विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार के अपराधियों में कोई डर नहीं है। पुलिस प्रशासन का डर नहीं रह गया है। अपराधी निर्भय होकर घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। यादव गुरुवार को विस में राज्यपाल के अभिभाषण पर अपना पक्ष रख रहे थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में इस समय लोकतंत्र नहीं, धनतंत्र काम कर रहा है। राज्य में अपराध चरम पर है और अपराधियों की जगह आमलोग भयभीत हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने के लिए आंदोलन करने को कहा और दावा किया कि इसके लिए वह भी सहयोग को तैयार हैं। पैर में चोट के कारण भाषण देने में परेशानी के मद्देनजर अध्यक्ष की अनुमति से उन्होंने सीट पर बैठककर बात पूरी की। कहा कि चुनाव में जनता हार गई और सत्ता तंत्र जीत गया। आरोप लगाया कि आपने लोकतंत्र को डर तंत्र में बदल दिया है। कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। हर दिन बड़ी-बड़ी घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने नीट छात्रा समेत कई घटनाओं का विस्तार से जिक्र किया। दावा किया कि सरकार हर मामले को ठंडा करने में लगी हुई है। चुनौती देते हुए कहा कि इतना विकास हो रहा तो सरकार बताए कि किस चीज में बिहार नम्बर वन है?यादव ने राज्य में आरक्षण की सीमा 85%करने के लिए कानून बनाने की वकालत की और कहा कि सरकार को इसके लिए पहल करनी चाहिए। उन्होंने चुनाव से पहले नीतीश सरकार द्वारा दी गई रियायतों का जिक्र किया। दावा किया कि यह सब हमारी घोषणाओं की कॉपी थी। आरोप लगाया कि सूबे में सत्तारूढ़ एनडीए ने विस चुनाव में महागठबंधन को हराने के लिए 40 हजार करोड़ खर्च किए। कहा कि फिलहाल समय आपके साथ है पर हमारा दौर भी आएगा। विपक्ष के नेता ने कहा कि चुनाव खत्म होते ही केंद्र सरकार भी बिहार को भूल गई है।







