त्रिपुरा के धर्मनगर में उपचुनाव: कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान जारी
केरल, असम और पुदुचेरी में मतदान के साथ आज त्रिपुरा में उपचुनाव भी कराए जा रहे हैं। उत्तर त्रिपुरा जिले की धर्मनगर विधानसभा सीट पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदान जारी है। चुनाव अधिकारियों के अनुसार, सुबह 7 बजे शुरू हुई वोटिंग शाम 5 बजे तक चलेगी। धर्मनगर विधानसभा क्षेत्र के सभी 55 मतदान केंद्रों पर सुबह से ही मतदाताओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। इस सीट पर कुल 46,142 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करने के पात्र हैं, जिनमें 23,758 महिला मतदाता शामिल हैं। मतदाता यहां अपनी किस्मत आजमा रहे छह उम्मीदवारों के सियासी भाग्य का फैसला करेंगे। 55 में से 11 मतदान केंद्र पूरी तरह महिलाओं द्वारा संचालित किए जा रहे हैं।
असम और मिजोरम की सीमा से सटा धर्मनगर विधानसभा क्षेत्र 2008 से कांग्रेस और भाजपा के बीच गढ़ बना हुआ है, जबकि इससे पहले 2003 में यहां सीपीआई(एम) ने जीत दर्ज की थी। इस बार का उपचुनाव काफी दिलचस्प और कड़ा मुकाबला माना जा रहा है, क्योंकि मैदान में छह उम्मीदवार हैं। यह उपचुनाव विधायक और त्रिपुरा विधानसभा के अध्यक्ष बिस्वा बंधु सेन के निधन के बाद कराया जा रहा है। सेन का 26 दिसंबर 2025 को बेंगलुरु के एक निजी अस्पताल में बीमारी की वजह से 72 वर्ष की उम्र में निधन हो गया था।
असम में मतदान में महिलाएं आगे, फर्स्ट टाइम वोटर बोले- हमें चाहिए विकास
असम में विधानसभा चुनाव के तहत गुरुवार को मतदान जारी है और सुबह से ही वोटरों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। अलग-अलग इलाकों से सामने आए दृश्य लोकतंत्र के इस पर्व की जीवंत तस्वीर पेश कर रहे हैं। जालुकबारी में पहली बार वोट डालने पहुंचे युवा मतदाता ने कहा, ‘हम विकास चाहते हैं।’ वहीं कामरूप में एक मतदाता ने बताया, यहां दो उम्मीदवार हैं। एक भाजपा से और एक कांग्रेस से। दोनों ही अच्छे हैं। एक अन्य मतदाता ने कहा, हम उसी को वोट देंगे जो अच्छा काम करेगा। विश्वनाथ के पावोई एलपी स्कूल में एक बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) ने जानकारी दी कि वह सुबह ही मतदान कराने के लिए पहुंचा है। वहीं होजाई में सुबह 5 बजे से ही बड़ी संख्या में मतदाता कतार में लग गए, जिनमें महिलाओं की संख्या भी काफी अधिक है।
केरल की 140 सीटों के लिए 883 उम्मीदवार मैदान में
केरल विधानसभा की 140 सीटों के लिए 883 उम्मीदवार किस्मत आजमा रहे हैं। इन उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला राज्य के 2.71 करोड़ मतदाता करेंगे। इनमें 1.39 करोड़ महिला मतदाता तो 1.32 करोड़ पुरुष मतदाता हैं। सुचारू रूप से मतदान के लिए 30,471 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। 2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान राज्य में 75.75% वोटिंग हुई थी। राज्य की कुट्टियाडी विधानसभा सीट पर 2021 में सबसे ज्यादा मतदान हुआ था। यहां के 83.83% मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। वहीं, तिरुवनंतपुरम विधानसभा सीट पर सबसे कम मतदान हुआ था। यहां सिर्फ 62.99% लोगों ने वोट डाला था।
क्या असम में टूटेगा 2021 का रिकॉर्ड?
