अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ईरान को लेकर क्या प्लान है? उन्हें छोड़कर इस सवाल का जवाब शायद ही किसी के पास हो. एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान को परमाणु वार्ता के लिए ओमान में बुला लिया है तो दूसरी तरफ वो अटैक का सिग्नल दे रहे हैं. दरअसल अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने अपने नागरिकों को चेतावनी दी है कि वो तुरंत ईरान छोड़ दें. ईरान के लिए अमेरिका के वर्चुअल दूतावास बने नई ट्रेवल एडवाइजरी जारी की है. इसमें ईरान में अमेरिकी नागरिकों से कहा गया है कि वे ईरान से निकलने के लिए ऐसी योजना तैयार करें जो अमेरिकी सरकार की मदद पर निर्भर न हो.
1979 की इस्लामिक क्रांति और तेहरान में अमेरिकी दूतावास के साथ हुए बंधक संकट के बाद से दोनों देशों के बीच दुश्मनी की स्थिति है. हालांकि ईरान में दिसंबर 2025 के अंत में जब बड़े पैमाने के आंदोलन शुरू हुआ तो ट्रंप ने धमकी दे दी कि अगर प्रदर्शनकारियों पर खूनी कार्रवाई हुई तो अमेरिका ईरान पर हमला कर देगा. उसके बाद से दोनों के बीच तनाव चरम पर है.
अमेरिका ने पहले ही मिडिल ईस्ट में हजारों सैनिकों और अपने जंगी जहाज के बड़े को भेज दिया है. ट्रंप ने कहा है कि मैंने ईरान की ओर अपने “आर्मडा” को भेजा है, जिसमें एक विमान वाहक पोत के साथ-साथ अन्य युद्धपोतों के साथ-साथ लड़ाकू जेट भी शामिल हैं. ट्रंप एक तरफ परमाणु वार्ता पर जोर दे रहे हैं तो दूसरी तरफ वो अपने नागरिकों को ईरान से निकाल भी रहे हैं. यह असमंजस में डाल कर रहा कि अमेरिका ईरान से बात करना चाहता है या हमला.
अमेरिका की नई ट्रेवल एडवाइजरी
अमेरिका की तरफ से जारी एडवाइजरी ने अमेरिकियों से कहा गया है कि वे अब ईरान छोड़ दें. ईरान छोड़ने की एक ऐसी योजना बनाएं जो अमेरिकी सरकार की मदद पर निर्भर न हो. यानी अपने दम पर ईरान से निकलने का प्लान बना लें. इसमें कहा गया है कि अमेरिकी नागरिक नागरिक जान लें कि ईरान में लगातार इंटरनेट बंद किया जा सकता है. इसलिए, उन्हें कम्युनिकेशन के लिए वैकल्पिक तैयारी करना चाहिए और यदि ऐसा करना सुरक्षित है, तो ईरान से जमीन के रास्ते आर्मेनिया या तुर्की जाने पर विचार करें.







