छात्र आरजेडी की रविवार को पटना स्थित प्रदेश कार्यालय में बैठक हुई. इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से विधायक और बिहार के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप उपस्थित थे. इस दौरान तेजप्रताप यादव ने फिर एक बार अपनी ही पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद पर निशाना साधा और जमकर हमला किया. तेजप्रताप यादव ने कहा कि आरजेडी का कोई भी कार्यक्रम हो लोग सिस्टम बनाने लगते हैं. जगदानंद सिंह भी सिस्टम बनाने में लग जाते हैं और हिटलर की तरह बोलने लगते हैं.
तेजप्रताप यादव ने कहा, “जब मैं पहले पार्टी कार्यालय आता था उस समय और आज में जमीन-आसमान का फर्क है. जब पिता जी थे तो पार्टी कार्यालय का गेट हमेशा खुला रहता था. विरोधियों द्वारा फंसाने के बाद जब पिता जी उधर गए तो उसके बाद से कुछ लोग अपने-अपने तरीके से मनमानी करने लगे हैं. जब वो मनमानी करने लगे तो हमने मिमिक्री करना चालू कर दिया. ये मनमानी है, ये कुर्सी किसी की बपौती नहीं है, कुर्सी किसी का नहीं हुआ. हम भी मंत्री थे हमें भी अपने पद से हटना पड़ा. इसलिए कुर्सी किसी का नहीं है.”
उन्होंने कहा कि हमें ऐसी छाप छोड़नी चाहिए कि अगर हमारी कुर्सी भी चली जाए तो भी लोग हमें याद कर सकें. प्रदेश अध्यक्ष ने तमाम नेताओं को फोन किया ये उनकी अपनी सोच हो सकती है, लेकिन हमारी सोच है सभी को लेकर चलना है. तेजप्रताप ने कहा कि वह चार बजे सुबह दिल्ली से चले तो तेजस्वी ने उनसे पूछा कि चार बजे सुबह में कहां जा रहे हो तो उन्होंने बताया कि पटना में छात्र का प्रोग्राम है उसी में वह जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि किसी नेता को इतनी सुबह उठने के लिए बोलकर देखिए वह नहीं उठेगा. कभी-कभी वह खुद भी महटिया देते हैं.
प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने जींस पहनने को लेकर दिया था बयान
बता दें कि जगदानंद सिंह बीते शनिवार को प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं और समर्थकों से सड़क पर बैठने का आह्वान कर रहे थे, लेकिन प्रदर्शन में शामिल कुछ युवा उनकी बार-बार की अपील के बाद भी बैठने को तैयार नहीं दिख रहे थे. इस पर उन्होंने कह दिया कि जींस पहन कर प्रदर्शन में आए कुछ लोग आरजेडी के कार्यकर्ता नहीं बल्कि बीजेपी और आरएसएस के एजेंट हैं. जींस पहनने वालों से राजनीति नहीं होगी. ये लोग नेता नहीं बन सकते.
गौरतलब हो कि कुछ दिनों पहले आरजेडी ने अपना स्थापना दिवस भी मनाया था. उस दिन भी तेजप्रताप ने जगदानंद सिंह को लेकर कई बातें कहीं थीं. इसके बाद बीच में जगदानंद सिंह के पार्टी से इस्तीफा देने की बात भी सामने आई थी, लेकिन अंत में किसी तरह जाकर सब शांत हो सका था. एक बार फिर तेजप्रताप यादव की ओर से इस तरह के बयान के बाद आरजेडी में फूट की आशंका दिख रही है.
तेजप्रताप यादव ने कहा कि बहुत लोग बुरा मान जाते हैं. स्टेज पर बोलने नहीं दिया जाता है. वह सदन में भी इसलिए चुप रहते हैं क्योंकि गद्दी पर तेजस्वी यादव को बैठना है. उन्होंने कहा कि आज पोस्टर को लेकर कई लोग सवाल कर रहे थे, उनको बता देता हूं कि तेजस्वी यादव दिल में रहते हैं. मैं उसका अर्जुन हूं और वो मुख्यमंत्री बनेगा.
छात्र आरजेडी के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए तेजप्रताप यादव थोड़े सेंटी भी हो गए और अपने पिता को उन्होंने याद किया. कहा, “झूठा मुकदमा करके पिताजी को लोगों ने अंदर भिजवाया. जब मैंने पिताजी से मुलाकात की तो मेरे आंखों में आंसू थे पर मैं रोया नहीं कि कहीं पिता जी का हौसला ना टूट जाए. मेरे पिता ने लाठी खाई है. लालू जी ने कहा कि तेज तुम छात्र आरजेडी को मजबूत करो और आज देखिए कितने लोग मेरे प्रोडक्ट हैं.”
छात्र आरजेडी को विदेश तक मैंने फैलायाः तेजप्रताप
तेजप्रताप ने कहा कि जब वह दिल्ली में थे तो पिताजी से और मुलायम सिंह यादव से भी उनकी मुलाकात हुई. उन्होंने कहा कि लालू यादव भी छात्र आरजेडी से निकले हुए हैं. तेजप्रताप ने कहा कि आज उन्होंने विदेश में भी छात्र आरजेडी को फैलाया है. विदेश से कल उन्हें कॉल आया था. कॉल करने वाले ने कहा कि उनसे मिला और अर्जेंट है. उन्होंने बुलाकर पूछा तो उसने कहा कि उसे कोई पद दे दीजिए. छात्र सिर्फ पद मांगते हैं.
‘जो लोग मेरा मजाक उड़ाते हैं उनके सबक मिलेगा’
बचपन की बात को याद करते हुए तेजप्रताप ने कहा कि पहले वो और तेजस्वी यादव एक चक्का लेकर खेलते थे. उस समय कहा जाता था कि जिसके हाथ में चक्का है उसकी जीत पक्की है. कहा कि दस बजे के बाद सब नेता का मोबाइल ऑफ रहता है लेकिन मेरा मोबाइल ऑन रहता है. बहुत लोग हमसे जलते हैं कि कहीं दूसरा लालू न हो जाए. जो मेरा मजाक उड़ाते हैं उनको सबक मिलेगा. मेरे बारे में उलटा-सीधा बोलने वालों के खिलाफ पीआईएल दाखिल करुंगा. कार्यक्रम में उपस्थित छात्रों से कहा कि बिहार को आजाद कराने में मेरा साथ दीजिए.







