पंजाब को अपना नया ‘कैप्टन’ मिल गया है। राज्य के पहले दलित सीएम के रूप में कांग्रेस के विधायक चरणजीत सिंह चन्नी ने सीएम पद की शपथ ले ली है। उन्हें राज्यपाल ने राजभवन में सीएम पद की गोपनीयता की शपथ दिलाई। चरणजीत सिंह चन्नी के साथ बेहद साधे कार्यक्रम में सुखजिंदर सिंह रंधावा और ओपी सोनी को भी मंत्री पद की शपथ दिलाई। आपको बता दें कि पंजाब में पिछले कई महीनों से नवजोत सिंह सिद्धू और कैप्टन अमरिंदर सिंह के बीच विवाद चल रहा था। शनिवार को कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद कल पूरे दिन की चर्चाओं के बाद कांग्रेस ने चरणजीत सिंह चन्नी के नाम का चयन किया। पंजाब की सियासत से जुड़ी सभी खबरें आप हमारे इस पेज पर पढ़ सकेंगे।
PM ने चन्नी को पंजाब का CM बनने पर बधाई दी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को पंजाब का मुख्यमंत्री बनने पर चरणजीत सिंह चन्नी को बधाई दी और कहा कि वह राज्य सरकार के साथ मिलकर पंजाब की बेहतरी के लिए काम जारी रखेंगे। पंजाब के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित ने राजभवन में आयोजित एक सादे समारोह में चन्नी को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। प्रधानमंत्री ने एक ट्वीट में कहा, “पंजाब के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने पर चरणजीत सिंह चन्नी को बधाई। पंजाब सरकार के साथ मिलकर हम राज्य और राज्य की जनता की बेहतरी के लिए काम जारी रखेंगे।”
अनिल विज ने चन्नी पर कसा तंज
पंजाब में कांग्रेस किसे मुख्यमंत्री बनाये अपनी गाड़ी पर कौनसा इंजन लगाए यह कांग्रेस का अंदरूनी मामला है परंतु जो इंजन कदम कदम पर टॉस करके चलता हो उससे पंजाब का क्या हाल होगा उसका अंदाजा लगाया जा सकता है।- अनिल विज
पीएम मोदी ने चरणजीत सिंह चन्नी को दी बधाई
पीएम मोदी ने ट्वीट कर पंजाब के नव नियुक्त मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को बधाई दी है। उन्होंने ट्वीट कर कहा-चरणजीत सिंह चन्नी जी को पंजाब के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने पर बधाई। पंजाब के लोगों की बेहतरी के लिए पंजाब सरकार के साथ काम करना जारी रखेंगे।
मायावती ने दी चरणजीत सिंह चन्नी को बधाई
मायावती ने चरणजीत सिंह चन्नी को बधाई देते हुए कहा कि अगर कांग्रेस पार्टी इनको पहले ही 5 सालों के लिए सीएम बना देती तो अच्छा होता। इन्हें कुछ समय के लिए मुख्यमंत्री बनना तो ये लगता है कि ये महज चुनावी हथकंड़ा है। – मायावती
कैप्टन से मिलने जाएंगे चन्नी
कैप्टन अमरिंदर सिंह से मिलने उनके फार्महाउस जाएंगे पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी। कैप्टन अमरिंदर सिंह चरणजीत सिंह चन्नी के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं हुए। उन्होंने शनिवार को सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था और कांग्रेस नेतृत्व द्वारा अपमानित किए जाने की बात कही थी।
ओपी सोनी ने भी डिप्टी सीएम की शपथ ली
ओपी सोनी ने भी डिप्टी सीएम की शपथ ली। पंजाब कांग्रेस में ओपी सोनी की पहचान हिंदू नेता के तौर पर है। कैप्टन अमरिंदर की सरकार में मेडिकल शिक्षा मंत्री थे।
सुखजिंदर सिंह रंधावा ने डिप्टी सीएम की शपथ ली
सुखजिंदर सिंह रंधावा ने उप मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। सुखजिंदर सिंह कैप्टन अमरिंदर की सरकार में जेल और सहकारिता मंत्री थे।
आसान नहीं है चरणजीत सिंह चन्नी की राह, इन बड़ी चुनौतियों का करना होगा सामना
पंजाब कांग्रेस के दो दिग्गज नेताओं की राजनीतिक लड़ाई में सीएम का ताज चरणजीत सिंह चन्नी के सिर आ तो गया है लेकिन उनके सामने चुनौतियां भी कम नहीं हैं। चन्नी ने आज मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है लेकिन सियासी गलियारों में यह कहा जा रहा है कि उनकी आगे राह आसान नहीं है। उन्हें कई सियासी चुनौतियों के बीच व्यवस्था को संभालने की जिम्मेदारी मिली है।
प्रदेश को मजबूत नेतृत्व
आपको बता दें कि 58 वर्षीय चरणजीत सिंह चन्नी कांग्रेस पार्टी के तीसरी बार के विधायक हैं। वे इससे पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह की कैबिनेट में तकनीकी शिक्षा मंत्री के तौर पर कामकाज देख रहे थे।चन्नी की सबसे बड़ी चुनौती पार्टी की अंदरुनी गुटबाजी और सियासी उठापठक के बीच विधानसभा चुनाव तक एक मजबूत नेतृत्व देने की होगी। राज्य की प्रशासनिक और आर्थिक व्यवस्था को गति देनी होगी इसके साथ ही पार्टी के अंदर गुटबाजी के बीच सभी धड़ों के बीच एक सहमति कायम करने की होगी। इसके साथ ही राज्य के अंदर किसानों के असंतोष को भी दूर करना होगा। राज्य के किसान लंबे अर्से से कृषि कानून को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
सभी समुदाय का समर्थन
पंजाब कांग्रेस के अंदर सिद्धू और कैप्टन की सियासी जंग अभी एक नए मोड़ तक ही पहुंची है और ऐसी संभावना है कि यह आगे भी जारी रहेगी। इन दोनों की इस सियासी जंग में कई अहम पड़ाव अभी बाकी हैं। ऐसे में चरणजीत सिंह की राह में तमाम तरह की बाधाएं हैं। वे प्रदेश के पहले दलित मुख्यमंत्री हैं। उनके सामने पंजाब के दलित वोट को एक जुट करने के साथ ही अगले चुनाव में कांग्रेस के लिए प्रदेश के सभी समुदाय और जातियों को वोट हासिल करने की भी चुनौती होगी।
पार्टी के लिए नई नजीर
दरअसल, कैप्टन के इस्तीफे के बाद पंजाब में हुए इस बदलाव को नवजोत सिद्धू की जीत के दौर देखा जा रहा है। सिद्धू पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष हैं और चरणजीत सिंह चन्नी को सिद्धू के साथ काम करना पड़ेगा। ऐसे में उनके सामने एक और चुनौती ये भी होगी कि सिद्धू की छत्रछाया में काम करनेवाले सीएम साबित होते हैं या फिर पार्टी के लिए एक नई नजीर बनते हैं।







