गोवा में जिला पंचायत की 50 सीटों पर हुए चुनाव के नतीजे आज घोषित किए जाएंगे। सोमवार सुबह 8 बजे से वोटों की गिनती जारी है। यहां मतदान बैलेट पेपर के जरिए हुआ, इस चुनाव में EVM का इस्तेमाल नहीं हुआ। गोवा में 20 दिसंबर को हुए जिला पंचायत चुनावों में 71% वोटिंग हुई थी। कुल 226 उम्मीदवारों की किस्मत बैलेट बॉक्स में बंद हो गई थी। यहां 50 सीटों के लिए 1,284 बूथों पर मतदान हुआ। राज्य चुनाव आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, लगभग 8 लाख मतदाताओं में से 70.81 फीसदी ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।
बीजेपी ने किन 9 सीटों पर जीत हासिल की?
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने गोवा में Honda, Siolim, Latambarcem, Querim, Taleigao, Xeldem, Usgao-Ganjem, Sancoale, Sanvordem जिला पंचायत सीटों पर जीत हासिल की है।
BJP ने 9 सीटों पर जीत हासिल की, कांग्रेस ने 3 सीटें जीतीं
दोपहर 1:55 बजे तक, गोवा जिला पंचायत चुनाव नतीजों में बीजेपी 9 सीटों पर जीत हासिल करके आगे चल रही है। कांग्रेस ने अब तक तीन सीटें जीती हैं, जबकि RGP और MGP ने एक-एक सीट जीती है। निर्दलीय उम्मीदवार भी एक सीट जीतने में कामयाब रहे हैं। वोटों की गिनती अभी भी जारी है।
बीजेपी का 7 सीटों के साथ दबदबा
बीजेपी ने अब तक सात जिला पंचायत सीटें जीत ली हैं, जबकि कांग्रेस ने दो सीटें और RGP ने एक सीट जीती है। नॉर्थ गोवा जिले की सोकोर्रो जिला पंचायत सीट पर भी बीजेपी के उम्मीदवार अमित असनोडकर आगे चल रहे हैं।
226 उम्मीदवारों की किस्मत का पिटारा खुलेगा
भाजपा, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (AAP), गोवा फॉरवर्ड पार्टी (GFP), महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी और रिवोल्यूशनरी गोअंस पार्टी ने अपने उम्मीदवार मैदान में उतारे थे। कांग्रेस और गोवा फॉरवर्ड पार्टी ने चुनावी गठबंधन किया है। कुल 226 उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा हैं, जिनमें उत्तर गोवा से 111 और दक्षिण गोवा से 115 उम्मीदवार शामिल हैं। इनमें से 62 उम्मीदवार निर्दलीय हैं। सत्तारूढ़ भाजपा ने 40 सीटों पर चुनाव लड़ा, जबकि आप और कांग्रेस ने क्रमशः 42 और 36 सीट में उम्मीदवार उतारे। गोवा फॉरवर्ड पार्टी नौ सीट पर चुनाव मैदान में है।
बैलेट पेपर से मतदान
राज्य निर्वाचन आयोग ने उत्तर और दक्षिण गोवा में कुल 15 मतगणना केंद्र निर्धारित किए हैं। संबंधित तालुकों की जिला पंचायत सीटों की गिनती इन्हीं केंद्रों पर की जाएगी और पूरी प्रक्रिया निर्वाचन आयोग की निगरानी में होगी। चूंकि यह चुनाव पूरी तरह मतपत्रों के माध्यम से कराया गया है, इसलिए मतगणना प्रक्रिया में अपेक्षाकृत अधिक समय लग सकता है।







