पश्चिम एशिया में जारी भारी भू-राजनीतिक तनाव और 35 दिनों से अधिक समय से चल रहे संकट के बीच, भारत सरकार ने ऊर्जा सुरक्षा को लेकर देश के उपभोक्ताओं को आश्वस्त किया है। पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने एक बड़ा बयान देते हुए स्पष्ट किया है कि इस क्षेत्र से भारत की एलपीजी सप्लाई भले ही प्रभावित हुई है, लेकिन आपूर्ति श्रृंखला को टूटने नहीं दिया गया है। उनके मुताबिक, वर्तमान विपरीत परिस्थितियों में भी भारत भर में प्रतिदिन लगभग 50 लाख एलपीजी सिलेंडरों की निर्बाध डिलीवरी सुनिश्चित की जा रही है।
सुजाता शर्मा ने स्थिति की गंभीरता को समझाते हुए बताया कि हमारी एलपीजी जरूरतों का एक बहुत बड़ा हिस्सा पश्चिम एशिया से ही आता है, जिसके कारण मौजूदा संकट से सप्लाई चेन पर असर पड़ा है। हालांकि, सरकार ने हर संभव प्रयास किया है कि किसी भी आम उपभोक्ता को पेट्रोलियम पदार्थों की किल्लत का सामना न करना पड़े। जमीनी स्तर पर स्थिति को संभालने के लिए तेल विपणन कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी लगातार फील्ड में जाकर निरीक्षण कर रहे हैं। सुजाता शर्मा ने कहा कि ये अधिकारी यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि सप्लाई सुचारू रहे और किसी भी संभावित गड़बड़ी को तुरंत रोका जाए। राहत की बात यह है कि देश के किसी भी डिस्ट्रीब्यूटर के पास से ‘एलपीजी ड्राईआउट’ (गैस खत्म होने) की कोई खबर नहीं है।
पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि आज 35 दिन से अधिक हो गए हैं। उन्होंने कहा, “हमारी एलपीजी की जरूरत का बहुत बड़ा हिस्सा पश्चिम एशिया से ही आता है, इसलिए इससे सप्लाई प्रभावित हुआ है। हालांकि, भारत सरकार ने हर संभव प्रयास किया है कि किसी भी उपभोक्ता को पेट्रोलियम पदार्थों की दिक्कत न हो। किसी भी डिस्ट्रीब्यूटर के पास एलपीजी ड्राईआउट की खबर नहीं है। हम लगभग 50 लाख सिलिंडर की डिलिवरी हर रोज दे रहे हैं। पिछले पांच हफ्ते में लगभग 18 करोड़ घरों को एलपीजी सिलिंडर पहुंचाया गया है। ऑनलाइन बुकिंग 97% है।” उन्होंने ताया कि ब्लैक मार्केटिंग रोकने के लिए डिलिवरी ऑथेंटिकेशन की व्यवस्था की गई है। हमारे डिस्ट्रीब्यूटर छुट्टी और रविवार के दिन भी काम कर रहे हैं।
भारतीय नाविक सुरक्षित
ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखने के साथ-साथ सरकार महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर भी पैनी नजर बनाए हुए है। राजनयिक स्तर पर, विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने पश्चिम एशियाई संकट को लेकर संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), कतर और ईरान के विदेश मंत्रियों के साथ अहम चर्चा की है, जिसकी पुष्टि विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने की है।
व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने महत्वपूर्ण आंकड़े साझा किए हैं:
- पश्चिमी फारस की खाड़ी क्षेत्र में वर्तमान में 16 भारतीय ध्वज वाले जहाज मौजूद हैं, जिन पर 433 भारतीय नाविक तैनात हैं और सभी सुरक्षित हैं।
- पिछले 24 घंटों में भारतीय जहाजों से जुड़ी किसी भी दुर्घटना की कोई रिपोर्ट नहीं है।
- एलपीजी ले जाने वाले दो भारतीय जहाज, ‘ग्रीन संघवी’ और ‘ग्रीन आशा’, सुरक्षित रूप से तनावग्रस्त ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ से गुजर चुके हैं।
खाद्यान्न का बफर स्टॉक मानकों से तीन गुना ज्यादा
वैश्विक आपूर्ति संकट के बीच भारत की खाद्य सुरक्षा भी बेहद मजबूत स्थिति में है। खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग की संयुक्त सचिव सी. शिखा के अनुसार, देश के पास गेहूं और चावल का पर्याप्त बफर स्टॉक मौजूद है, जो निर्धारित मानकों का तीन गुना है।