असम विधानसभा की 126 सीटों पर 722 उम्मीदवार किस्मत आजमा रहे हैं। राज्य के 2.50 करोड़ मतदाता इन उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे। इन मतदाताओं में 1.25 करोड़ पुरुष और 1.25 करोड़ महिलाएं हैं। वोट डालने के लिए राज्यभर में 31,490 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। 2021 के विधानसभा चुनाव में असम में 82.02% मतदान हुआ था। नए सिरे से हुए परिसीमन और एसआईआर के बाद हो रहे इस चुनाव में मतदान का नया रिकॉर्ड बन सकता है। 2021 में सबसे ज्यादा मतदान जलेश्वर विधानसभा सीट पर हुआ था। वहीं, सबसे कम वोटिंग गुवाहाटी पूर्व सीट पर हुई थी। जलेश्वर सीट पर 93.65% वोटिंग हुई थी। वहीं, गुवाहाटी पूर्व सीट पर 71.4% लोगों ने वोट डाला था।
पुदुचेरी की 30 सीटों पर 294 उम्मीदवार
30 विधानसभा सीटों वाली पुदुचेरी में कुल 294 उम्मीदवार किस्मत आजमा रहे हैं। यहां के 9.50 लाख मतदाता इन उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे। पुदुचेरी में पुरुषों के मुकाबले महिला मतदाताओं की संख्या ज्यादा है। यहां 4.46 लाख पुरुष मतदाता हैं। पुदुचेरी में महिला मतदाताओं की संख्या 5.03 है। सुचारू मतदान के लिए इस केंद्र शासित प्रदेश में 1,099 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। 2021 के चुनाव की बात करें तो यहां 83.28% वोटिंग हुई थी। यानम विधानसभा सीट पर सबसे ज्यादा 92.31% मतदात हुआ था। वहीं, राजभवन विधानसभा सीट पर सबसे कम 73.93% वोटिंग हुई थी।
विधानसभा चुनाव में सिर्फ 59 महिला उम्मीदवार हैं। इनमें कांग्रेस ने सबसे ज्यादा 14 महिला उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि भाजपा ने 7 महिलाओं को टिकट दिया है। यह आंकड़ा राज्य की राजनीति में महिला भागीदारी की सीमित उपस्थिति को भी दर्शाता है।
कुल 722 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इनमें मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई, नेता प्रतिपक्ष देबब्रत सैकिया, एआईयूडीएफ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल, राइजर दल के नेता अखिल गोगोई और एजेपी अध्यक्ष लुरिनज्योति गोगोई जैसे बड़े चेहरे शामिल हैं। राज्य के 35 जिलों में कुल 31,490 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जहां सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक वोट डाले जाएंगे। इस चुनाव में 2.50 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, जिनमें करीब 1.25 करोड़ महिलाएं और 318 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं।
किस पार्टी ने कितने उम्मीदवार उतारे
- उम्मीदवारों के लिहाज से कांग्रेस सबसे आगे है, जिसने 99 प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं। भाजपा ने 90 उम्मीदवारों को टिकट दिया है।
- एआईयूडीएफ 30 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जबकि एनडीए के सहयोगी दल एजीपी 26 और बीपीएफ 11 सीटों पर किस्मत आजमा रहे हैं। इसके अलावा विपक्षी दलों में राइजर दल 13, असम जातीय परिषद 10, सीपीएम 3, एपीएचएलसी 2, आम आदमी पार्टी 18, यूपीपीएल 18, तृणमूल
- कांग्रेस 22 और झारखंड मुक्ति मोर्चा 16 सीटों पर मैदान में है। वहीं 258 निर्दलीय उम्मीदवार भी चुनावी मुकाबले को दिलचस्प बना रहे हैं।
दो सीटों पर सबसे ज्यादा 15 और 9 सीटों पर सबसे कम दो-दो उम्मीदवार
अलगापुर-कटलीचेरा और करीमगंज साउथ सीटों पर सबसे ज्यादा 15-15 उम्मीदवार मैदान में हैं। वहीं रंगिया, जागीरोड (एससी), होजाई, नौदुआर, जोनाई (एसटी), डूमडूमा, महमारा, टियोक और लखीपुर जैसी नौ सीटों पर सिर्फ दो-दो उम्मीदवार ही चुनाव लड़ रहे हैं।
इन सीटों पर टिकीं सबकी नजरें
