जंतर-मंतर पर हुए Gen-Z आंदोलन के बाद युवाओं और खासकर पहली बार वोट डालने वाले नए मतदाताओं को लेकर राजनीतिक दलों की रणनीति में बदलाव दिखाई देने लगा है. राजस्थान में भी भजनलाल सरकार ने युवाओं तक सीधे पहुंच बनाने की कवायद शुरू कर दी है. सरकार 18 साल की उम्र पूरी करने वाले युवाओं को उनके जन्मदिन पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की ओर से व्यक्तिगत बधाई संदेश भेज रही है. यानी 18 साल की उम्र में पहली बार मतदान का अधिकार हासिल करने वाले युवाओं से सरकार की यह सीधा संवाद स्थापित करने की कोशिश है.
भजनलाल सरकार की इस पहल की खास बात यह है कि मुख्यमंत्री का संदेश फोन कॉल या सोशल मीडिया के जरिए नहीं बल्कि हार्ड कॉपी ग्रीटिंग के रूप में सीधे युवा के घर भेजा जा रहा है. संदेश में 18वां जन्मदिन पूरा करने पर बधाई देने के साथ युवा को मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वाने और लोकतंत्र को मजबूत करने में भागीदारी निभाने की अपील की जा रही है. मुख्यमंत्री की ओर से भविष्य में युवा से व्यक्तिगत रूप से मिलने की इच्छा भी संदेश में जाहिर की जा रही है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर भी लगाई गई है
हर ग्रीटिंग मुख्यमंत्री के आधिकारिक लेटरहेड पर तैयार किया जा रहा है. बधाई संदेश संबंधित युवा के नाम से भेजा जा रहा है. ग्रीटिंग कार्ड पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर भी लगाई गई है. Gen-Z आंदोलन के बाद युवाओं और खासकर पहली बार वोट डालने वाले नए मतदाताओं को रोजाना करीब साढ़े चार हजार बधाई संदेश पोस्ट किए जा रहे हैं. निर्देश यह हैं कि युवा का 18वां जन्मदिन आने से पहले ही मुख्यमंत्री का संदेश उसके घर पहुंच जाए.
हर ग्रीटिंग मुख्यमंत्री के आधिकारिक लेटरहेड पर तैयार किया जा रहा है. बधाई संदेश संबंधित युवा के नाम से भेजा जा रहा है. ग्रीटिंग कार्ड पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर भी लगाई गई है. Gen-Z आंदोलन के बाद युवाओं और खासकर पहली बार वोट डालने वाले नए मतदाताओं को रोजाना करीब साढ़े चार हजार बधाई संदेश पोस्ट किए जा रहे हैं. निर्देश यह हैं कि युवा का 18वां जन्मदिन आने से पहले ही मुख्यमंत्री का संदेश उसके घर पहुंच जाए.
एडवांस में ग्रीटिंग प्रिंट कराए जा रहे हैं
इसी वजह से मुख्यमंत्री कार्यालय से प्राप्त डेटा के आधार पर एडवांस में ग्रीटिंग प्रिंट कराए जा रहे हैं और जन्मदिन से पहले पोस्ट किए जा रहे हैं. बधाई संदेश में युवा का नाम, पिता का नाम और पोस्टल एड्रेस दर्ज किया जा रहा है. इसके साथ मोबाइल नंबर और वैकल्पिक मोबाइल नंबर भी शामिल किए जा रहे हैं. पूरी कवायद का मकसद यही है कि कोई संदेश मिस न हो और 18वें जन्मदिन से पहले संबंधित युवा तक पहुंच जाए. इससे साफ है कि सरकार की ओर से Gen-Z से कनेक्ट होने की हर मुमकिन कोशिश जा रही है. राजनीतिक तौर पर इस पहल को Gen-Z के बीच सरकार की पहुंच और संवाद बढ़ाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है.
इसी वजह से मुख्यमंत्री कार्यालय से प्राप्त डेटा के आधार पर एडवांस में ग्रीटिंग प्रिंट कराए जा रहे हैं और जन्मदिन से पहले पोस्ट किए जा रहे हैं. बधाई संदेश में युवा का नाम, पिता का नाम और पोस्टल एड्रेस दर्ज किया जा रहा है. इसके साथ मोबाइल नंबर और वैकल्पिक मोबाइल नंबर भी शामिल किए जा रहे हैं. पूरी कवायद का मकसद यही है कि कोई संदेश मिस न हो और 18वें जन्मदिन से पहले संबंधित युवा तक पहुंच जाए. इससे साफ है कि सरकार की ओर से Gen-Z से कनेक्ट होने की हर मुमकिन कोशिश जा रही है. राजनीतिक तौर पर इस पहल को Gen-Z के बीच सरकार की पहुंच और संवाद बढ़ाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है.
सरकार की छवि को युवा-केंद्रित बनाने की रणनीति है
जंतर-मंतर से लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में युवाओं के मुद्दों को लेकर सामने आए आंदोलनों ने राजनीतिक दलों के सामने नई पीढ़ी को समझने और उससे संवाद कायम करने की चुनौती बढ़ गई है. ऐसे माहौल में राजस्थान सरकार का 18 साल की उम्र पूरी करने वाले हर युवा तक व्यक्तिगत संदेश पहुंचाना महज जन्मदिन की शुभकामना ही नही है बल्कि नए मतदाताओं के बीच सरकार की छवि को युवा-केंद्रित बनाने की रणनीति भी है। इसके साथ ही यह राजनीतिक बहस का विषय बन सकता है. 18 साल की उम्र वह पड़ाव है जब कोई किशोर पहली बार औपचारिक रूप से मतदाता बनता है. ऐसे में जन्मदिन के मौके पर मुख्यमंत्री का संदेश और साथ में लोकतंत्र में भागीदारी की अपील सरकार की ओर से इस नए वोटर वर्ग के साथ शुरुआती जुड़ाव बनाने की कोशिश के तौर पर देखी जा रही है.
जंतर-मंतर से लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में युवाओं के मुद्दों को लेकर सामने आए आंदोलनों ने राजनीतिक दलों के सामने नई पीढ़ी को समझने और उससे संवाद कायम करने की चुनौती बढ़ गई है. ऐसे माहौल में राजस्थान सरकार का 18 साल की उम्र पूरी करने वाले हर युवा तक व्यक्तिगत संदेश पहुंचाना महज जन्मदिन की शुभकामना ही नही है बल्कि नए मतदाताओं के बीच सरकार की छवि को युवा-केंद्रित बनाने की रणनीति भी है। इसके साथ ही यह राजनीतिक बहस का विषय बन सकता है. 18 साल की उम्र वह पड़ाव है जब कोई किशोर पहली बार औपचारिक रूप से मतदाता बनता है. ऐसे में जन्मदिन के मौके पर मुख्यमंत्री का संदेश और साथ में लोकतंत्र में भागीदारी की अपील सरकार की ओर से इस नए वोटर वर्ग के साथ शुरुआती जुड़ाव बनाने की कोशिश के तौर पर देखी जा रही है.







