ऑपरेशन सिंदूर को लेकर कांग्रेस नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण के विवादास्पद बयान से उपजे राजनीतिक घमासान के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एयरफोर्स की बहादुरी और जनता के सशस्त्र बलों पर अटूट विश्वास की प्रशंसा की है. गुरुवार को नई दिल्ली में एयर फोर्स कमांडर्स कॉनक्लेव को संबोधित करते हुए राजनाथ ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने भारत की उच्च प्रभाव वाली, कम अवधि वाली सैन्य क्षमता का प्रदर्शन किया. उन्होंने एयरफोर्स की साहस, गति और सटीकता की तारीफ की, जिससे पाकिस्तान में आतंकी कैंपों को नष्ट किया गया और पाकिस्तान की गैर-जिम्मेदाराना प्रतिक्रिया को प्रभावी ढंग से संभाला गया.
विवाद की शुरुआत चव्हाण के उस बयान से हुई जिसमें उन्होंने दावा किया कि ऑपरेशन सिंदूर के पहले दिन भारत पूरी तरह हार गया था. चव्हाण ने कहा कि पहले दिन के हवाई संघर्ष में भारतीय विमान गिराए गए और वायु सेना को पूरी तरह ग्राउंडेड कर दिया गया. उन्होंने माफी मांगने से इनकार कर दिया और कहा कि माफी का सवाल ही नहीं उठता. संविधान मुझे सवाल पूछने का अधिकार देता है.
कांग्रेस पर पाकिस्तान की भाषा बोलने का आरोप
भाजपा ने इसे सेना का अपमान बताते हुए कड़ी निंदा की है. भाजपा नेताओं ने चव्हाण पर देशद्रोही होने का आरोप लगाया और कांग्रेस को पाकिस्तान की भाषा बोलने वाला बताया. कांग्रेस ने खुद को चव्हाण के बयान से दूर कर लिया, लेकिन उनके सवाल उठाने के अधिकार का बचाव किया.
गुरुवार को रक्षा मंत्री ने जनता के विश्वास पर जोर देते हुए कहा कि आमतौर पर जब दुश्मन हमला करता है तो लोग छिप जाते हैं. लेकिन जब पाकिस्तानी सेनाओं ने भारतीय ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की, तो भारत के लोग शांत रहे और अपनी दैनिक दिनचर्या जारी रखी. यह हर भारतीय का हमारी ऑपरेशनल तैयारी पर विश्वास का प्रमाण है. सिंह ने एयरफोर्स को तकनीकी रूप से उन्नत, ऑपरेशनली चुस्त, रणनीतिक रूप से आत्मविश्वासी और भविष्य-उन्मुख बल बताया.
ऑपरेशन सिंदूर से सबक लेने की जरूरत
उन्होंने कमांडर्स से ऑपरेशन सिंदूर से सबक लेने और भविष्य की हर चुनौती से निपटने के लिए तैयार रहने का आग्रह किया. राजनाथ ने रूस-यूक्रेन युद्ध, इजरायल-हमास संघर्ष, बालाकोट एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र कर कहा कि वायु शक्ति आधुनिक युद्ध में निर्णायक बल बन गई है. उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर को तीनों सेनाओं में सहयोग का शानदार उदाहरण बताया. ऑपरेशन सिंदूर मई 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में शुरू किया गया था, जिसमें 26 नागरिक मारे गए थे. भारत ने पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए, जबकि पाकिस्तान की जवाबी कार्रवाई को नाकाम बनाया.
यह ऑपरेशन भारत की संयमित लेकिन दृढ़ नीति का प्रतीक बना. रक्षा मंत्री के बयान को चव्हाण के विवाद के संदर्भ में अप्रत्यक्ष जवाब माना जा रहा है, जो सेना की सफलता पर सवाल उठाते हैं. कॉनक्लेव में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान और एयरफोर्स के सीनियर कमांडर्स मौजूद थे. सिंह ने आत्मनिर्भरता और नवाचार पर भी जोर दिया.