इस बार कई हाई-प्रोफाइल मुकाबले चुनाव को और रोचक बना रहे हैं। जलुकबारी सीट से हिमंत बिस्व सरमा लगातार छठी जीत की तलाश में हैं, जहां उनका मुकाबला कांग्रेस की बिदिशा नियोग से है। जोरहाट सीट से गौरव गोगोई विधानसभा में पहली बार प्रवेश की कोशिश करेंगे। उन्हें भाजपा के हितेंद्रनाथ गोस्वामी चुनौती दे रहे हैं। नाजिरा में देबब्रत सैकिया अपनी पारिवारिक सीट बचाने की जंग लड़ रहे हैं। बोडोलैंड टेरिटोरियल रीजन की तामुलपुर सीट पर दिलचस्प मुकाबला देखने को मिलेगा, जहां यूपीपीएल प्रमुख प्रमोद बोरों की सीधी टक्कर बीपीएफ के दाइमारी से है। इसके अलावा, बिन्नाकांडी से बदरुद्दीन अजमल, सिबसागर से अखिल गोगोई, खोवांग से लुरिनज्याोति गोगोई, बोकारहाट से एजीपी अध्यक्ष अतुल बोरा और कालियाबोर से मंत्री केशव महंत भी प्रमुख मुकाबलों में शामिल हैं। इसके अलावा दिसपुर सीट पर भी सबकी नजर रहेगी।
असम में इस बार 6.42 लाख मतदाता पहली बार वोट डालेंगे, जो चुनाव परिणामों में अहम भूमिका निभा सकते हैं। वहीं 80 वर्ष से अधिक आयु के 2.50 लाख मतदाता, जिनमें 2,466 शतायु शामिल हैं, लोकतंत्र के इस महापर्व में हिस्सा लेंगे। इसके अलावा, 2.05 लाख दिव्यांग मतदाता भी मतदान प्रक्रिया में शामिल होंगे। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि असम का यह चुनाव सिर्फ सत्ता परिवर्तन या बरकरार रखने का नहीं, बल्कि राजनीतिक समीकरणों, गठबंधनों और जनमत की दिशा तय करने वाला चुनाव है। भाजपा जहां हैट्रिक के जरिए अपनी पकंड़ मजबूत करना चाहती है, वहीं कांग्रेस के लिए यह अस्तित्व और वापसी की निर्णायक लड़ाई है। आज होने वाला मतदान और उसके बाद आने वाले नतीजे राज्य की राजनीति का नया अध्याय लिखेंगे।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनुराग गोयल के अनुसार सभी मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग की व्यवस्था की गई है, जिससे रियल टाइम निगरानी संभव होगी। चुनाव को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण बनाने के लिए केंद्रीय अर्धसैनिक बलों, विशेषकर सीआरपीएफ की तैनाती की गई है।
त्रिपुरा के धर्मनगर में उपचुनाव: कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान जारी
केरल, असम और पुदुचेरी में मतदान के साथ आज त्रिपुरा में उपचुनाव भी कराए जा रहे हैं। उत्तर त्रिपुरा जिले की धर्मनगर विधानसभा सीट पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदान जारी है। चुनाव अधिकारियों के अनुसार, सुबह 7 बजे शुरू हुई वोटिंग शाम 5 बजे तक चलेगी। धर्मनगर विधानसभा क्षेत्र के सभी 55 मतदान केंद्रों पर सुबह से ही मतदाताओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। इस सीट पर कुल 46,142 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करने के पात्र हैं, जिनमें 23,758 महिला मतदाता शामिल हैं। मतदाता यहां अपनी किस्मत आजमा रहे छह उम्मीदवारों के सियासी भाग्य का फैसला करेंगे। 55 में से 11 मतदान केंद्र पूरी तरह महिलाओं द्वारा संचालित किए जा रहे हैं।
असम और मिजोरम की सीमा से सटा धर्मनगर विधानसभा क्षेत्र 2008 से कांग्रेस और भाजपा के बीच गढ़ बना हुआ है, जबकि इससे पहले 2003 में यहां सीपीआई(एम) ने जीत दर्ज की थी। इस बार का उपचुनाव काफी दिलचस्प और कड़ा मुकाबला माना जा रहा है, क्योंकि मैदान में छह उम्मीदवार हैं। यह उपचुनाव विधायक और त्रिपुरा विधानसभा के अध्यक्ष बिस्वा बंधु सेन के निधन के बाद कराया जा रहा है। सेन का 26 दिसंबर 2025 को बेंगलुरु के एक निजी अस्पताल में बीमारी की वजह से 72 वर्ष की उम्र में निधन हो गया था।
असम में मतदान में महिलाएं आगे, फर्स्ट टाइम वोटर बोले- हमें चाहिए विकास
