साल 2025 खत्म होने वाला है। ये साल कुछ राजनीतिक पार्टियों के लिए बेहद खास रहा। कुछ राजनीतिक पार्टियों के लिए किसी सदमे से भी कम नहीं रहा। इस साल यानी 2025 में देश के दो राज्यों में विधानसभा के चुनाव हुए। सबसे पहले फरवरी में दिल्ली में विधानसभा के चुनाव हुए। साल के जाते-जाते नवंबर के महीने में बिहार में विधानसभा के चुनाव हुए।
दोनों ही राज्यों में बीजेपी को तगड़ा फायदा
इन दोनों ही राज्यों में बीजेपी को तगड़ा फायदा हुआ है। दिल्ली में बीजेपी आम आदमी पार्टी को हराकर सत्ता में काबिज हो गई। वहीं, बिहार में भी बीजेपी ने इस बार ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। बिहार में फिर से एक बार एनडीए की सरकार बनी है।
दोनों ही राज्यों के चुनाव में कांग्रेस को खासा नुकसान
यदि बात की जाए 2025 के दो राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव की तो कांग्रेस को खासा नुकसान हुआ है। दो प्रमुख विधानसभा चुनाव यानी दिल्ली और बिहार में कांग्रेस को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा। इन चुनावों में कांग्रेस ने कुल मिलाकर मात्र 6 सीटें ही जीत सकीं, जो पार्टी के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। दिल्ली में तो कांग्रेस का खाता तक नहीं खुला, जबकि बिहार में महज 6 सीटों पर ही सफलता मिली है।
दिल्ली में 27 साल बाद बीजेपी की वापसी
70 विधानसभा सीटों वाले दिल्ली विधानसभा चुनाव फरवरी 2025 में हुए थे। इसमें भाजपा की बड़ी जीत मिली थी। बीजेपी ने 48 सीटों पर जीत दर्ज की। 27 साल बाद दिल्ली में बीजेपी की सत्ता में वापसी हुई। आम आदमी पार्टी (AAP) सिर्फ 22 सीटें ही जीत सकी। दिल्ली की सत्ता आम आदमी पार्टी के हाथ से चली गई।
दिल्ली में कांग्रेस को मिलीं 0 सीटें
दिल्ली में कांग्रेस लगातार तीसरी बार विधानसभा में अपना खाता नहीं खोल सकी। पार्टी ने सभी 70 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन एक भी सीट नहीं जीत पाई। अरविंद केजरीवाल जैसे बड़े नेता भी हार गए, लेकिन कांग्रेस के लिए यह चुनाव पूरी तरह निराशाजनक रहा।
बिहार में कांग्रेस जीतीं 6 सीटें
243 सीटों वाली बिहार विधानसभा चुनाव नवंबर 2025 में हुए थे। बिहार चुनाव में NDA की प्रचंड जीत हुई। एनडीए ने 202 सीटें जीतीं। महागठबंधन को करारी हार का सामना करना पड़ा। बिहार में कांग्रेस सिर्फ 6 सीटें ही जीत सकी। बिहार में कांग्रेस ने महागठबंधन के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था।
कुल 313 विधानसभा सीटों में कांग्रेस को मिलीं सिर्फ 6 सीटें
कुल मिलाकर 2025 में कांग्रेस की सीटों की बात करें तो दिल्ली और बिहार दोनों राज्यों की 313 विधानसभा सीटों (70 दिल्ली + 243 बिहार) में कांग्रेस ने कुल 6 सीटें जीतीं। कांग्रेस ने 6 सीटें बिहार से ही जीती हैं। दिल्ली में कांग्रेस ने जीरो सीटें जीतीं। बिहार में कांग्रेस ने 6 सीटें जीतीं। दो राज्यों के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का ये आंकड़ा पार्टी के गिरते ग्राफ को दर्शाता है। ये बीजेपी द्वारा गढ़े ‘कांग्रेस मुक्त भारत’ के नारे को नई ताकत देता दिख रहा है।







