महाराष्ट्र के पुणे में बीते दो दिनों में हुई 15 मौतों ने हिलाकर रख दिया है. इनमें से 11 लोगों की जान कथित तौर पर जहरीली शराब पीने से हुई, जबकि चार अन्य मौतों के पीछे अलग-अलग कारण बताए जा रहे हैं. इस घटना के बाद हडपसर और फुगेवाड़ी इलाके में दहशत और गुस्से का माहौल है. इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी योगेश वानखेड़े को गिरफ्तार किया है. इनमें से पांच मौतें पिंपरी-चिंचवाड़ के फुगेवाड़ी इलाके में और तीन पुणे शहर के हडपसर इलाके में हुई हैं। इस घटना के बाद पुणे शहर और पिंपरी-चिंचवाड़ पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुणे के एक पुलिस अधिकारीन ने बताया कि पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस ने योगेश वानखेड़े नाम के एक व्यक्ति को भी गिरफ़्तार किया है, जिसे पहले पुणे राज्य आबकारी विभाग ने हिरासत में लिया था। आरोप है कि इसी व्यक्ति ने दोनों जगहों पर शराब की सप्लाई की थी।
पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपी हडपसर ने शराब में मेथनॉल मिलाया था, जिसके कारण लोगों की तबीयत बिगड़ी और मौतें हुईं. पुलिस के मुताबिक योगेश गांव-गांव जाकर देशी शराब बेचने और उसकी सप्लाई का काम करता था. शराब बेचने के दौरान ही पुलिस ने जब उसकी गाड़ी रोकी, तो केमिकल मिलावट का खुलासा हुआ.
तीन जगहों पर छापेमारी, 8 अरेस्ट
राज्य उत्पाद शुल्क विभाग और पुलिस ने इस मामले में अब तक तीन जगहों पर छापेमारी की है. एक अन्य आरोपी कर्नल सिंह विरखा और उसके बेटे को भी अरेस्ट कर लिया गया है. पुलिस ने इस मामले में 8 आरोपियों को अरेस्ट किया है. कर्नल सिंह विरखा अवैध शराब की दुकान चलाता था.
‘किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा’
राज्य उत्पाद शुल्क विभाग के एसपी अतुल कनाडे ने कहा कि मामले की गहन जांच जारी है और किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा. इस घटना को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी सख्त रुख अपनाया है. उन्होंने पुणे और पिंपरी चिंचवड़ पुलिस कमिश्नर को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. मामले की जांच अब क्राइम ब्रांच की विशेष टीम को सौंपी गई है.
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी योगेश वानखेड़े पर पहले से देशी शराब बेचने के तीन मामले दर्ज हैं. फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि जहरीली शराब का नेटवर्क कितने बड़े स्तर पर फैला हुआ है.
वहीं, प्रशासन का कहना है कि सभी 15 मौतें शराब पीने से नहीं हुई हैं और कुछ मामलों में हार्ट अटैक व अन्य कारण भी सामने आए हैं. दूसरी ओर मृतकों के परिजनों का दावा है कि शराब पीने के बाद ही लोगों की तबीयत बिगड़ी और उनकी मौत हुई. पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ पाएगी.







