पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के असर अब पाकिस्तान में साफ दिखाई देने लगे हैं। ईंधन संकट गहराने के चलते सरकार ने देशभर में सख्त पाबंदियां लागू कर दी हैं। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद मंगलवार से नए नियम लागू किए गए। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के अनुसार, अब देश के ज्यादातर हिस्सों में बाजार और शॉपिंग मॉल रात 8 बजे तक ही खुले रहेंगे।
रेस्तरां, बेकरी और अन्य खाने-पीने की दुकानें रात 10 बजे तक बंद करनी होंगी। इसके अलावा शादी हॉल और दूसरे कमर्शियल वेन्यू भी रात 10 बजे के बाद खुले नहीं रह सकेंगे। सरकार ने निजी स्तर पर होने वाले शादी समारोहों पर भी सख्ती की है। अब घरों या निजी जगहों पर भी रात 10 बजे के बाद शादी या कोई समारोह आयोजित नहीं किया जा सकेगा।
हालांकि, मेडिकल स्टोर और फार्मेसी को इन पाबंदियों से छूट दी गई है, ताकि जरूरी दवाएं और स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित न हों। दरअसल, खाड़ी क्षेत्र में जारी तनाव का असर वैश्विक ईंधन आपूर्ति पर पड़ा है। इसी वजह से पाकिस्तान में ईंधन की कमी बढ़ रही है। खपत कम करने और हालात को संभालने के लिए सरकार ने ये सख्त कदम उठाए हैं।
जनता को राहत देने की कोशिश
सरकार ने राहत के तौर पर गिलगित और मुजफ्फराबाद में एक महीने के लिए मुफ्त इंटरसिटी पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सुविधा देने की घोषणा की है. ये उपाय मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के कारण वैश्विक तेल और ऊर्जा की बढ़ती कीमतों से निपटने के लिए पाकिस्तान के प्रयासों के बीच आए हैं, जिससे आपूर्ति श्रृंखलाएं बाधित हुई हैं.
इससे पहले खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान की प्रांतीय सरकारों ने भी इसी तरह की ऊर्जा-बचत पहलों के तहत बाजारों, रेस्तरां और वेडिंग हॉल को समय से पहले बंद करने के निर्देश दिए थे.
जंग से खाड़ी क्षेत्र में बढ़ा तनाव
ऊर्जा संकट की मुख्य वजह मिडिल ईस्टमें चल रहा तनाव है. 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर संयुक्त हमले के बाद शुरू हुए इस संघर्ष ने खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया है. जवाबी कार्रवाई में ईरान ने अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया और एक महत्वपूर्ण वैश्विक ऊर्जा मार्ग, होर्मुज जलडमरूमध्य ( Strait of Hormuz) से होकर गुजरने वाले जहाजरानी मार्गों को बाधित कर दिया, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हुई।
ईंधन की कीमतों में भारी इजाफा
इस संकट के चलते पाकिस्तान में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भारी इजाफा हुआ. 6 मार्च को सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 55 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की. इसके बाद 2 अप्रैल को पेट्रोल की कीमत बढ़कर 458.41 रुपए प्रति लीटर और डीजल की कीमत 520.35 रुपए प्रति लीटर हो गई. हालांकि, बाद में सरकार ने अस्थायी राहत देते हुए पेट्रोल की कीमत घटाकर 378 रुपए प्रति लीटर कर दी.
सरकार ने संकट के आर्थिक प्रभाव को नियंत्रित करने के उद्देश्य से व्यापक उपायों की भी शुरुआत की है, जिनमें प्रस्तावित चार दिवसीय कार्य सप्ताह, ईंधन भत्तों में कमी और सरकारी विभागों में व्यय में 20 प्रतिशत की कटौती शामिल है. ये सभी उपाय देश की आर्थिक स्थिति को स्थिर करने के लिए किए जा रहे हैं.







