहा कि जब भी मैं पटना आता हूं‚ तो वे सारी पुरानी बातें आंखों के सामने से गुजर जाती हैं। ॥ ॥ ॥ उन्होंने उस समय लोकनायक के आंदोलन से प्रेरणा लेकर जिस दिशा में काम करना शुरू किया था‚ उसी ओर आज भी बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि पटना आकर मैं गौरवान्वित महसूस करता हूं और यहां मुझे नई ऊर्जा मिलती है। इससे पूर्व श्री नड्डा के पटना के जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा से जेपी गोलम्बर तक भव्य रोड शो का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में पार्टी के कार्यकर्ता शमिल हुए। हाथी–घोड़े और ढोल–नगाड़े के साथ हजारों की संख्या में मोटरसाइकिल सवार भाजपा कार्यकर्ता उनके स्वागत में कई किलोमीटर तक पटना की सडकों पर घंटों उत्साह के साथ खड़े रहे। दो दिवसीय कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए भाजपा ने जोरदार तैयारी की है।
भाजपा संयुक्त मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में शामिल होने के लिए शनिवार को पटना पहुंचे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्ड़ा ने केंद्र सरकार की उपलब्धियों को गिनाया। कार्यक्रम ‘ग्राम संसद’ का उद्घाटन करने के बाद श्री नड्ड़ा ने कहा कि भारत अब याचक की भूमिका में नहीं‚ बल्कि देने वाला देश बन गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने कई क्षेत्रों में सफलतापूर्वक विकास योजनाएं लागू की हैं। इसलिए हम विकास के चैम्पियन हैं।’ श्री नड्ड़ा ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की आलोचना भी की। उन्होंने कहा कि देश की आजादी को ७५ वर्ष पूरे होने को है‚ लेकिन पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में देश में न तो अच्छी सड़कें थीं और न ही हेल्थ सिस्टम दुरुस्त। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि क्या वजह रही कि देश को प्रधानमंत्री ग्राम सड़़क योजना के लिए अटल बिहारी बाजपेयी को प्रधानमंत्री बनने का इंतजार करना पड़़ा। अब सभी राज्यों में सड़़कों एवं पुल पुलियों का जाल बिछ चुका है। एक्सप्रेसवे‚ हाइवे और फ्लाईओवर ने लोगों को जहां सुगम यातायात की सुविधा दी‚ वहीं यह आर्थिक उन्नति में मील का पत्थर साबित हो रहा है। श्री नड्ड़ा ने कहा कि कांग्रेस की सरकार ने अटल बिहारी बाजपेयी द्वारा शुरू की गई प्रधानमंत्री ग्राम सड़़क योजना को दस वर्षों तक रोक कर रखा। उसे फिर से तेजी देने का काम नरेंद्र मोदी सरकार ने किया। एनड़ीए के शासनकाल में एम्स जैसे दर्जनों संस्थान खोले गये। पहले देश में पोलियो‚ चेचक का टीका आने में वर्षों साल लग जाते थे‚ लेकिन कोरोना महामारी से बचाव के लिए भारत ने एक वर्ष के अंदर टीका तैयार कर देशवासियों को राहत दी। यही नहीं‚ देश में बने कोरोनारोधी वैक्सीन १०० देशों को भेजकर वहां के नागरिकों की जान बचायी गयी। श्री नड्ड़ा ने कहा कि आज भारत के पांच लाख गांवों में सीएससी की शाखाएं खुल चुकी हैं। हमारी सरकार ने ११ करोड़़ शौचालय बनवाये‚ उज्जवला योजना के तहत महिलाओं को रसोई गैस के कनेक्शन दिये गये। साथ ही रोजगार के अवसर सृजित किये गये। श्री नड्ड़ा ने कहा कि ग्राम स्वराज की जो कल्पना महात्मा गांधी ने रखी थी‚ उसको अमलीजामा पहनाने का काम जनसंघ और भाजपा ने किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने कभी कोऑपरेटिव फामिग की बात की‚ तो कभी कलेक्टिव फामिग की‚ लेकिन किसानों‚ गांवों और गरीबों की अंतरात्मा को पहचानने में उसकी सोच पीछे रह गई और यही कारण है कि वह ग्राम स्वराज की कल्पना को साकार करने में असफल रही। उन्होंने कहा कि हमारी विचारधारा‚ जिसकी उत्पत्ति श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने एक मजबूत देश‚ मजबूत राष्ट्र की कल्पना को लेकर की‚ तो वैचारिक पृष्ठभूमि पर दीनदयाल उपाध्याय ने एकात्म मानववाद दिया। अंत्योदय की कल्पना को पहली बार धरातल पर भाजपा और जनसंघ ने उतारा। उन्होंने कहा कि पैसों का वितरण पहले की तरह कोई उपायुक्त या बीडीओ नहीं करेगा। अब सार्वजनिक वित्त प्रबंधन प्रणाली विकसित की गई है। १.७७ लाख ग्राम पंचायत फाइबर इंटरनेट से जुड़ गये हैं‚ जिससे अब डिजिटल व नकद भुगतान शुरू हो गई है।







