ADVERTISEMENT
Saturday, August 1, 2026
No Result
View All Result
  • Login
  • Register
No Result
View All Result
UB INDIA NEWS
No Result
View All Result

आखिर पंजाब के ही किसान क्यों कर रहे हैं आंदोलन?

UB India News by UB India News
February 2, 2021
in खास खबर, प्रदेश, ब्लॉग
0
आखिर पंजाब के ही किसान क्यों कर रहे हैं आंदोलन?
  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link

तीन कृषि कानूनों की मांग को लेकर पिछले 70 दिन से किसान दिल्ली के गाजीपुर, टिकरी और सिंघु बॉर्डर पर धरने पर बैठे हैं. दो महीने से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी इस समस्या का कोई समाधान नहीं निकला है. 26 जनवरी को लाल किले पर हुई हिंसा के बाद तीनों धरनास्थलों पर किसानों की संख्या में कमी आई थी लेकिन एक बार फिर किसानों की संख्या सिंघू बॉर्डर, टिकरी बॉर्डर और गाजीपुर बॉर्डर पर बढ़ती जा रही है. ऐसे में लोगों के मन में सवाल है कि आखिरकार पंजाब के ही किसान धरने पर क्यों बैठे हैं. आखिर तीनों कृषि कानूनों से देश में सबसे अधिक समस्या पंजाब के किसानों की ही क्यों है. तो आइये इसकी वजह समझते हैं.

तीन राज्यों के ही किसान ज्यादा
सिंघू बॉर्डर, टिकरी बॉर्डर और गाजीपुर बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे किसानों की संख्या भी बढ़ती जा रही है. इन किसानों में ज्यादातर पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश से आए किसान हैं. सियासी गलियारों में चर्चा इस बात की भी है कि केंद्र सरकार के नए कृषि कानून की मुखालफत करने वाले ज्यादातर किसान इन्हीं 3 तीन राज्यों से क्यों हैं? आखिरकार क्यों दक्षिण, पूरब और पश्चिमी भारत के राज्यों के किसानों की मौजूदगी इस आंदोलन में न के बराबर है.

RELATED POSTS

डीएमके ने संसद में विपक्ष के तौर पर अपनी भूमिका कर दी स्पष्ट………………..

क्या त्योहारों से पहले लगेगा महंगाई का झटका!

प्रदर्शन की असली वजह क्या?
डर और चिंता सबसे ज्यादा 2 मुद्दों को लेकर है. किसान कह रहे हैं MSP यानी मिनिमम सपोर्ट प्राइस बंद हो जाएगा. आंदोलन कर रहे किसान ये सवाल भी सामने रखते हुए विरोध कर रहे हैं कि APMC यानी एग्रीकल्चर प्रोड्यूसर मार्केट कमेटी खत्म तो नहीं हो जाएगी? हर राज्य में MSP और APMC को लेकर स्थिति अलग-अलग है. इससे पहले कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर अब तक हुई बैठक में ये कह भी चुके हैं कि यह एक्ट राज्य का है और APMC मंडी को किसी भी तरह से प्रभावित करने का सरकार का कोई इरादा नहीं है. सरकार किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) जारी रखने की लिखित गारंटी देने की बात भी कह रही है.

33 फीसद APMC अकेले पंजाब में
देश में करीबन 6,000 एपीएमसी हैं. इनमें से अकेले 33 फीसदी सिर्फ पंजाब में ही है. APMC के आंकड़ों पर नजर डालें तो केंद्र सरकार की तरफ से पहले से तय हुए दाम में खरीदारी का राष्ट्रीय औसत 10 फीसद से कम है. यह राष्ट्रीय औसत पंजाब के आंकड़ों के लिहाज से बहुत कम है. वहीं पंजाब में खरीदारी का ये 90 प्रतिशत से अधिक है. हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जमीन भी और राज्यों के मुकाबले ज्यादा उपजाऊ है. ऐसी स्थिति में इन 3 राज्यों में उगने वाले अनाज को राज्य सरकारें APMC की मंडियों में MSP देकर किसानों से खरीद लेती है. नए कृषि कानून के मुताबिक पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश तीनों ही राज्यों में कोई भी किसान खुला मंडी में अपने राज्य में या फिर किसी और राज्य में बेच सकता है. पंजाब और हरियाणा के किसानों के अब डर सता रहा है कि एपीएमसी के सिस्टम से बाहर जा कर बेचने पर प्राइवेट व्यापारियों के हाथों उनका शोषण हो सकता है.

  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link
UB India News

UB India News

Related Posts

डीएमके ने संसद में विपक्ष के तौर पर अपनी भूमिका कर दी स्पष्ट………………..

डीएमके ने संसद में विपक्ष के तौर पर अपनी भूमिका कर दी स्पष्ट………………..

by UB India News
August 1, 2026
0

मानसून सत्र के बाकी बचे हिस्से को लेकर डीएमके पर सभी राजनीतिक दलों की नजरें टिकी हैं। विपक्षी इंडिया ब्लॉक...

क्या त्योहारों से पहले लगेगा महंगाई का झटका!

क्या त्योहारों से पहले लगेगा महंगाई का झटका!

by UB India News
August 1, 2026
0

अभी मानसून का सीजन चल रहा है. जैसे ही मानसून विदा होगा भारतीय त्‍योहारों के स्‍वागत की तैयारियां शुरू कर...

बांकीपुर उपचुनाव में मुकाबला बेहद दिलचस्प……………

बांकीपुर उपचुनाव परिणाम आखिर साबित क्या करेगा ?

by UB India News
August 1, 2026
0

बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में सम्राट चौधरी को 100 दिन से कुछ अधिक दिन हो गए हैं। बांकीपुर उपचुनाव...

20 साल बाद कोलकाता क्यों जा रही हैं बांग्लादेशी लेखक तसलीमा नसरीन?

19 साल बाद कोलकाता लौटने पर भावुक हुईं तस्लीमा नसरीन, बोलीं- यह घर वापसी

by UB India News
July 31, 2026
0

बांग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन शुक्रवार को 19 साल बाद कोलकाता पहुंचीं। कोलकाता पहुंचने पर तस्लीमा नसरीन बेहद खुश दिखाई दीं।...

‘अरे यार पापा’ बोलने वाली जेन जी की भाषा पर चर्चा क्यों?

‘अरे यार पापा’ बोलने वाली जेन जी की भाषा पर चर्चा क्यों?

by UB India News
July 31, 2026
0

बदलाव प्रकृति का नियम है. पीढ़ियों के बदलने के साथ बहुत कुछ बदल जाता है. पहनावा, खान-पान और भाषा यानी...

Next Post
बजट के आंकड़े बता रहे हैं कि यह कोरोना की तपिश से झुलसा हुआ बजट है…….

बजट के आंकड़े बता रहे हैं कि यह कोरोना की तपिश से झुलसा हुआ बजट है.......

कुल मिलाकर बजट ने कोशिश की है कि नये करों का दंश ना दिया जाए

कुल मिलाकर बजट ने कोशिश की है कि नये करों का दंश ना दिया जाए

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • front
  • Home
Contect Us - ubindianews@gmail.com

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password? Sign Up

Create New Account!

Fill the forms below to register

All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • front
  • Home

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Send this to a friend