शेयर बाजार में कमजोरी के साथ 30 अप्रैल को कारोबार की शुरुआत हुई है. सुबह 9:30 बजे पर सेंसेक्स 902.35 अंक गिरकर 76,594 पर ट्रेड करते हुए नजर आया. निफ्टी 277 अंक उछलकर 23,900 पर कारोबार करते हुए दिखा. सभी सेक्टर्स में बिकवाली देखी जा रही है. मेटल, ऑटो और बैंकिंग सेक्टर्स में सबसे ज्यादा गिरावट आई है. इस गिरावट के पीछे कई वजह शामिल हैं.
सबसे पहली वजह मानी जा रही है कि डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर कड़ा बयान देते हुए कहा कि वह अपनी स्थिति संभाल नहीं पा रहा और बिना परमाणु हथियार वाले समझौते पर फैसला लेने में भी असमंजस में है. सीएनबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने साफ चेतावनी दी कि ईरान को जल्द समझदारी दिखानी होगी, वरना हालात और बिगड़ सकते हैं. उनके इस सख्त रुख के बाद ग्लोबल मार्केट में असर दिखा और कच्चे तेल की कीमत बढ़कर करीब 114 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई.
डोनाल्ड ट्रंप का बयान
डोनाल्ड ट्रंप का ‘नो मोर मिस्टर नाइस गाय’ बयान सिर्फ एक सामान्य कमेंट नहीं, बल्कि उनकी रणनीति का संकेत माना जा रहा है. इसका मतलब है कि अब वह कूटनीतिक नरमी छोड़कर ज्यादा आक्रामक रुख अपनाने के पक्ष में हैं. यूएस और ईरान के बीच बढ़ता टेंशन और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में सप्लाई बाधित होने का खतरा, ग्लोबल डर बढ़ा रहा है.
शेयर बाजार में आज यानी 30 अप्रैल को गिरावट है। सेंसेक्स 1000 अंक से ज्यादा की गिरावट के साथ 76,300 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं निफ्टी में भी करीब 350 अंक की गिरावट है, ये 23,800 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। ऑटो, मेटल, बैंकिंग और रियल्टी शेयर्स में ज्यादा गिरावट है।
जियोपॉलिटिकल तनाव और जंग जैसी स्थिति में महंगाई बढ़ने का खतरा रहता है। इससे कंपनियों का मुनाफा कम हो सकता है। ऐसे में निवेशक अपने शेयर बेचना शुरू कर देते हैं और सुरक्षित जगह निवेश करते हैं। इससे बाजार में गिरावट आती है।
बाजार गिरने की 3 मुख्य वजहें
- ईरान-इजराइल युद्ध से सप्लाई चेन बिगड़ने का डर।
- कच्चे तेल के दाम बढ़ने से भारत का इंपोर्ट बिल और महंगाई बढ़ेगी।
- अमेरिका और एशियाई बाजारों में गिरावट का असर भारत पर।
एशियाई बाजार में आज गिरावट
| इंडेक्स |
लेवल |
पॉइंट चेंज |
परसेंट चेंज |
| कोस्पी (साउथ कोरिया) |
6668 |
-35 |
-0.25% |
| निक्केई (जापान) |
59305 |
-613 |
-1.02% |
| हैंगसेंग (हॉन्गकॉन्ग) |
25757 |
-355 |
-1.28% |
29 अप्रैल को अमेरिकी बाजार में गिरावट रही
| इंडेक्स |
लेवल |
पॉइंट चेंज |
परसेंट चेंज |
| डाउ जोन्स |
48862 |
-280 |
-0.57% |
| नैस्डैक |
24673 |
+9 |
+0.04% |
| S&P 500 |
7136 |
-3 |
-0.04% |
ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल के पार
ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गई हैं। 2022 के बाद पहली बार कच्चा तेल 120 डॉलर डॉलर के पार निकला है। बाजार में तेल की मजबूत डिमांड और ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ को लेकर चिंता बढ़ी है जिस वजह से ये तेजी आई है। हॉर्मुज को तेल की सप्लाई के लिए सबसे अहम रास्ता माना जाता है।
कल बाजार में रही थी तेजी
इससे पहले कल यानी 29 अप्रैल को शेयर बाजार में बढ़त रही थी। सेंसेक्स 609 अंक (0.79%) की तेजी के साथ 77,496 पर बंद हुआ था। निफ्टी में भी 182 अंक (0.76%) की तेजी रही, ये 24,178 पर बंद हुआ था।
भारतीय रुपया में गिरावट
डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर होकर करीब 95.21 प्रति डॉलर के स्तर तक पहुंच गया है, जो रिकॉर्ड निचले स्तर के करीब माना जा रहा है. रुपये में यह गिरावट विदेशी निवेशकों (FII) के लिए चिंता बढ़ाती है, क्योंकि इससे निवेश का रिटर्न कम हो सकता है, और इसी वजह से शेयर बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ जाता है.
यूएस फेड का फैसला
बल संकेत भी फिलहाल नेगेटिव बने हुए हैं. यूएस फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों को भले ही स्थिर रखा है, लेकिन बढ़ती महंगाई और जियो-पॉलिटिकल टेंशन के कारण 2026 में रेट कट की उम्मीदें कम हो गई हैं. वहीं, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड खासकर 10 साल की करीब 4.4% पर पहुंचने से अमेरिका में निवेश ज्यादा आकर्षक हो गया है, जिससे भारत जैसे उभरते बाजारों से कैपिटल आउटफ्लो का खतरा बढ़ सकता है.
निफ्टी लगातार गिरते हुए करीब 23,900 के स्तर पर पहुंच गया है और बाजार में पैनिक सेलिंग जैसा माहौल देखने को मिल रहा है. India VIX करीब 4% उछलकर कारोबार कर रहा है, जो इस बात का संकेत है कि भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव (वॉलिटिलिटी) बढ़ रहा है और निवेशकों के बीच अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है. अब निवेशकों की नजर Q4 नतीजों पर टिकी है, जहां ACC, Adani Ports, Hindustan Unilever और Bajaj Finserv जैसी बड़ी कंपनियां अपने रिजल्ट्स जारी करेंगी, जो बाजार की आगे की दिशा तय करने में अहम फैक्टर रहेगा.