असम में विधानसभा चुनाव के तहत गुरुवार को मतदान जारी है और सुबह से ही वोटरों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। अलग-अलग इलाकों से सामने आए दृश्य लोकतंत्र के इस पर्व की जीवंत तस्वीर पेश कर रहे हैं। जालुकबारी में पहली बार वोट डालने पहुंचे युवा मतदाता ने कहा, ‘हम विकास चाहते हैं।’ वहीं कामरूप में एक मतदाता ने बताया, यहां दो उम्मीदवार हैं। एक भाजपा से और एक कांग्रेस से। दोनों ही अच्छे हैं। एक अन्य मतदाता ने कहा, हम उसी को वोट देंगे जो अच्छा काम करेगा। विश्वनाथ के पावोई एलपी स्कूल में एक बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) ने जानकारी दी कि वह सुबह ही मतदान कराने के लिए पहुंचा है। वहीं होजाई में सुबह 5 बजे से ही बड़ी संख्या में मतदाता कतार में लग गए, जिनमें महिलाओं की संख्या भी काफी अधिक है।
केरल की 140 सीटों के लिए 883 उम्मीदवार मैदान में
केरल विधानसभा की 140 सीटों के लिए 883 उम्मीदवार किस्मत आजमा रहे हैं। इन उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला राज्य के 2.71 करोड़ मतदाता करेंगे। इनमें 1.39 करोड़ महिला मतदाता तो 1.32 करोड़ पुरुष मतदाता हैं। सुचारू रूप से मतदान के लिए 30,471 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। 2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान राज्य में 75.75% वोटिंग हुई थी। राज्य की कुट्टियाडी विधानसभा सीट पर 2021 में सबसे ज्यादा मतदान हुआ था। यहां के 83.83% मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। वहीं, तिरुवनंतपुरम विधानसभा सीट पर सबसे कम मतदान हुआ था। यहां सिर्फ 62.99% लोगों ने वोट डाला था।
क्या असम में टूटेगा 2021 का रिकॉर्ड?
असम विधानसभा की 126 सीटों पर 722 उम्मीदवार किस्मत आजमा रहे हैं। राज्य के 2.50 करोड़ मतदाता इन उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे। इन मतदाताओं में 1.25 करोड़ पुरुष और 1.25 करोड़ महिलाएं हैं। वोट डालने के लिए राज्यभर में 31,490 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। 2021 के विधानसभा चुनाव में असम में 82.02% मतदान हुआ था। नए सिरे से हुए परिसीमन और एसआईआर के बाद हो रहे इस चुनाव में मतदान का नया रिकॉर्ड बन सकता है। 2021 में सबसे ज्यादा मतदान जलेश्वर विधानसभा सीट पर हुआ था। वहीं, सबसे कम वोटिंग गुवाहाटी पूर्व सीट पर हुई थी। जलेश्वर सीट पर 93.65% वोटिंग हुई थी। वहीं, गुवाहाटी पूर्व सीट पर 71.4% लोगों ने वोट डाला था।
पुदुचेरी की 30 सीटों पर 294 उम्मीदवार
30 विधानसभा सीटों वाली पुदुचेरी में कुल 294 उम्मीदवार किस्मत आजमा रहे हैं। यहां के 9.50 लाख मतदाता इन उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे। पुदुचेरी में पुरुषों के मुकाबले महिला मतदाताओं की संख्या ज्यादा है। यहां 4.46 लाख पुरुष मतदाता हैं। पुदुचेरी में महिला मतदाताओं की संख्या 5.03 है। सुचारू मतदान के लिए इस केंद्र शासित प्रदेश में 1,099 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। 2021 के चुनाव की बात करें तो यहां 83.28% वोटिंग हुई थी। यानम विधानसभा सीट पर सबसे ज्यादा 92.31% मतदात हुआ था। वहीं, राजभवन विधानसभा सीट पर सबसे कम 73.93% वोटिंग हुई थी।
विधानसभा चुनाव में सिर्फ 59 महिला उम्मीदवार हैं। इनमें कांग्रेस ने सबसे ज्यादा 14 महिला उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि भाजपा ने 7 महिलाओं को टिकट दिया है। यह आंकड़ा राज्य की राजनीति में महिला भागीदारी की सीमित उपस्थिति को भी दर्शाता है।
