तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसदों ने रविवार को दिल्ली में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मिलकर नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) में विलय का एलान किया। इसके बाद अचानक से देशभर में नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया की चर्चा शुरू हो गई। जो एनसीपीआई पार्टी त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में महज 822 वोट पाई और जिसका नाम भी लोग नहीं जानते, वह अचानक से राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में आ गई है। तो आइए जानते हैं कि आखिर क्या है ये एनसीपीआई और क्यों इसकी इतनी चर्चा हो रही है।
तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसदों के विलय के बाद नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) चर्चा में है। रिकॉर्ड के अनुसार, 3 साल पहले 2023 में बंगाल के उत्तिया कुंडू और शेउली कुंडू नाम के कपल ने पार्टी की नींव रखी थी। पार्टी के डॉक्यूमेंट्स में उत्तिया कुंडू पार्टी के अध्यक्ष हैं। पत्नी शेउली का नाम कोषाध्यक्ष के रूप में दर्ज है। NCPI अध्यक्ष उत्तिया ने 13 मई को फेसबुक पर बंगाल CM शुभेंदु अधिकारी के साथ अपनी फोटो शेयर करते हुए उन्हें मुख्यमंत्री बनने पर बधाई दी थी। हावड़ा में NCPI का ऑफिस है, जहां सोमवार को सुरक्षाबलों की तैनाती दिखी। ऑफिस के गेट पर उत्तिया ने खुद को बंगाली न्यूजपेपर का एडिटर और टीचर बताया है। वहीं उनकी पत्नी शेउली को कलकत्ता हाईकोर्ट की वकील बताया गया है।
बागी TMC सांसद बोले- NDA के साथ काम करेंगे
TMC के 28 में से 20 लोकसभा सांसदों ने रविवार को त्रिपुरा की नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी (NCPI) में विलय की घोषणा की। बागी सांसदों ने रविवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मिलकर सदन में अलग बैठने की व्यवस्था की मांग की। लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात के बाद बागी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने कहा कि TMC के दो-तिहाई लोकसभा सांसदों ने अलग गुट के रूप में मान्यता देने के लिए पत्र सौंपा है। उन्होंने कहा- हम PM मोदी के नेतृत्व में NDA के साथ काम करेंगे। बिरला से TMC के बागी सांसदों की मुलाकात की जो फोटो सामने आई है, उसमें 17 TMC सांसद दिख रहे हैं। स्पीकर से मुलाकात से पहले सांसदों ने बंगाल भाजपा प्रभारी और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव के साथ बैठक की थी
संसद में अलग बैठने की मांग, 5 बड़ी बातें
1. TMC के बागी सांसदों ने स्पीकर से संसद में अलग बैठने की जगह देने की मांग की। 2. काकोली घोष के मुताबिक, नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी NDA को समर्थन देगी। 3. काकोली के अनुसार, बागी गुट के पास दो-तिहाई सांसदों का समर्थन है। 4. ममता बनर्जी गुट ने स्पीकर को पत्र देकर अलग गुट को मान्यता न देने की मांग की। 5. सुदीप बंद्योपाध्याय ने कहा- असली TMC कौन है, इसका फैसला अदालत करेगी। बागी गुट TMC के चुनाव चिन्ह ‘जुड़वा फूल’ पर भी दावा करेगा।
बागी सांसदों ने नई पार्टी में विलय का कदम क्यों उठाया?
दल-बदल विरोधी कानून से बचने के लिए यह कदम उठाया गया है। बागी गुट के सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय ने कहा- हम नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी में विलय कर चुके हैं। नियम के तहत जब आप पार्टी के 2/3 सदस्यों के साथ अलग होते हैं, तो आप पहले ही दिन उस पार्टी का नाम नहीं मांग सकते। जुलाई में, हम तृणमूल का नाम हमें देने की मांग करेंगे, क्योंकि हमारे पास तृणमूल का 2/3 बहुमत है। फिर कोर्ट तय करेगा।
बागी सांसद अभी क्या करेंगे?
बागी सांसदों ने स्पीकर से लोकसभा में TMC के अन्य सांसदों से अलग बैठने की जगह देने की मांग की है। TMC के 28 सांसद हैं। 20 सांसद अलग हो गए हैं। ऐसे में बागी सांसदों को NDA को समर्थन देने की वजह से सत्तापक्ष के पास सिटिंग मिल सकती है।
ममता बनर्जी का गुट क्या करेगा?
TMC पर अपना दावा पेश करेगा। राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने रविवार को ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक पत्र भेजा और बागी गुट को मान्यता नहीं देने की मांग की।
ममता से अलग हुए 20 बागी सांसदों के नाम…
| लोकसभा सीट | सांसद | लोकसभा सीट | सांसद |
| बारासात | काकोली घोष दस्तीदार | घाटाल | दीपक अधिकारी (देव) |
| कूचबिहार | जगदीश चंद्र बसुनिया | झाड़ग्राम | कालीपद सोरेन |
| जांगीपुर | खलीलुर रहमान | मेदिनीपुर | जून मालिया |
| बहरामपुर | यूसुफ पठान | बांकुड़ा | अरूप चक्रवर्ती |
| मुर्शिदाबाद | अबू ताहेर खान | बर्धमान पूर्व | डॉ. शर्मिला सरकार |
| बैरकपुर | पार्थ भौमिक | हावड़ा | प्रसून बंधोपाध्याय |
| मथुरापुर | बापी हलदार | बोलपुर | असित कुमार माल |
| जादवपुर | सायोनी घोष | बीरभूम | शताब्दी रॉय |
| कोलकाता दक्षिण | माला रॉय | हुगली | रचना बनर्जी |
| आरामबाग | मिताली बाग | कोलकाता उत्तर | सुदीप बंद्योपाध्याय |







