राज्य के छह शहरों में 200 नई इलेक्ट्रिक बसों का परिचालन इसी माह शुरू होगा। इनमें पटना में 150 तथा 50 बसों का परिचालन मुजफ्फरपुर, गयाजी, भागलपुर, दरभंगा और पूर्णिया में होगा।
वहीं, परिवहन विभाग दिल्ली, पंजाब और हरियाणा आदि राज्यों में बिहार के विभिन्न शहरों से परिचालन के लिए 149 एसी बसों की जल्द ही खरीद करेगा, ताकि अंतरराज्यीय बस सेवा का और विस्तार हो सके। परिवहन विभाग के मंत्री दामोदर रावत और सचिव राज कुमार ने बुधवार को सूचना भवन में आयोजित प्रेसवार्ता में यह जानकारी दी। सचिव ने बताया कि राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग बढ़ाने के लिए नई नीति लागू की गई है। इसमें इलेक्ट्रिक दो पहिया वाहन की खरीद पर 10 हजार का अनुदान दिया जाएगा। एससी-एसटी वर्ग को 12 हजार का अनुदान मिलेगा। इसी प्रकार इलेक्ट्रिक कार खरीदने पर महिलाओं को एक लाख तक का अनुदान मिलेगा।
इलेक्ट्रिक वाहनों पर मोटर वाहन कर में 50 प्रतिशत तक की छूट का भी प्रावधान किया गया है। वर्ष 2030 तक राज्य में नए वाहनों में 30 प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए राज्यभर में बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए भी अलग-अलग अनुदान का प्रावधान है।
कॉमन सर्विस सेंटर से भी ड्राइविंग लाइसेंस का आवेदन
सचिव ने कहा कि ड्राइविंग लाइसेंस समेत अन्य तरह की सभी सेवाओं के लिए आवेदन अब कॉमन सर्विस सेंटर से भी किया जा सकेगा। इसके लिए जल्द ही नयी व्यवस्था विभाग शुरू करने जा रहा है। शहरों से राष्ट्रीय और राज्यमार्ग पर भी यातायात नियमों के उल्लंघन पर चालान अब कटेगा। इसकी व्यवस्था की जा रही है। इससे यातायात नियमों के उल्लंघन पर अंकुश लग सकेगा। सचिव ने यह भी कहा कि ट्रेनों की तर्ज पर लोगों को यह भी जानकारी हो सकेगी कि उनकी बस अभी कहां पर है और कितनी देर में कहां तक पहुंचेगी। इसको लेकर सॉफ्टवेयर तैयार किया जा रहा है, जो अंतिम चरण में है।







