बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड वाला आवास खाली करने की समय सीमा पूरी हो गई है. भवन निर्माण विभाग के निर्देश के अनुसार, सोमवार (15 जून) को इसका अंतिम दिन है. लेकिन, ऐसा लगता है कि आज भी राबड़ी देवी अपना बंगला खाली नहीं करेंगी. इस बीच राबड़ी आवास के बाहर बड़ी संख्या में राष्ट्रीय जनता दल के कार्यकर्ताओं का जुटान हुआ है. इस बीच मिली जानकारी के अनुसार, मलमास के कारण संभवत: आज राबड़ी देवी अपना आवास खाली नहीं करेंगीं. सूत्रों से यह जानकारी मिल रही है कि मलमास समाप्त होने के बाद शुभ दिन देखकर वह अपना बंगला खाली कर सकती हैं और दूसरे आवास परिसर में उनका परिवार शिफ्ट हो सकता है.
शुभ दिन में शिफ्ट होंगी राबड़ी देवी
बता दें कि बिहार सरकार के भवन निर्माण विभाग की ओर से राबड़ी देव देवी को 39 हार्डिंग रोड स्थित एक सरकारी आवास आवंटित किया गया है. लेकिन अब तक वह बंगला नहीं छोड़ने की बात कहती रहीं हैं. मगर बीते दिनों देखा गया कि राबड़ी देवी स्वयं अपने कौटिल्य नगर के आवास पर पहुंचीं थीं और वहां चल रहे नवीनीकरण कार्य का जायजा लिया था. ऐसे में बताया गया कि संभवत: राबड़ी देवी सरकारी बंगले में ना जाकर अपने निजी आवास में शिफ्ट हो सकती हैं.
बंगला खाली करने पर जदयू की चेतावनी
वहीं, अब जब बंगला खाली करने का अंतिम दिन आ गया, और उन्होंने खाली नहीं किया है तो जदयू की ओर से निशाना साधा गया है. जनता दल युनाइटेड के प्रवक्ता नीरज कुमार ने इसको लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा है कि कानून आम और खास सबके लिए बराबर है. सरकार ने राबड़ी देवी को आवास का विकल्प पहले ही दे दिया है.
कानून अपना काम करेगा- जदयू
नीरज कुमार ने कहा कि उनके (राबड़ी देवी और लालू यादव) पास पैसे की भी कोई कमी नहीं है, जहां जाएंगे वहीं बस जाएंगे. अगर सरकारी आवास नहीं खाली किया जाएगा तो फिर कानून अपने रास्ते चल पड़ेगी. नीरज कुमार ने कहा कि जनता ने राजनीतिक रूप से उनका पैकेजिंग पहले ही कर दिया है, फिर भी वह बंगला नहीं खाली कर रही हैं, ऐसे में कानून के अनुसार कार्रवाई जरूर होगी.
आगे क्या? प्रशासन के रुख पर टिकी नजरें
बता दें कि भवन निर्माण विभाग के नोटिस की मियाद आज खत्म हो रही है और सूत्रों के मुताबिक राबड़ी देवी ने मलमास के बाद ही शिफ्ट होने का मन बनाया है. ऐसे में अब पूरी गेंद सम्राट सरकार और जिला प्रशासन के पाले में है. प्रश्न यह कि क्या प्रशासन मलमास खत्म होने तक का इंतजार करेगा या फिर आज ही कोई बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई देखने को मिलेगी? इस पर पूरे बिहार की सियासी नजरें टिकी हुई हैं.







