हैदराबाद के सांसद और एआईएमआईएम चीफ असदु्द्दीन ओवैसी को इस बात की आशंका है कि जिस तरह से एसआईआर हो रहा है और डेमोग्राफी पर सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज की अगुवाई में आयोग बनाया गया है, देर सबेर केंद्र सरकार नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन (NRC) भी लागू कर सकती है।
‘अमित शाह प्रोग्राम बनाकर काम कर रहे’
असदुद्दीन ओवैसी ने तेलंगाना में चल रही चुनाव आयोग की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन ( SIR ) प्रक्रिया पर वकीलों की एक बैठक में कहा, “..अमित शाह होम मिनिस्टर कोई मीटिंग करते तो याद रखिए..देखिए कच्चा काम नहीं करता वो आदमी। खाली हवाई फायरिंग नहीं करता..कुछ न कुछ वो बराबर एक प्रोग्राम बनाकर काम कर रहे हैं…।”
‘अमित शाह फाइनली एनआरसी करना चाहते’
उन्होंने कहा कि “..मेरे को यह संदेह है..हो सकता है कि मैं गलत हो जाऊं…वो फाइनली एनआरसी करना चाहते हैं। क्योंकि, ये (डेमोग्राफी की जांच के लिए) हाई लेवल कमीशन ऑफ इंक्वायरी है…रिटायर्ड सुप्रीम कोर्ट जज है…।”
‘बाद में मत कहना कि साजिश हो गई’
असदु्द्दीन ओवैसी ने आरोप लगाया कि एसआईआर लोगों का नाम हटाने के लिए किया जा रहा है। वे बोले, “मैं फिर से तेलंगाना सरकार से बोल रहा हूं कि आप इश्यू करो परमानेंट रेसिडेंट सर्टिफिकेट..। पैरामीटर्स बनाओ आप। आप बाद में मत कहना कि साजिश हो गई…गलत हो गया। अभी टाइम रिएक्ट करने का है। कंस्ट्रक्टिव काम करने का है।”
‘नाम कटेगा तो बाद में रोना नहीं आके’
- एआईएमआईएम प्रमुख ने तेलंगाना की कांग्रेस सरकार से कहा कि उसे यह बात समझनी होगी-
- ममता बनर्जी अपना इलेक्शन हार गईं, एमके स्टालिन अपना इलेक्शन हार गए।
- ममता बनर्जी तो अपने बूथ में इलेक्शन हार गईं, जहां घर था उनका।
- कांग्रेस की सरकार के लोग समझते नहीं है। एआईएमआईम को बदनाम करते हैं।
‘नाम कटेगा तो आके रोना नहीं’
उन्होंने कहा, “..हम उम्मीद करते हैं कि रेवंत रेड्डी साहब..ठीक है आप टाइम नहीं दे रहे हैं मिलने का..मत दीजिए मेरे को एतराज नहीं है..। मगर पब्लिक के लिए मैं ये अपील कर रहा हूं, डिमांड कर रहा हूं..। अगर ये कांग्रेस सरकार रिएक्ट नहीं करेगी…तो जो गरीबों का नाम कटेगा तो उसके बाद रोना नहीं यहां आके..। ”
16 राज्यों चल रही एसआईआर की प्रक्रिया
- इस समय तेलंगाना समेत 16 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में चुनाव आयोग मतदाता सूची का स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) करवा रहा है।
- एसआईआर प्रक्रिया की शुरुआत बिहार से हुई, जो कि पहला दौर था।
- इसके बाद यूपी, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु जैसे राज्यों में एसआईआर प्रक्रिया पूरी की गई जो कि दूसरा दौर था। इनमें से ज्यादातर वे राज्य हैं, जहां विधानसभा चुनाव होने थे।
- ओवैसी को यह शक है कि जिन लोगों का नाम एसआईआर प्रक्रिया में मतदाता सूची से कट गया, उनके लिए भविष्य में दिक्कतें आ सकती हैं।
एनआरसी का विरोध करती हैं विपक्षी पार्टियां
नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटीजन (NRC) वह दस्तावेज है, जिसमें देश के नागरिकों का नाम दर्ज होता है। भारत में इस समय ऐसा कोई रजिस्टर नहीं है। अलबत्ता, हाल में पासपोर्ट को भारतीय नागरिकता का एकमात्र प्रमाण नहीं माने जाने के विदेश मंत्रालय के बयान के बाद से एनआरसी का मुद्दा फिर से उठ रहा है, जिसका एआईएमआईएम और कांग्रेस जैसी केंद्र की तमाम विपक्षी पार्टियां विरोध करती रही हैं।







