देवभूमि उत्तराखंड पर प्रकृति का कहर टूट पड़ा है। आज तेज बारिश की वजह से 11 लोगों की मौत हुई है जबकि कल पांच लोगों की मौत हुई थी। उत्तराखंड में कुदरत के कहर से अबतक कुल 16 लोगों की जान चली गई है। वहीं सबसे बड़ी तबाही आई है नैनीताल के रामगढ़ में जहां बादल फटने के बाद कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। बारिश और लैंडस्लाइड की वजह से नैनीताल के सभी रास्ते बंद हैं। राज्य में मात्र 24 घंटे में 200 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गयी है। कई इलाकों में बारिश 400 मिली या उससे भी अधिक हुई है।
उत्तराखंड में बारिश से हुई भारी तबाही को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट से बात की है. प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड में हुई तबाही का पूरा जायजा लिया. प्रधानमंत्री ने सीएम को भरोसा दिलाया कि उत्तराखंड को हुई तबाही की भरपूर मदद करने का भरोसा दिलाया. वहीं प्रधानमंत्री ने कुमाऊं क्षेत्र में हुई नुकसान को लेकर अजय भट्ट से विस्तृत जानकारी ली. प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री पुष्कर धामी से राज्य में हुए नुकसान को लेकर जानकारी मांगी है. प्रधानमंत्री सांसद अनिल बलूनी से भी लगातार जानकारी ले रहे हैं.
कुमाऊं में सबसे अधिक मौसम की मार
मौसम की मार सबसे अधिक कुमाऊं जिले में पड़ी है जहां सबसे ज्यादा कहर देखने को मिल रहा है. यहां की अधिकांश झील, नदी और नाले उफान पर है. इस वजह से कई मार्गों को बंद कर दिया गया है. हालांकि गढ़वाल में फिलहाल बारिश नहीं हो रही है. हालांकि मौसम विभाग ने एक बार फिर अलर्ट जारी किया है. आगे की चारधाम यात्रा भी मौसम का मिजाज देख कर ही संचालित की जाएगी.
10 हजार श्रद्धालु यात्रा पड़ावों पर अटके
उत्तराखंड में चारधाम यात्रा पर गए लगभग 10 हजार श्रद्धालु यात्रा पड़ावों पर रुके हुए हैं. हजारों श्रद्धालु वापसी के लिए सही मौसम होने का इंतजार कर रहे हैं. बदरीनाथ व केदारनाथ धाम की यात्रा पर आए कई यात्री बिना दर्शन किए वापस लौट रहे हैं. वहीं उत्तरकाशी जिला मुख्यालय सहित समस्त तहसील क्षेत्रों में हल्के बादल छाए है. जबकि गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग स्वारीगाड, हर्षिल में मलवा आने के कारण अवरुद्ध है. फिलहाल बीआरओ अवरुद्ध मार्ग को खोलने में जुटा है.
रामनगर में नदी-नाले उफान पर
रामनगर में भारी बारिश से यहां के नदी-नाले उफान पर है. जगह-जगह पानी भर जाने से कई सड़कें अभी भी बंद है. पौड़ी गढ़वाल को जाने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग 309 धनगढ़ी नाले में बाढ़ से बंद है. कॉर्बेट पार्क घूमने आए कई सैलानियों और स्थानीय लोगों की कारें भी बाढ़ में बह गई हैं. जगह-जगह से बरसाती नालों में कारें बहने की खबरें हैं.
सीएम ने राज्य आपदा कंट्रोल रूम से जानकारी ली
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सचिवालय स्थित राज्य आपदा कंट्रोल रूम से प्रदेश में हो रही वर्षा की जानकारी ली. उन्होंने राष्ट्रीय राजमर्गों एवं अन्य संपर्क मार्गों की जानकारी भी ली. जिलाधिकारी पौड़ी एवं जिलाधिकारी रूद्रप्रयाग से मुख्यमंत्री ने फोन से वार्ता कर ताजा अपडेट लिया. मुख्यमंत्री लगातार सभी जिलाधिकारियों से अपडेट ले रहे हैं.
