पश्चिम बंगाल चुनाव अब अपने आखिरी चरण में है। अंतिम चरण की 142 विधानसभा सीटों पर चुनाव प्रचार का आज आखिरी दिन है। आज शाम को बंगाल में प्रचार का शोर थम जाएगा। उससे पहले बीजेपी, टीएमसी के तमाम दिग्गज मैदान में दिखने वाले हैं। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज चार चुनावी कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। वे सुबह से शाम तक अलग-अलग विधान सभा क्षेत्रों में रोड शो और जनसभाओं को संबोधित करेंगे।
पश्चिम बंगाल के उत्तर चौबीस परगना में कल रात बीजेपी और टीएमसी कार्यकर्ताओं में जबरदस्त झड़प हुई। यह झड़प बैरकपुर इलाके के जगदल विधानसभा क्षेत्र में हुई। बीजेपी और टीएमसी के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। यह झड़प ऐसे समय में हुई जबकि आज जगदल के जलेबी माठ मैदान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेगा रैली है।
यह भिड़ंत जगदल थाने के सामने बीजेपी और टीएमसी समर्थकों के बीच हुई। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। दोनों पार्टियों के समर्थकों और कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे पर जमकर ईंट-पत्थर बरसाए।
पूर्व सांसद अर्जुन सिंह पर भी हमला
आरोप है कि इस हिंसक झड़प में बैरकपुर के पूर्व सांसद अर्जुन सिंह पर भी हमला किया गया। टीएमसी कार्यकर्ताओं ने उन्हें खींचने की कोशिश की। मारपीट के दौरान अर्जुन सिंह को निशाना बनाने की कोशिश की गई।
हिंसा की शुरुआत प्रधानमंत्री के दौरे के लिए लगाए गए राजनीतिक झंडों और पोस्टरों को फाड़ने से हुई। भाजपा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि टीएमसी समर्थकों ने जगद्दल इलाके में उनके प्रचार सामग्री का अपमान किया। इसके बाद दोनों पक्षों के समर्थक पुलिस स्टेशन के सामने जमा हो गए। वहां उनके बीच तीखी बहस हुई और फिर मारपीट शुरू हो गई। स्थानीय पुलिस इस स्थिति को संभालने में काफी मशक्कत करती दिखी।
इस संघर्ष के दौरान भाटपारा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार और विधायक पवन सिंह के आवास पर बम फेंके गए। विधायक के घर पर हुए इस हमले से पूरे इलाके में दहशत फैल गई और संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा। इस धमाके में तीन लोग घायल हुए हैं, जिन्हें तुरंत पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण में रिकॉर्ड मतदान के बाद दूसरे चरण में भी बंपर मतदान की तैयारी शुरू हो चुकी है। पश्चिम बंगाल में लंबे समय से चुनाव के दौरान हिंसा होती रही है। इस बार इसे रोकने के लिए बडे़ पैमाने पर सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए थे। इसका असर भी हुआ और लोगों ने बढ़ चढ़कर मतदान किया। अब दूसरे चरण में भी मतदाताओं की सुरक्षा और निष्पक्ष चुनाव कराने की लिए बड़े पैमाने पर तैयारियां की जा रही हैं।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण से पहले कोलकाता के तीन जिलों की चुनावी तैयारियों की समीक्षा के लिए रविवार को एक उच्चस्तरीय समन्वय बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें चुनाव अधिकारी, पुलिस अधिकारी और केंद्रीय बलों के कमांडर शामिल होंगे। यह बैठक 29 अप्रैल को होने वाले मतदान से तीन दिन पहले धन धान्य सभागार में आयोजित की जाएगी। अधिकारी ने कहा, “यह बैठक कोलकाता के चुनावी जिलों में सभी तैयारियों का आकलन करने और मतदान प्रक्रिया में शामिल सभी एजेंसियों के बीच समन्वय सुनिश्चित करने के लिए बुलाई गई है।”