वर्तमान में सरकार के पास 222 लाख मीट्रिक टन गेहूं और 380 LMT चावल उपलब्ध है, जिससे कुल खाद्यान्न भंडार 602 LMT के पार पहुंच गया है। यह विशाल स्टॉक सार्वजनिक वितरण प्रणाली के साथ-साथ किसी भी आपातकालीन जरूरत को पूरा करने के लिए पर्याप्त है। इसके अलावा, इंडोनेशिया, मलेशिया, रूस, यूक्रेन, अर्जेंटीना और ब्राजील जैसे प्रमुख भागीदार देशों से खाद्य तेलों का आयात स्थिर बना हुआ है, और घरेलू स्तर पर सरसों के बेहतर उत्पादन ने भी आपूर्ति को मजबूत किया है।
पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक संकट ने वैश्विक ऊर्जा और आपूर्ति श्रृंखलाओं के लिए गंभीर चुनौतियां खड़ी की हैं। हालांकि, पेट्रोलियम, नौवहन और खाद्य मंत्रालय के अधिकारियों के बयानों से स्पष्ट है कि भारत सरकार का समन्वित दृष्टिकोण अर्थव्यवस्था और उपभोक्ताओं को सुरक्षित रखने में कारगर साबित हो रहा है। सरकार स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रही है और आवश्यकता पड़ने पर बाजार में हस्तक्षेप करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
LPG लदे दो और भारतीय जहाजों ने पार किया होर्मुज
जहाज और जलमार्ग मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने कहा कि इस क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं. पिछले 24 घंटों में भारतीय झंडे वाले जहाजों से जुड़ी कोई घटना सामने नहीं आई है. पिछले दो दिनों में, LPG ले जा रहे भारतीय झंडे वाले दो जहाज- ग्रीन संघवी और ग्रीन आशा होमुर्ज जलडमरूमध्य से सुरक्षित रूप से पार कर लिया है. पश्चिमी फारसी खाड़ी क्षेत्र में भारतीय झंडे वाले 16 जहाज मौजूद हैं, जिन पर 433 भारतीय नाविक सवार हैं. मंत्रालय नाविकों के कल्याण और समुद्री परिचालन में कोई रुकावट न आए, यह सुनिश्चित करने के लिए विदेश मंत्रालय, भारतीय मिशनों और समुद्री क्षेत्र से जुड़े अन्य पक्षों के साथ लगातार समन्वय बनाए हुए है.
‘गेहूं के लिए, हमारे पास लगभग 222 LMT स्टॉक’
उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग में संयुक्त सचिव, सी. शिखा ने कहा कि हमारे पास गेहूं और चावल दोनों का पर्याप्त बफर स्टॉक है, जो बफर स्टॉक के तय मानकों से तीन गुना ज़्यादा है. गेहूं के लिए, हमारे पास लगभग 222 LMT स्टॉक है. चावल के लिए, हमारे पास लगभग 380 LMT स्टॉक है तो कुल मिलाकर, हमारे पास लगभग 602 LMT खाद्य स्टॉक उपलब्ध है. यह PDS की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए, और साथ ही किसी भी आपातकालीन ज़रूरत (यदि कोई हो) को पूरा करने के लिए भी काफी है.
सी. शिखा ने कहा कि हमारे मुख्य साझेदारों से आयात लगातार जारी है. इन मुख्य साझेदारों में इंडोनेशिया, मलेशिया, रूस, यूक्रेन, अर्जेंटीना और ब्राजील शामिल हैं. सरसों के उत्पादन में सुधार से घरेलू आपूर्ति मजबूत हुई है. कुल मिलाकर आपूर्ति स्थिर बनी हुई है. सरकार इस पर बारीकी से नजर रखना जारी रखेगी और जरूरत पड़ने पर हस्तक्षेप भी करेगी.
’35 दिनों में देश में 18 करोड़ घरों में एलपीजी पहुंचाई गई’
पेट्रोलियम मंत्रालय के संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि युद्ध की वजह से एलपीजी की सप्लाई बाधित हुई है. लेकिन हमारे पास देश में एलपीजी की पर्याप्त सप्लाई है. एडिशनल कार्गो भी tie-up किए गए. 35 दिनों में देश में 18 करोड़ घरों में एलपीजी पहुंचाई गई है. पिछले तीन हफ्ते के दौरान 42 लाख 19- किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर सप्लाई किए गए हैं. 5kg FTL सिलेंडर रविवार को 90,000 बेचे गए.