कुल 722 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इनमें मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई, नेता प्रतिपक्ष देबब्रत सैकिया, एआईयूडीएफ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल, राइजर दल के नेता अखिल गोगोई और एजेपी अध्यक्ष लुरिनज्योति गोगोई जैसे बड़े चेहरे शामिल हैं। राज्य के 35 जिलों में कुल 31,490 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जहां सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक वोट डाले जाएंगे। इस चुनाव में 2.50 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, जिनमें करीब 1.25 करोड़ महिलाएं और 318 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं।
किस पार्टी ने कितने उम्मीदवार उतारे
- उम्मीदवारों के लिहाज से कांग्रेस सबसे आगे है, जिसने 99 प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं। भाजपा ने 90 उम्मीदवारों को टिकट दिया है।
- एआईयूडीएफ 30 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जबकि एनडीए के सहयोगी दल एजीपी 26 और बीपीएफ 11 सीटों पर किस्मत आजमा रहे हैं। इसके अलावा विपक्षी दलों में राइजर दल 13, असम जातीय परिषद 10, सीपीएम 3, एपीएचएलसी 2, आम आदमी पार्टी 18, यूपीपीएल 18, तृणमूल
- कांग्रेस 22 और झारखंड मुक्ति मोर्चा 16 सीटों पर मैदान में है। वहीं 258 निर्दलीय उम्मीदवार भी चुनावी मुकाबले को दिलचस्प बना रहे हैं।
दो सीटों पर सबसे ज्यादा 15 और 9 सीटों पर सबसे कम दो-दो उम्मीदवार
अलगापुर-कटलीचेरा और करीमगंज साउथ सीटों पर सबसे ज्यादा 15-15 उम्मीदवार मैदान में हैं। वहीं रंगिया, जागीरोड (एससी), होजाई, नौदुआर, जोनाई (एसटी), डूमडूमा, महमारा, टियोक और लखीपुर जैसी नौ सीटों पर सिर्फ दो-दो उम्मीदवार ही चुनाव लड़ रहे हैं।
इन सीटों पर टिकीं सबकी नजरें
इस बार कई हाई-प्रोफाइल मुकाबले चुनाव को और रोचक बना रहे हैं। जलुकबारी सीट से हिमंत बिस्व सरमा लगातार छठी जीत की तलाश में हैं, जहां उनका मुकाबला कांग्रेस की बिदिशा नियोग से है। जोरहाट सीट से गौरव गोगोई विधानसभा में पहली बार प्रवेश की कोशिश करेंगे। उन्हें भाजपा के हितेंद्रनाथ गोस्वामी चुनौती दे रहे हैं। नाजिरा में देबब्रत सैकिया अपनी पारिवारिक सीट बचाने की जंग लड़ रहे हैं। बोडोलैंड टेरिटोरियल रीजन की तामुलपुर सीट पर दिलचस्प मुकाबला देखने को मिलेगा, जहां यूपीपीएल प्रमुख प्रमोद बोरों की सीधी टक्कर बीपीएफ के दाइमारी से है। इसके अलावा, बिन्नाकांडी से बदरुद्दीन अजमल, सिबसागर से अखिल गोगोई, खोवांग से लुरिनज्याोति गोगोई, बोकारहाट से एजीपी अध्यक्ष अतुल बोरा और कालियाबोर से मंत्री केशव महंत भी प्रमुख मुकाबलों में शामिल हैं। इसके अलावा दिसपुर सीट पर भी सबकी नजर रहेगी।
असम में इस बार 6.42 लाख मतदाता पहली बार वोट डालेंगे, जो चुनाव परिणामों में अहम भूमिका निभा सकते हैं। वहीं 80 वर्ष से अधिक आयु के 2.50 लाख मतदाता, जिनमें 2,466 शतायु शामिल हैं, लोकतंत्र के इस महापर्व में हिस्सा लेंगे। इसके अलावा, 2.05 लाख दिव्यांग मतदाता भी मतदान प्रक्रिया में शामिल होंगे। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि असम का यह चुनाव सिर्फ सत्ता परिवर्तन या बरकरार रखने का नहीं, बल्कि राजनीतिक समीकरणों, गठबंधनों और जनमत की दिशा तय करने वाला चुनाव है। भाजपा जहां हैट्रिक के जरिए अपनी पकंड़ मजबूत करना चाहती है, वहीं कांग्रेस के लिए यह अस्तित्व और वापसी की निर्णायक लड़ाई है। आज होने वाला मतदान और उसके बाद आने वाले नतीजे राज्य की राजनीति का नया अध्याय लिखेंगे।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनुराग गोयल के अनुसार सभी मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग की व्यवस्था की गई है, जिससे रियल टाइम निगरानी संभव होगी। चुनाव को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण बनाने के लिए केंद्रीय अर्धसैनिक बलों, विशेषकर सीआरपीएफ की तैनाती की गई है।