पूरे राज्य में हो रही समीक्षा बैठक
अधिकारी के अनुसार, बैठक में कोलकाता पुलिस के आयुक्त, कोलकाता उत्तर, कोलकाता दक्षिण और दक्षिण 24 परगना के जिला चुनाव अधिकारी, निर्वाचन आयोग द्वारा नियुक्त सामान्य, पुलिस और व्यय पर्यवेक्षक, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के कंपनी कमांडर और कोलकाता क्षेत्र के निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव अधिकारी भी शामिल होंगे। अधिकारी ने कहा, “बैठक में मुख्य रूप से बलों की तैनाती, संवेदनशील क्षेत्रों का मानचित्रण, नागरिक और पुलिस प्रशासन के बीच संचार, और मतदान कर्मियों की तैयारी ध्यान केंद्रित किया जाएगा।” राज्य में 23 अप्रैल को 16 जिलों में फैले 152 विधानसभा क्षेत्रों में पहले चरण के मतदान के दौरान 93 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ था। निर्वाचन आयोग पूरे राज्य में इस तरह की समीक्षा बैठकों का आयोजन कर रहा है, ताकि पश्चिम बंगाल में दो चरणों में होने वाले विधानसभा चुनावों में स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित किया जा सके।
चुनाव आयोग के एक अधिकारी के मुताबिक सुरक्षा योजना के तहत 160 बाइक्स पर तैनात दो-दो केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के जवान पूरे क्षेत्रों में लगातार गश्त करेंगे। फोकस सुरक्षा बलों की तैनाती, संवेदनशील इलाकों की पहचान, प्रशासन और पुलिस के बीच बेहतर तालमेल और हर इलाके में स्पष्ट सुरक्षा उपस्थिति सुनिश्चित करने पर है। इस बैठक में कोलकाता पुलिस आयुक्त, कोलकाता उत्तर, कोलकाता दक्षिण और दक्षिण 24 परगना के जिला चुनाव अधिकारी, रिटर्निंग ऑफिसर, सामान्य और पुलिस पर्यवेक्षक, विशेष पर्यवेक्षक सुभ्रत गुप्ता और विशेष पुलिस पर्यवेक्षक एन के मिश्रा भी मौजूद थे।
इसी बीच, राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने दूसरे फेज के मतदान से पहले दक्षिण 24 परगना जिले के काकद्वीप (Kakdwip) का दौरा किया। उन्होंने विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर उन्हें मतदाताओं को शांतिपूर्ण और स्वतंत्र रूप से मतदान के लिए प्रेरित करने की अपील की।
‘4 मई के बाद TMC के गुंडे जेल जाएंगे’
बंगाल में दूसरे चरण के प्रचार में बीजेपी ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। सारे स्टार प्रचारक ग्राउंड पर हैं और सब के टारगेट पर बस ममता सरकार है। नॉर्थ 24 परगना मे रोड शो के दौरान बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने ममता बनर्जी पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 4 मई के बाद TMC के गुंडे जेल में जाएंगे और प्रचंड बहुमत के साथ बंगाल में BJP सरकार बनेगी। तो पूर्वी बर्धमान में रोड शो के दौरान जेपी नड्डा ने भी ममता सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि दूसरे चरण में भी ममता के खिलाफ ही बंगाल की जनता वोट करेगी।
सीक्रेट मीटिंग को पुलिस ने एक्सपोज किया- अभिषेक बनर्जी
बीजेपी के तमाम दिग्गज नेता ममता बनर्जी और TMC सरकार पर गुंडों को शह देने और सिंडिकेट राज चलाने का आरोप लगा रहे हैं तो वहीं, ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने एक बार फिर बीजेपी और चुनाव आयोग में मिलीभगत का आरोप लगाया है। अभिषेक बनर्जी ने कहा कि डायमंड हार्बर में चुनाव अधिकारी और बीजेपी उम्मीदवार की एक होटल के कमरे में गुपचुम मीटिंग हुई थी। लेकिन उस मीटिंग को पुलिस ने एक्सपोज कर दिया।