बाबा नीम करोली धाम में भी नदी का जलस्तर बढ़ा
विश्व प्रसिद्ध नीम करोली धाम में नदी का जलस्तर बढ़ रहा है. वहीं नैनीताल जनपद के रामगढ़ क्षेत्र में भारी बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर है. कई जगह ग्रामीण मोटर मार्ग भी टूट चुके हैं. वहीं हल्द्वानी के गोला नदी पुल टूटने से संपर्क टूट गया है. इस पुल का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है जिसमें पुल टूटता हुआ दिख रहा है.
नैनीताल में देर रात झील का पानी माल रोड पहुंचा
रात भर की बारिश के चलते मंगलवार सुबह नैनीताल के तल्लीताल क्षेत्र में सड़क से निचले इलाकों को पानी घुस आया है. सड़कों पर पानी बहता नजर आ रहा है. वहीं पिथौरागढ़ के धारचूला में भारत और नेपाल के बीच में बहने वाली महाकाली नदी भी रौद्र रूप में है. पानी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. जबकि चंपावत में एक निर्माणाधीन पुल जल स्तर में वृद्धि के कारण बह गया. वहीं चमोली क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण नदी में बाढ़ आ गई है, जिससे इसके जल स्तर में वृद्धि हो रही है.
पहाड़ी इलाकों में बारिश का कहर
उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में बारिश कहर बनकर बरस रही है. मंगलवार सुबह अल्मोड़ा के भिकियासैंण में एक मकान भूस्खलन की चपेट में आ गया. इस दौरान दो बच्चे मलबे में दब गए. जानकारी मिलने पर एसडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू किया. उधर, बाजपुर में लेवड़ा नदी उफान पर आ गई. जिससे मुख्य बाजार और कॉलोनियों में बाढ़ का पानी भर गया.
कोसी नदी में पानी बढ़ने से रामनगर के गर्जिया मंदिर को खतरा पैदा हो गया है. पानी मंदिर की सीढ़ियों तक पहुंच गया है. वहीं बैराज के सभी फाटक खोल दिए गए हैं. कोसी बैराज पर कोसी नदी का जलस्तर 139000 क्यूसेक है जो खतरे के निशान से काफी ऊपर है.
बीआरओ ने नाले में फंसी कार को बचाया
बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग के पास उफनते लामबगड नाले में फंसी एक कार में सवार लोगों को बीआरओ (सीमा सड़क संगठन) ने सुरक्षित बचा लिया. वहीं एसडीआरएफ और पुलिस ने केदारनाथ मंदिर से लौटते समय लगातार बारिश के बीच जंगल चट्टी में फंसे करीब 22 श्रद्धालुओं को बचाया. उन्हें गौरी कुंड में शिफ्ट कर दिया गया. वहीं चलने में कठिनाई का सामना कर रहे 55 वर्षीय एक भक्त को स्ट्रेचर पर ले जाया गया.
अल्मोड़ा में 36 घंटे से लगातार हो रही बारिश
अल्मोड़ा जनपद में विगत 36 घंटे से हो रही लगातार बारिश के कारण जगह-जगह भूस्खलन से मकान टूटने और मार्ग अवरुद्ध होने की घटनाएं सामने आ रही है. बारिश के कारण जनपद में दो अलग अलग-घटनाओं में मकान टूटने से तीन बच्चों की दबकर मौत हो चुकी है. वहीं एक व्यक्ति लापता तो एक महिला घायल हुए हैं. बारिश के कारण जिले का अन्य जिलों से संपर्क पूरी तरह कट चुका है. जिले के अधिकांश मार्ग मलबा आने से बंद हो चुके है. वहीं एक अन्य घटना में अल्मोड़ा नगर के हीरा डूंगरी में सामने आई है. जहां हीराडूंगरी निवासी त्रिलोक सिंह के मकान में देर रात दो बजे मलवा आने से उनकी पत्नी रेखा और 14 वर्षीय उनकी बेटी रोमा सिंह दब गई. दोनो को रेस्क्यू कर मलबे से निकला गया, जिसमें उनकी 14 वर्षीय बेटी रोमा की मौत हो गई.
उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि उन्होंने पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को उत्तराखंड के ताजा हालातों के बारे में जानकारी दे दी है. उन्होंने कहा कि कई जगहों पर घर, पुल टूटे हैं. अबतक राज्य में 16 लोगों की मौत हुई है. बचाव कार्यों के लिए हेलिकॉप्टर्स को तैनात किया गया है. उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भारी बारिश से प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया. बाद में उन्होंने रुद्रप्रयाग पहुंचकर नुकसान के आकलन की समीक्षा भी की.
एनडीआरएफ की 10 टीमें तैनात
मौसम विभाग ने उत्तराखंड में बारिश का मंगलवार के लिए अपडेट जारी किया है. विभाग के अनुसार, राज्य में आज भारी बारिश होने के साथ-साथ बाढ़ की भी आशंका है. सुरक्षादृष्टि से एनडीआरएफ की 10 टीमें तैनात कर दी गई हैं. फिलहाल लोग जहां-जहां फंसे हैं उन्हें रात-दिन रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर बचाया जा रहा है. लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा रहा है.
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून में पत्रकारों को बताया कि मंगलवार को बारिश से संबंधित घटनाओं में 11 लोगों की मौत हो गयी, जबकि बादल फटने और भूस्खलनों के बाद कई लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही उत्तराखंड में बारिश से संबंधित घटनाओं में मरने वाले लोगों की संख्या 16 हो गयी है। धामी ने आश्वस्त किया कि सेना के तीन हेलीकॉप्टर राज्य में चल रहे राहत एवं बचाव अभियानों में मदद करने के लिए जल्द पहुंचेंगे। विभिन्न स्थानों पर फंसे हुए लोगों को बचाने के लिए इनमें से दो हेलीकॉप्टरों को नैनीताल और एक को गढ़वाल क्षेत्र में भेजा जाएगा।
बहरहाल, मुख्यमंत्री ने लोगों से न घबराने की अपील करते हुए कहा कि उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने चारधाम यात्रियों से फिर अपील की कि वे जहां हैं, वहीं रुक जाएं और मौसम में सुधार होने से पहले अपनी यात्रा शुरू न करें। धामी ने कहा कि बारिश से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। उन्होंने माना कि लगातार बारिश से किसानों पर काफी असर पड़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्थिति का जायजा लेने के लिए उनसे फोन पर बात की और उन्हें हरसंभव मदद देने का आश्वासन दिया।
नैनीताल में मॉल रोड और नैनी झील के किनारे पर स्थित नैना देवी मंदिर में बाढ़ आ गयी है, जबकि भूस्खलनों के कारण एक हॉस्टल की इमारत को नुकसान पहुंचा है। नैनीताल जिला प्रशासन शहर में फंसे पर्यटकों की मदद के लिए पुरजोर प्रयास कर रहा है। शहर में आने वाले और बाहर जाने वाले वाहनों में सवार यात्रियों को आगाह करने के लिए पुलिस को तैनात किया गया है तथा यात्रियों से बारिश बंद होने तक ठहरने को कहा जा रहा है। भूस्खलनों से शहर से बाहर जाने का रास्ता अवरुद्ध हो गया है। रामनगर-रानीखेत मार्ग पर लेमन ट्री रिजॉर्ट में करीब 100 लोग फंस गए हैं और उफान पर बह रही कोसी नदी का पानी रिजॉर्ट में घुस रहा है।
अल्मोड़ा पुलिस ने बताया कि नैनीताल के रामनगर स्थित लेमन ट्री रिजॉर्ट से 200 पर्यटकों को सुरक्षित बचाया गया है. एसएसपी अल्मोड़ा पंकज भट्ट स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं. लेमन ट्री रिजॉर्ट नैनीताल-अल्मोड़ा सीमा पर नैनीताल की ओर स्थित है.
डीजीपी अशोक कुमार ने बताया कि रामनगर-रानीखेत मार्ग स्थित लेमन ट्री रिजॉर्ट में फंसे करीब 200 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है. लगातार बारिश से अब तक 24 से 25 लोगों की मौत हो चुकी है. सबसे ज्यादा हताहत नैनीताल जिले में हुई.
राज्य में उधम सिंह नगर में भारी बारिश के कारण जलस्तर में बढ़ोतरी के चलते नानक सागर बांध के सभी गेट खोल दिए गए हैं.







