शुभेंदु अधिकारी ने तस्वीर जारी कर इशारों में ममता पर उठाए सवाल
ममता ने क्या आरोप लगाए?
इससे पहले ममता बनर्जी ने पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाया- ‘वहां या तो उम्मीदवार या कोई एक एजेंट रुक सकता है. मैंने मीडिया के लिए भी एक सीसीटीवी कैमरा लगाने का सुझाव दिया है.’ पारदर्शिता पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ‘जनता के वोटों को सुरक्षित रखा जाना चाहिए. मैं शिकायतें मिलने के बाद यहां पहुंची. केंद्रीय बलों ने शुरू में मुझे घुसने नहीं दिया.’
चार मई को होने वाली वोटों की गिनती से पहले सख्त लहजे में उन्होंने कहा, ‘अगर मतगणना प्रक्रिया से छेड़छाड़ का कोई इरादा है तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.’ बनर्जी शहर में हो रही मूसलाधार बारिश की परवाह किए बिना शाम को ‘स्ट्रॉन्ग रूम’ स्थल पर पहुंचीं.
ममता बोलीं- केंद्रीय सुरक्षा बलों ने मुझे अंदर जाने से रोका
ममता ने बाहर आने के बाद कार्यकर्ताओं और मीडिया को बताया- “मैं यहां इसलिए आई हूं, क्योंकि यहां EVMs के लिए एक स्ट्रॉन्ग रूम है। हमें कई जगहों पर गड़बड़ियां मिलीं, इसलिए जब मैंने TV पर यह देखा, तो मुझे लगा कि मुझे यहां आकर देखना चाहिए। मैं आई, लेकिन केंद्रीय बलों ने मुझे रोक दिया। मैंने उनसे कहा कि मुझे अंदर जाने का अधिकार है; चुनाव नियमों के अनुसार, उम्मीदवारों को सील किए गए कमरे के बाहर तक जाने की अनुमति होती है। इसके बाद मुझे अंदर जाने दिया गया… अगर कोई गड़बड़ी हुई है, तो हम इसके खिलाफ लड़ेंगे।”
टीएमसी उम्मीदवार का आरोप, ईवीएम से छेड़छाड़ की कोशिश
TMC ने X पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा- यह दिन-दहाड़े लोकतंत्र की हत्या है। CCTV फुटेज से यह सामने आया है कि भाजपा चुनाव आयोग के साथ मिलकर बिना अधिकृत पार्टी प्रतिनिधियों की मौजूदगी के बैलेट बॉक्स खोल रही है। यह खुला चुनावी घोटाला है, जो चुनाव आयोग की जानकारी और संरक्षण में किया जा रहा है।
TMC ने यह फुटेज कोलकाता के नेताजी इंडोर स्टेडियम के पास खुदीराम अनुशीलन केंद्र में बने EVM स्ट्रॉन्ग रूम का खहोने का दावा किया। पार्टी ने कहा कि भाजपा चुनाव जीतने के लिए EVM से छेड़छाड़ की जा रही है। लेकिन यह बंगाल है। महाराष्ट्र, दिल्ली या बिहार नहीं है।
टीएमसी नेता कुणाल घोष ने कहा,’यह एक सीलबंद स्ट्रॉन्ग रूम है। हमने देखा कि यह सील था, फिर भी जब इसे खोला गया तो अंदर कुछ हलचल दिखाई दी। किस तरह की हलचल थी, कैसे हो रही थी और क्यों, इसने सवाल खड़े किए। इसी वजह से हमने विरोध किया। हम जानना चाहते थे।’ – उन्होंने कहा कि उन्होंने ईमेल भेजा था, लेकिन अगर ऐसा था तो हमें अंदर जाने की अनुमति क्यों नहीं दी गई? जब अंदर आने ही नहीं देना था, तो निमंत्रण पत्र भेजने का क्या मतलब था?’ – इसी कारण शशि पांजा, हमारे एजेंट सभी धरने पर बैठ गए। बाद में डीईओ मैडम आईं और उन्होंने माना कि यह गलती थी और ऐसा नहीं होना चाहिए था। हमने अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं, लेकिन अब इस जगह को पूरी सुरक्षा के साथ किले में तब्दील कर दिया गया है। – हम सुबह विशेष रूप से सीसीटीवी स्क्रीन देखने आए थे, जहां कल हलचल दिखी थी। फिलहाल ऐसी कोई गतिविधि दिखाई नहीं दे रही है, लेकिन हमें जानकारी है कि अब भी सतर्कता बनाए रखने की जरूरत है।”
भाजपा के प्रवक्ता नवीन मिश्रा ने आरोप लगाया कि TMC की जिस गाड़ी को कोलकाता पुलिस ने स्ट्रॉन्ग रूम के बैकसाइड पर पार्क करवाया था, उसमें निश्चित तौर पर EVM रही होंगी, जिन्हें बदलने के लिए यह पूरी साजिश रची गई है।
ममता बनर्जी को समझ आ गया है कि वे चुनाव हार रही हैं। खिसयानी बिल्ली खंबा नोंचे। ममता ने आज दोपहर ही अपनी गुंडावाहिनी को एक्टिव रहने का मैसेज दिया था। वे पूरे बंगाल में स्ट्रॉन्ग रूम में हंगामा करवाना चाहती हैं, ताकि बंगाल और उसकी संस्कृति बदनाम हो। लेकिन जनता ने अपना फैसला कर दिया है।
चुनाव आयोग बोला- पोस्टल बैलेट छंट रहे थे, पार्टियों को बुलाया, लोग आए नहीं
पश्चिम बंगाल के CEO मनोज कुमार अग्रवाल ने स्ट्रॉन्ग रूम को लेकर चल रहे विवाद पर कहा, “पोस्टल बैलेट की छंटाई शाम 4 बजे की गई थी; पार्टियों ने आमंत्रण को नजरअंदाज कर दिया, और बाद में CCTV को लेकर चिंता जताई। अब सब कुछ ठीक है।”
DEO स्मिता पांडे ने बताया- आज जो हुआ वह हमारी कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसमें पोस्टल बैलेट्स को अलग-अलग किया जाता है। अलग-अलग जिलों में, जो पोलिंग कर्मचारी ड्यूटी पर होते हैं, वे भी वोट डालते हैं और वे पोस्टल बैलेट्स के जरिए ऐसा करते हैं।
भाजपा ने शनिवार को हाई-लेवल मीटिंग बुलाई
पश्चिम बंगाल में मतगणना से पहले बीजेपी ने शनिवार को कोलकाता में एक अहम हाई-लेवल मीटिंग बुलाई है। इसमें काउंटिंग की तैयारियों की समीक्षा की जाएगी। ANI को सूत्रों ने यह भी बताया कि चुनाव प्रचार के दौरान दूसरे राज्यों से आए नेताओं को इस बैठक में शामिल होने के निर्देश दिए गए हैं। इनमें सांसद और विधायक शामिल हैं। इन नेताओं को विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में अहम जिम्मेदारियां दी गई थीं और वे अपने-अपने क्षेत्रों से फीडबैक और अपडेट साझा करेंगे।






