राजस्थान के भिवाड़ी में हुए पटाखा विस्फोट कांड में एक और घायल मजदूर की इलाज के दौरान मौत हो गई. मृतक की पहचान हरसिद्धि के अनूप कुमार के रूप में हुई है, जो दिल्ली के एम्स में भर्ती थे. उनकी मौत की खबर मिलते ही घर में कोहराम मच गया. इस हादसे में हरसिद्धि के अब तक पांच युवकों की पहले ही जान जा चुकी है. वहीं मृतक श्याम कुमार का शव देखकर उनकी नानी जगपाती देवी को हार्ट अटैक आ गया, जिससे उनकी भी मौत हो गई. इस घटना से पूरे इलाके में शोक का माहौल है.
दरअसल, राजस्थान के भिवाड़ी स्थित पटाखा फैक्ट्री में 16 फरवरी को भीषण विस्फोट हुआ। इसमें बिहार के मोतिहारी जिले के 8 मजदूरों की मौत हो गई। इसमें से 7 मजदूरों का शव रविवार को गांव पहुंचा। इन सभी का अंतिम संस्कार कर दिया गया है। वहीं, आंठवे मजदूर का शव आज सोमवार को मोतिहारी पहुंचेगा।
गारमेंट यूनिट की आड़ में चल रहा था अवैध पटाखा कारोबार
जांच में खुलासा हुआ कि फैक्ट्री कागजों पर गारमेंट निर्माण के लिए रजिस्टर्ड थी, लेकिन वास्तव में यहां अवैध पटाखे बनाए जा रहे थे. बिना किसी लाइसेंस के बारूद का भंडारण किया गया था, जिसके कारण आग लगते ही एक के बाद एक कई विस्फोट हुए. सुरक्षा मानकों की पूरी तरह अनदेखी की गई थी, जिससे हादसा इतना भयानक हो गया.
मुख्य आरोपी समेत तीन गिरफ्तार, आगे जांच जारी
पुलिस ने फैक्ट्री संचालक हेमंत सचदेवा को मुख्य आरोपी मानते हुए हेमंत कुमार शर्मा और अभिनंदन तिवारी को गिरफ्तार किया है. तीनों को पुलिस रिमांड पर लिया गया है और 25 फरवरी को कोर्ट में पेश किया जाएगा. पूछताछ में अवैध रैकेट और अन्य लोगों के नाम सामने आ रहे हैं.
औद्योगिक सुरक्षा पर गंभीर सवाल, जांच तेज
यह हादसा औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल रहा है. अवैध फैक्ट्रियों, बिना लाइसेंस बारूद भंडारण और मजदूरों की सुरक्षा की अनदेखी अब बड़ा खतरा बन चुकी है. प्रशासन ने सख्त जांच के आदेश दिए हैं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की तैयारी है.
भिवाड़ी के खुशखेड़ा-कारौली औद्योगिक क्षेत्र में अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट और आग की घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 8 हो गई है. हादसे में गंभीर रूप से झुलसे मजदूर अनूप सिंह का रविवार तड़के दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया. इससे पहले घटनास्थल पर ही 7 मजदूरों की मौत हो चुकी थी. यह हादसा 20 फरवरी की रात को हुआ था, जिसमें फैक्ट्री में कई धमाके हुए और आग तेजी से फैल गई.
90% झुलसे दो मजदूरों में से एक की मौत
हादसे में सबसे ज्यादा झुलसे अनूप सिंह और झुन्नू थे, दोनों के शरीर पर करीब 90 प्रतिशत जलन थी. अनूप सिंह को दिल्ली रेफर किया गया था, लेकिन डॉक्टरों की पूरी कोशिश के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी. झुन्नू की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है और वह आईसीयू में डॉक्टरों की निगरानी में है. अन्य घायलों का इलाज भिवाड़ी और अलवर के अस्पतालों में चल रहा है.
डीएनए जांच के बाद शव परिजनों को सौंपे, बिहार भेजे गए
मृतकों में ज्यादातर मजदूर बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के निवासी थे. चूंकि शव बुरी तरह झुलस गए थे, इसलिए पहचान के लिए डीएनए सैंपल लिए गए थे. रिपोर्ट आने के बाद सभी 7 शव परिजनों को सौंप दिए गए. प्रशासन ने शवों को बिहार भेजने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था की और परिजनों के लिए एक निजी बस भी उपलब्ध कराई. परिजन गहरे सदमे में हैं और मुआवजे व न्याय की मांग कर रहे हैं.







