बिहार में कौन होगा मुख्यमंत्री? बिहार की सियासत में ये मिलियन डॉलर क्वेश्चन है। सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 14 तारीख को अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं, जिसके बाद राज्य की कमान भाजपा के हाथों में आना लगभग तय है। इस बदलाव के साथ ही सबसे बड़ा सवाल ये उठ रहा है कि बिहार का नया मुखिया कौन होगा? भाजपा इस बार मुख्यमंत्री का पद अपने पास रखेगी और जेडीयू उपमुख्यमंत्री पद संभालेगी। जहां सम्राट चौधरी का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है, वहीं दिल्ली से आने वाली ‘सीक्रेट पर्ची’ और भाजपा की चौंकाने वाली रणनीति ने कई दूसरे दावेदारों की उम्मीदें भी जगा दी हैं।
सम्राट चौधरी की दावेदारी के साथ कास्ट कैलकुलेशन
मुख्यमंत्री की रेस में वर्तमान डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी का नाम सबसे ऊपर चल रहा है। उन्हें बिहार में भाजपा का मजबूत ओबीसी चेहरा माना जाता है। संगठन पर उनकी पकड़ और आक्रामक तेवर पार्टी के पक्ष में जाते हैं। हालांकि, पेच इस बात पर फंसा है कि क्या भाजपा पुराने चेहरों पर दांव लगाएगी या किसी नए चेहरे को सामने लाकर सबको चौंका देगी।
नितिन नवीन और विनोद तावड़े का होगा अहम रोल
पिछले दो दिनों से बिहार भाजपा के प्रभारी विनोद तावड़े और राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन राज्य के प्रमुख नेताओं के साथ लगातार संपर्क में हैं। शुक्रवार को हुई बैठकों के दौर में विजय सिन्हा, नित्यानंद राय और संजय सरावगी जैसे नेताओं से रायशुमारी की गई। इन चर्चाओं का सारांश केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सामने रखा गया है, जिसके बाद फैसले की घड़ी करीब मानी जा रही है।
बिहार सीएम की रेस में कौन-कौन सूरमा?
बिहार में मुख्यमंत्री पद की दौड़ केवल सम्राट चौधरी तक सीमित नहीं है। केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय, वरिष्ठ नेता विजय सिन्हा और पूर्व डिप्टी सीएम रेणु देवी के नामों पर भी गंभीरता से विचार किया जा रहा है। जातीय संतुलन और 2025 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए भाजपा नेतृत्व किसी ऐसे चेहरे का चयन करना चाहता है जो सर्वमान्य हो।
क्या फिर चलेगा भाजपा का ‘सरप्राइज कार्ड’?
भाजपा का इतिहास रहा है कि वो राज्यों के नेतृत्व चयन में अक्सर अप्रत्याशित फैसले लेती है। मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के उदाहरणों को देखते हुए बिहार में भी किसी ‘डार्क हॉर्स’ (अप्रत्यक्ष दावेदार) के नाम की चर्चा जोरों पर है। कयास लगाए जा रहे हैं कि जो नाम अभी मीडिया की सुर्खियों में नहीं है, शायद वही बिहार की अगली कमान संभाले।







