बिहार के नालंदा जिले में स्थित राजगीर में हर तीन साल पर मलमास मेला का आयोजन होता है. इस वर्ष 17 मई से राजगीर में विश्व प्रसिद्ध मलमास मेला का आयोजन हो रहा है. जो 15 जून तक चलेगा. कहा जाता है कि मलमास के दौरान राजगीर के गर्म जल ब्रह्म कुंड में स्नान करने से सभी पाप खत्म हो जाते हैं. मान्यता है कि मलमास मेले के राजगीर में हिन्दू के 33 करोड़ देवी-देवता पहुंचते हैं और यहीं एक माह प्रवास करते हैं. सिर्फ एक काग (कौआ) देवता यहां नजर नहीं आते हैं.
साधु-संत का भी होता आगमन
बता दें कि मलमास के दौरान पूजा-पाठ सहित शादी-विवाह और शुभ काम नहीं होता हैं. इस मेले में देश के कई हिस्सों से साधु संत भी यहां पहुंचते हैं. पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान ब्रह्मा के मानस पुत्र राजा बसु द्वारा राजगीर के ब्रह्म कुंड परिसर में एक यज्ञ का आयोजन कराया गया था, जिसमें 33 करोड़ देवी-देवताओं को निमंत्रण दिया गया था और वे यहां पधारे भी थे, लेकिन काला काग (कौआ) को निमंत्रण नहीं दिया गया था. यहां प्रवास पर आए सभी देवी-देवता को एक ही कुंड में स्नान करने में परेशानी हुई, जिसके बाद ब्रह्मा ने यहां 22 कुंड और 52 जल धाराओं का निर्माण किया था.
बता दें कि मलमास के दौरान पूजा-पाठ सहित शादी-विवाह और शुभ काम नहीं होता हैं. इस मेले में देश के कई हिस्सों से साधु संत भी यहां पहुंचते हैं. पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान ब्रह्मा के मानस पुत्र राजा बसु द्वारा राजगीर के ब्रह्म कुंड परिसर में एक यज्ञ का आयोजन कराया गया था, जिसमें 33 करोड़ देवी-देवताओं को निमंत्रण दिया गया था और वे यहां पधारे भी थे, लेकिन काला काग (कौआ) को निमंत्रण नहीं दिया गया था. यहां प्रवास पर आए सभी देवी-देवता को एक ही कुंड में स्नान करने में परेशानी हुई, जिसके बाद ब्रह्मा ने यहां 22 कुंड और 52 जल धाराओं का निर्माण किया था.
युद्ध स्तर पर तैयारी जारी
मलमास मेले को लेकर बिहार सरकार और जिला प्रशासन के द्वारा युद्ध स्तर पर कार्य किया जा रहा है. नालंदा जिला प्रशासन के अनुसार श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रेलवे स्टेशन, मेला थाना, धुनीवर, बस स्टैंड, झुनकिया बाबा, ब्रह्म कुंड घाट, स्टेट गेस्ट हाउस, सैनिक स्कूल महाराजा होटल के समीप गढ़ महादेव, वैतरणी, पीएचईडी कैंपस में वाटरप्रूफ यात्री सेड टेन्ट सिटी का निर्माण किया जाएगा.
मलमास मेले को लेकर बिहार सरकार और जिला प्रशासन के द्वारा युद्ध स्तर पर कार्य किया जा रहा है. नालंदा जिला प्रशासन के अनुसार श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रेलवे स्टेशन, मेला थाना, धुनीवर, बस स्टैंड, झुनकिया बाबा, ब्रह्म कुंड घाट, स्टेट गेस्ट हाउस, सैनिक स्कूल महाराजा होटल के समीप गढ़ महादेव, वैतरणी, पीएचईडी कैंपस में वाटरप्रूफ यात्री सेड टेन्ट सिटी का निर्माण किया जाएगा.
सम्पूर्ण मेला क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में दंडाधिकारियों, पुलिस बल, महिला पुलिस एवं स्वयंसेवकों की प्रतिनियुक्ति की जाएगी. संवेदनजशील स्थलों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी तथा सीसीटीवी कैमरों एवं ड्रोन के माध्यम से भीड़ तंत्र पर सतत् नजर रखी जाएगी. साथ ही असामाजिक तत्वों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी.
शाही स्नान का विशेष महत्व
राजगीर में लगने वाले मलमास मेले में देश भर के कोने-कोने से साधु संत का आगमन होता है. इस दौरान शाही स्नान का विशेष महत्व होता है. मेले के दौरान विभिन्न प्रकार के झूले और थिएटर लगाए जाते हैं. मनोरंजन के साथ-साथ खानपान की व्यवस्था भी होती है. इससे स्थानीय लोगों की आमदनी भी होती है.
राजगीर में लगने वाले मलमास मेले में देश भर के कोने-कोने से साधु संत का आगमन होता है. इस दौरान शाही स्नान का विशेष महत्व होता है. मेले के दौरान विभिन्न प्रकार के झूले और थिएटर लगाए जाते हैं. मनोरंजन के साथ-साथ खानपान की व्यवस्था भी होती है. इससे स्थानीय लोगों की आमदनी भी होती है.






